अखबार बेचकर पाला परिवार, फिर भगवान ने ली ऐसी परीक्षा कि... बिना UPSC दिए IAS बना ये शख्स? जानें सफलता का रहस्य
IAS B Abdul Nasar success story: सिविल सेवा परीक्षा एक ऐसा एग्जाम है, जिसे सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है। सालों साल की तैयारी और कठिन परिश्रम होता है, जो आपको आईएएस के पद पर पहुंचाता है। कई छात्र ऐसे हैं, जो कोचिंग इंस्टीट्यूट में मोटी फीस देते हैं मगर IAS बन पाना हर किसी के बस की बात कहां है। बिना कोचिंग के परीक्षा पास करना काफी चुनौती भरा होता है। मगर एक ऐसे आईएएस हैं, जिन्होंने इस चुनौती को ऐसे पार किया, जो सबके लिए प्रेरणा बन गया।
हम बात कर रहे हैं आईएएस अधिकारी बी अब्दुल नासर की। जिन्होंने आईएएस के पद तक पहुंचने के लिए कठिन परिश्रम किया। मगर क्या आप जानते हैं कि इस पद तक पहुंचने के लिए उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा पास नहीं की। जी हां! कैसे... चलिये आपको बताते हैं।

केरल के कन्नूर जिले के थलास्सेरी के रहने वाले नासर सिर्फ 5 साल के थे, जब उन्होंने अपने पिता को खो दिया था। वे और उनके भाई-बहन अनाथालय में रहते थे। उनकी मां जैसे तैसे परिवार पालती थीं। कई चुनौतियां आईं, मगर नासर ने 13 साल अनाथालय में बिताकर स्कूल खत्म किया। इसके बाद वे क्लीनर और होटल सप्लायर का काम करने लगे। ताकि परिवार की कुछ मदद हो सके।
इसके बाद उन्होंने थालास्सेरी के ही सरकारी कॉलेज से ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। नासर ने अखबार बेचा और साथ ही ट्यूशन भी पढ़ाई। इसके बाद वे केरल के स्वास्थ्य विभाग में सरकारी नौकरी लगे। कठिन परिश्रम के बावजूद भी प्रमोशन उन्हें धीरे धीरे मिला। इसके बाद आकर कहीं साल 2006 में वे राज्य सिविल सेवा में डिप्टी कलेक्शन की भूमिका तक पहुंचे।
साल 2015 का समय था, जब वे केरल के टॉप डिप्टी कलेक्टर बने। इसके बाद उन्हें साल 2017 में आईएएस के पद पर प्रमोशन मिला। इस तरह बिना सिविल सर्विसेज की परीक्षा दिए वे आईएएस अधिकारी बने। हालांकि ये जर्नी काफी मुश्किलों भरी रही है। मगर आईएएस नासर को लोग प्रेरणा मानते हैं।












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