प्रांतीय. उडीसा विधानसभा श्रद्धांजलि दो अंतिम भुवनेश्वर..
नसभा श्रद्धांजलि दो अंतिम भुवनेश्वर .. श्री भंडारे ने कहा कि वास्तविक आजादी का अर्थ भूख. डर और लालच से आजादी है तथा आर्थिक प्रगति एवं मानवाधिकारों को साथ..साथ चलना चाहिए
इस मौके पर मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा कि 1857 से पहले भी उडीसा ने अंग्रेजों का जमकर प्रतिरोध किया था और 1803 में राज्य पर कब्जा करने के उनके मंसूबों को नाकाम कर दिया था
उन्होंने यह घोषणा भी की कि उस लडाई में अपनी जान गंवाने वाले आजादी के मतवालों की याद में राज्य सरकार 50 लाख रुपए की लागत से एक गैलरी की स्थापना करेगी
विधानसभा अध्यक्ष महेश्वर मोहन्ती ने कहा कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम से पहले भी उडीसा में बि्रटिश हुकूमत के खिलाफ संघर्ष छेडा गया था और इसी वजह से इतिहासकारों ने उडीसा को विशेष दर्जा दिया था
इस दौरान विपक्ष के नेता जे वी पटनायक ने भी स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों के योगदान का जिक्र किया
आज के इस विशेष सत्र में कई स्वतंत्रता सेनानियों को विधानसभा अध्यक्ष ने सम्मानित किया और राज्यपाल ने उस संग्राम में उडीसा के योगदान का उल्लेख करने वाली एक उडीसा भाषी पुस्तक का विमोचन भी किया
जितेन्द्र सत्या समरेन्द्र रामलाल1817 .वार्ता.












Click it and Unblock the Notifications