'राजस्थान की छोरी बनी हरियाणा के पूर्व सीएम की बहू', UPSC में 30वीं रैंक लाकर रचा था इतिहास, जानें कौन हैं?
IAS Pari Bishnoi : देश में नायाब ऐसे चेहरे हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत से खुद को आम से खास बनाया है, इन लोगों ने साबित किया है कि अगर लगन हो और मेहनत निरंतर हो तो कोई भी मुश्किल बड़ी नहीं और इंसान वो सबकुछ पा सकता है, जिसकी वो ख्वाहिश रखता है। सक्सेस स्टोरी के इस सेगमेंट मे हम आज बात करेंगे देश के उस होनहार और खूबसूरत चेहरे की, जिसने साबित कर दिया कि 'म्हारी छोरियां छोरों से कम नहीं।'
जी हां, यहां बात हो रही है परी बिश्नोई कि जिन्होंने राजस्थान के बीकानेर जिले के छोटे से गांव काकड़ा से निकलकर देश की सबसे कठिन परीक्षा, यूपीएससी, में सफलता ही नहीं प्राप्त की बल्कि 30 रैंक लाकर एक नया इतिहास रचा और आज वो करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा बन गई हैं।

परी केवल नाम की ही परी नहीं हैं बल्कि वो अपने नाम और काम दोनों से ही एंजेल हैं। आपको बता दें कि 26 फरवरी 1996 को काकड़ा में जन्मी परी, बिश्नोई समाज की पहली महिला हैं, जो कि 23 साल की उम्र में आईएएस बनी हैं।
IAS Pari Bishnoi हैं हरियाणा के पूर्व सीएम की बहू
उनकी शादी हरियाणा के पूर्व सीएम भजन लाल के पोते भव्य विश्नोई से हुई है। दोनों ने साल 2023 में उदयपुर में शाही अंदाज में शादी की थी। गौरतलब है कि परी का ससुराल संभ्रात सियासी परिवार रहा है।

पहली नजर में ही हुई थी मोहब्बत
कहते हैं कि परी और भव्य ने पहली नजर में ही एक-दूसरे को पसंद कर लिया था। हालांकि ये रिश्ता दोनों के परिवारवालों ने कराया था। दोनों के रिश्ते का खुलासा तब हुआ जब इन दोनों की सगाई 2023 में हुई, इसके बाद इनकी रॉयल वेडिंग की चर्चा पूरे भारत में होती रही। मालूम हो कि भव्य विश्वनोंई भी हरियाणा के हसिार जिले की आदमपुर से भाजपा के पूर्व विधायक रह चुके हैं। दोनो फरवरी 2025 में एक बेटी के मम्मी-पापा बने हैं।

UPSC से पहले नेट-जेआरएफ की परीक्षा पास की (IAS Pari Bishnoi )
मालूम हो कि परी शुरू से ही काफी मेघावी रही हैं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के इंद्रप्रस्थ महिला कॉलेज से स्नातक किया और नेट-जेआरएफ की परीक्षा पास की थी, इसके बाद उनका रूझान अधिकारी बनने का हो गया। उन्होंने यूपीएसएसी की तैयारी शुरू कर दी, हालांकि उनको सफलता तीसरे प्रयास में मिली लेकिन इस बार उन्होंने 30वीं रैंक हासिल करके सफलता का नया इतिहास लिखा और ये साबित किया अगर लक्ष्य को पाना है तो लगातार मेहनत करते रहना है।

Pari Bishnoi ने यूपीएसएसी की तैयारी में सबकुछ भूला दिया
उनके जानने वाले कहते हैं कि परी ने यूपीएसएसी की तैयारी में सबकुछ भूला दिया था, वो एक साध्वी की तरह जीवन व्यतीत करती थीं। आपको बता दें कि परी के पिता मनीराम बिश्नोई एक वकील हैं और मां सुशीला बिश्नोई GRP थानाधिकारी रही हैं। उनके दादा काकड़ा के 4 बाद सरपंच रह चुके हैं।
UPSC की तैयारी के लिए सुझाव
परी इच्छुक उम्मीदवारों को सभी विषयों की एनसीईआरटी (राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद) की पुस्तकों का गहन अध्ययन करने की सलाह देती हैं। उनका मानना है कि परीक्षा की तैयारी के लिए पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र हल करना और मॉक टेस्ट देना आवश्यक है। नियमित अध्ययन और उत्तर लेखन अभ्यास के अलावा, प्रभावी तैयारी के लिए समय प्रबंधन भी महत्वपूर्ण है।












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