ऋतुराज की मनोदशा जानने के लिए मनोरोग विशेषज्ञों का सहारा
भोपाल, 4 अगस्त (आईएएनएस)। छिंदवाड़ा के संत आसाराम बापू गुरुकुल के इंदुमति विद्या निकेतन में हुई दो बच्चों की हत्या का आरोपी गुरुभाई निकला है। इस 14 साल के बच्चे ने अपने दो साथियों का जब कत्ल किया होगा तब उसकी मनोदशा किस तरह की रही होगी यह जानने के लिए पुलिस मनोरोग विशेषज्ञों की मदद ले रही है। इतना ही नहीं पुलिस यह भी जानना चाहती है कि आरोपी ऋतुराज की मानसिक स्थिति क्या है।
रविवार को जबलपुर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक एम़ आऱ कृष्णा ने आश्रम के बाथरूम में मृत मिले राम कृष्ण यादव और वेदान्त नामक छात्र की हत्या का आरोपी एक छात्र को ही बताया तो हर तरफ से सवाल भी उठने लगे कि 14 साल का बालक अपने दो साथियों की हत्या कर सकता है? अगर उसने ऐसा किया है तो क्या सिर्फ आश्रम से घर जाने का ही मात्र कारण है।
पुलिस ने वेदान्त के शरीर पर मिले दातों के निशान का 'टीथ प्रिन्ट' बनाया और इसके लिए आश्रम के संदिग्ध चार छात्रों के दातों के नमूने लिए। कृष्णा ने आईएएनएस को बताया हैं कि वेदान्त के शरीर पर मिले दातों के निशान और ऋतुराज के दात एक ही पाए गए। इसके अतिरिक्त अन्य रिपोर्टो की जो प्रारंभिक जानकारी उन तक आई और जब ऋतुराज से पूछताछ की गई तो हकीकत खुलकर सामने आ गई।
ऋतुराज के परिजन अपने बेटे को निर्दोश करार दे रहे हैं और कहते हैं कि किसी और को बचाने के लिए उनके बेटे को बलि का बकरा बना दिया गया है। वहीं दूसरी ओर कृष्णा का कहना है कि कोई भी आरोपी और उसका परिजन कभी भी यह नहीं स्वीकारता कि उसने किसी की हत्या की है। वे उल्टा सवाल करते हैं कि ऋतुराज आश्रम के ऊपरी हिस्से में रहता था तो वह नीचे किस लिए आया था और वेदान्त के शरीर पर उसके दातों के निशान कैसे आए।
ऋतुराज के परिजन और पुलिस दोनों मानते हैं कि उसकी मानसिक स्थिति पूरी तरह ठीक नहीं हैं। कृष्णा कहते हैं कि पुलिस भी उस तह तक जाना चाहती हैं जिससे ऋतुराज की मानसिक स्थिति को जाना जा सके। केवल 14 साल की उम्र में कोई बच्चा दो हत्याएं कर दे इसे वे भी सामान्य घटना मानने को तैयार नहीं हैं। इसीलिए ऋतुराज की मानसिक स्थिति का आंकलन करने के लिए मनोरोग विशेषज्ञों की मदद ले रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।











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