Success Story: विधि सत्संग परिवार है सरकारी नौकरियों की खान, 150 को बनाया मजिस्ट्रेट-लीगल ऑफिसर
Vidhi Satsang Churu: राजस्थान के चूरू जिला मुख्यालय पर अग्रसेन नगर में एक भवन है, जिसको विधि सत्संग परिवार के नाम से भी जाना जाता है। यह जगह सरकारी नौकरियों की खान है। 14 मई को घोषित आरपीएससी की कनिष्ठ विधि अधिकारी भर्ती परीक्षा 2023 में भी यहां के 13 युवाओं ने बाजी मारी है।
विधि सत्संग परिवार की सफलता का अंदाजा इस बात से सहज लगा लीजिए कि यहां से तैयारी करके पिछले 12 साल लगभग 150 युवक-युवतियां मजिस्ट्रेट, लीगल अफसर व सहायक अभियोजन जैसे पदों पर सरकारी नौकरी लग चुके हैं। करीब 300 युवा अभी भी यहां से तैयारी कर रहे हैं।

क्या है विधि सत्संग परिवार?
वनइंडिया हिंदी से बातचीत में महेंद्र कुमार सैनी बताते हैं कि विधि सत्संग परिवार एक तरह से नो प्रोफिट नो लॉस की संस्था है, जिसमें विधि संकाय के युवाओं को राजस्थान लोक सेवा आयोग समेत विधि क्षेत्र में अन्य तरह की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी ऑफलाइन व ऑनलाइन करवाई जाती है। यहां से तैयारी करवाने वालों को भोजन व आवास की व्यवस्था अपने स्तर पर करनी होती है।

विधि सत्संग परिवार में कैसे होती है तैयारी?
विधि सत्संग परिवार ज्वाइन करने वालों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी गांव महनसर निवासी महेंद्र कुमार सैनी करवाते हैं। सैनी चूरू में लीगल अफसर हैं। पहले चंद्रशेखर पारीक भी तैयारी करवाते थे। इनके अलावा सीनियर अभ्यर्थी भी जूनियर अभ्यर्थियों को पढ़ाते हैं।

महावीर सिंह यादव के प्रयास ला रहे रंग
महेंद्र कुमार सैनी के अनुसार चूरू में विधि सत्संग परिवार बनने की कहानी बड़ी दिलचस्प है। यह महावीर सिंह यादव के प्रयासों का नतीजा है। दरअसल, हरियाणा के महेंद्रगढ़ के गांव ढाणा निवासी महावीर सिंह यादव ने साल 1986 में आरजेएस व प्रोफेसर परीक्षा में टॉप किया था। उन्होंने प्रोफेसर बनना तय किया।

चूरू विधि महाविद्यालय प्रिंसिपल रहे यादव
साल 1991 में महावीर सिंह यादव ने बतौर प्रोफेसर चूरू का विधि महाविद्यालय ज्वाइन किया। फिर वे यहां के प्रिंसिपल भी बने और गुरुदेव के नाम से भी पहचान बनाई। वे विधि महाविद्यालय के बच्चों को अपने स्तर पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी करवाया करते थे। कभी महाविद्यालय तो कभी पार्क में।
गुरुदेव के बाद चंद्रशेखर पारीक पढ़ाने लगे
सीकर जिले के फतेहपुर के चंद्रशेखर पारीक के पिता बजरंग लाल पारीक श्रीगंगानगर में सीआईडी में थानेदार थे। उनका ट्रांसफर चूरू हो गया तो बेटा चंद्रशेखर पारीक गुरुदेव यादव के पास लॉ की पढाई करने लगा। साल 2005 में चंद्रशेखर पारीक का चयन कनिष्ठ विधि अधिकारी पद पर चयन हुआ। चूरू में पोस्टिंग के दौरान वे भी गुरुदेव के साथ विधि के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाने लगे।

साल 2012 में गुरुदेव का निधन
साल 2012 में गुरुदेव महावीर सिंह यादव का निधन हो गया, मगर उनकी जलाई शिक्षा की ज्योत को चंद्रशेखर पारीक ने बुझने नहीं दिया। अपने सरकारी आवास या जहां जगह मिलती, वहां बच्चों को तैयारी करवाते रहे। कोरोना महामारी के दौरान चंद्रशेखर पारीक के पिता ने चूरू के अग्रसेन नगर में मकान खरीदा, जो वर्तमान में विधि सत्संग परीवार के नाम से भी जाना जाता है। यहां बच्चे तैयारी करते हैं।
साल 2024 में ये बने कनिष्ठ विधि अधिकारी
1 बलबीर सैनी, रैंक 6
2 ममता स्वामी, रैंक 115

3 रामकिशन, रैंक 71

4 पोषिता पंवार, रैंक 36

5 पूनम अग्रवाल, रैंक 26

6 सपना कोठारी, रैंक 77

7 रूबी सोनी, रैंक 34

8 पुष्पा, रैंक 78

9 राजनंदिनी, रैंक 37

10 शालू शेखावत, रैंक 60

11 ममता गहलोत, रैंक 61

12 श्वेता स्वामी, रैंक 40

13 सरिता, रैंक 58

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