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केरल बाढ़ पीड़ितों के लिए इस IAS अफसर ने ली निजी छुट्टी, बिना पहचान बताए दिन-रात करता रहा काम

केरल ने पिछले महीने सदी की सबसे भयानक त्रासदी का सामना किया। पिछले 100 सालों में आई सबसे खतरनाक बाढ़ से केरल का हर जिला तबाह हो गया। 300 से ज्यादा लोग इस तबाही में मारे गए और लाखों लोग बेघर हो गए।

Kerala Floods

तिरुवनंतपुरम। केरल ने पिछले महीने सदी की सबसे भयानक त्रासदी का सामना किया। पिछले 100 सालों में आई सबसे खतरनाक बाढ़ से केरल का हर जिला तबाह हो गया। 300 से ज्यादा लोग इस तबाही में मारे गए और लाखों लोग बेघर हो गए। विपत्ति कि इस स्थिति में जवानों के अलावा देशभर से कई एनजीओ और वॉलिंटियर्स केरल बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आए। इनमें से एक थे कनन गोपीनाथन, जिन्होंने कई दिनों तक बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए काम किया।

निजी छु्ट्टी लेकर किया काम

निजी छु्ट्टी लेकर किया काम

कनन गोपीनाथन कई दिनों तक केरल में काम करते रहे और किसी को मालूम ही नहीं चला कि वो दादर और नागर हवेली के जिला कलेक्टर हैं। दादर और नागर हवेली में तैनात गोपीनाथन ने केरल बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए निजी छुट्टी ली। उन्होंने केएसआरटीसी की बसों में सफर किया और 10 दिनों में पांच जिले कवर किए। इन पांच जिलों में गोपीनाथन ने बिना अपनी पहचान बताए बाढ़ पीड़ितों के लिए काम किया।

परिवार को भी नहीं लगने दी भनक

परिवार को भी नहीं लगने दी भनक

केरल के कोट्टयम के रहने वाले गोपीनाथन वहां पीड़ितों के लिए मदद कर रहे हैं, ये बात उनके परिवार वाले भी नहीं जानते थे। वो दिन-रात पीड़ितों के लिए राहत बचाव का काम करते रहे और उनके आईएएस होने की किसी को भनक तक नहीं लगी। जब एर्नाकुलम के कलेक्टर केबीपीएस प्रेस में आए तब उन्होंने गोपीनाथन को पहचाना और तब जाकर वहां के वॉलियंटियर्स को गोपीनाथन के बारे में मालूम चला।

पहले भी काम के लिए हो चुकी है तारीफ

पहले भी काम के लिए हो चुकी है तारीफ

गोपीनाथन से जब भी लोग उनकी पहचान के बारे में पूछते थे, वो किसी एनजीओ का नाम ले लेते थे और कहते थे कि वो उसके सदस्य हैं। गोपीनाथन ने दादर और नागर हवेली से केरल बाढ़ पीड़ितों के लिए 1 करोड़ और राहत सामग्री भी इकट्ठा करवाई। कनन गोपीनाथन की अपने कार्य को लेकर पहले भी तारीफ हो चुकी है। जब वो मिजोरम में आईजॉल के कलेक्टर थे तो प्राकृतिक तबाही से बचने के लिए उन्होंने ऐसा मोबाइल ऐप बनाया था जिससे लोगों को पहले ही अलर्ट मिल जाता।

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