आनंदपुर साहिब के निवासियों ने भगदड़ पीड़ितों की मदद की
आनंदपुर साहिब (पंजाब), 4 अगस्त (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश के नैना देवी मंदिर में भगदड़ के शिकार मृतकों और घायलों के परिजनों की सहायता करने के लिए इस छोटे से कस्बे के नागरिक भारी संख्या में सामने आए।
आनंदपुर साहिब (पंजाब), 4 अगस्त (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश के नैना देवी मंदिर में भगदड़ के शिकार मृतकों और घायलों के परिजनों की सहायता करने के लिए इस छोटे से कस्बे के नागरिक भारी संख्या में सामने आए।
भगदड़ के शिकार लोगों के परिजनों को राहत उपलब्ध करवाने का नेतृत्व 'बाबा लाभ सिंह कारसेवा' नामक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) ने किया। संगठन के स्वयंसेवकों में शामिल पुरुषों, महिलाओं और बच्चों ने रविवार को नैना देवी से लाए गए शवों को उतारने में प्रशासन की मदद की। स्वयंसेवकों ने अपने रिश्तेदारों की पहचान के लिए अस्पताल आए लोगों को उनकी आवश्यकता की सुविधाएं उपलब्ध कराईं।
एनजीओ ने अस्पताल में शवों की पहचान करने आए लोगों के रहने और खाने का प्रबंध किया।
बाबा लाभ सिंह कारसेवा के अग्रणी स्वयंसेवक जरनैल सिंह ने आईएएनएस को बताया, "यहां खाना, चाय, पानी, बिस्कुट और कपड़ों के साथ ही लोगों की जरूरत के लिए जो भी आवश्यक है उन सभी चीजों का बंदोबस्त है। यह हम सबके लिए चुनौती का समय है और सभी को मिलकर इसका सामना करना है।"
उन्होंने बताया कि पूरे पंजाब से स्वंसेवकों को बुलाया गया है। मृतकों के परिजनों के लिए बसों, ट्रकों, कारों और जीपों सहित करीब 50 वाहनों का इंतजाम किया गया है।
राहत कार्यो पर ध्यान केंद्रित करने के लिए एनजीओ ने आनंदपुर साहिब में स्वयं द्वारा संचालित स्कूलों में आज छुट्टी घोषित कर दी है।
एनजीओ के वाहन शवों की पहचान और पोस्टमार्टम के बाद उनको पंजाब के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचाने के काम में लगे हैं। अस्पताल के बाहर अंधेरा होने के कारण वहां पर जेनरेटर और लैंपों की व्यवस्था भी की गई है।
भगदड़ पीड़ितों के परिजनों तक शीघ्र सूचना पहुंचाने के लिए एक लाउडस्पीकर भी लगाया गया है। एनजीओ ने राहत कार्य में लगे पुलिस और प्रशासन के कर्मचारियों के लिए भी खाने का प्रबंध किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।











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