'जीतेगी भाजपा, जीतेगा भारत' नारे के साथ आडवाणी ने फूंका चुनावी बिगुल
नई दिल्ली, 2 जून (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार लालकृष्ण आडवाणी ने दिल्ली स्थित संसदीय सौंध में रविवार को शुरू हुई पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक का समापन करते हुए लोकसभा चुनाव का बिगुल भी फूंक दिया।
अपने समापन भाषण में आडवाणी ने गुजरात चुनाव के नारे 'जीतेगा गुजरात' की तर्ज पर लोकसभा चुनाव के लिए 'जीतेगी भाजपा, जीतेगा भारत' का नारा बुलंद किया। उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ताओं से अपील की कि चुनावी दौड़ में कांग्रेस से आगे निकल चुकी भाजपा को पूर्ण विजेता के रूप में ढालने के लिए वह अपना एक भी दिन व्यर्थ न जाने दें, एक भी काम न छोड़ें और एक भी जीतने योग्य सीट हाथ से न निकलने दें।
आडवाणी ने अपने भाषण के दौरान दावा किया कि चुनाव दर चुनाव सिकुड़ती जा रही कांग्रेस के साथ ही 2009 में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार का अंत हो जाएगा। उन्होंने उन कारकों को भी गिनाया जो भाजपा के पक्ष में हैं। उनके मुताबिक एक कमजोर सरकार, एक अधिकार विहीन प्रधानमंत्री तथा अवसरवादी कांग्रेस-वामपंथ समझौता भारत के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं।
आडवाणी ने कहा, "एक बार फिर भाजपा के लिए समय आया है कि वह अपनी अंतर्निहत शक्ति को पहचाने। हमारा अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन वर्ष 1999 में लोकसभा की 182 सीटों की जीत के साथ हुआ था। वर्ष 2009 में हमारी संख्या वर्ष 2004 की तुलना में आगे जाने तक ही सीमित न रहकर वर्ष 1999 के रिकार्ड को भी तोड़ने वाली होनी चाहिए।"
उन्होंने पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं व नेताओं से अपील की और कहा कि चुनावों में अब मात्र 272 दिन बचे हैं। इन बचे दिनों में समाज के सभी वर्गो विशेषकर युवा वर्ग को जिनकी संख्या दस करोड़ के आसपास है और जो मतदाता के रूप में पहली बार आगामी लोकसभा चुनाव में मतदान करेंगे, को पार्टी से जोड़ने का प्रयास किया जाना चाहिए। इसके अलावा मुसलमान और ईसाई समुदाय को भी पार्टी से जोड़ने का प्रयास होना चाहिए।
उन्होंने कार्यकर्ताओं को यह नसीहत भी दी कि आज परिस्थिति भाजपा के अनुकूल है। यह उत्साहवर्धक भी है। लेकिन हमें ध्यान रखना चाहिए कि हम आत्मविश्वास से लबरेज जरूर रहे लेकिन अति उत्साह का शिकार न हो जाएं।
इससे पहले आडवाणी ने कर्नाटक विजय के लिए मुख्यमंत्री येदियुरप्पा, पार्टी महासचिव अनंत कुमार, चुनाव प्रभारी अरुण जेटली समेत तमाम कार्यकताओं को बधाई दी। उन्होंने कर्नाटक की जीत के लिए सुषमा स्वराज को यह कहते हुए विशेष रूप से धन्यवाद दिया कि जब उन्होंने बेल्लारी से लोकसभा के लिए चुनाव लड़ा और आश्चर्यजनक रूप से धारा प्रवाह कन्नड़ बोली, तब से कर्नाटक के घर-घर में उनके नाम को लोग जानते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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