खांसने के बाद 50 प्रतिशत भारतीय हाथ नहीं धोते
कोलकाता, 13 सितम्बर (आईएएनएस)। भारत में कम से कम 50 प्रतिशत लोग खांसने और छींकने के बाद अपने हाथों को नहीं धोते हैं। यह जानकारी शुक्रवार को जारी एक अध्ययन रिपोर्ट से मिली।
डेटॉल लिक्विड एंटीसेप्टिक के निर्माता 'रेस्किट बेंकिशर (इंडिया) लिमिटेड' और 'ग्लोबल हायजेनिक काउंसिल' (जीएचसी) के एक संयुक्त अध्ययन से पता चला कि भारत के 78 प्रतिशत घरों की सतहों पर बैक्टीरिया का स्तर असंतोषजनक है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि यहां के 90 प्रतिशत रसोई घरों की सतह पर, 83 प्रतिशत रसोई घरों के सिंक और 85 प्रतिशत नलों में अत्यधिक रूप में बैक्टीरिया पाए जाते हैं।
अध्ययन के अनुसार केवल छह प्रतिशत भारतीय यह मानने को तैयार हैं कि रसोई घरों में लगे नल बीमारी फैला सकते हैं। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2006 में शुरू हुए इस संयुक्त अध्ययन को देश के छह महानगरों में तीन विभिन्न स्तरों पर चलाया गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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