Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम में आज से हुए कई बदलाव, जानिए उससे जुड़ी हर बात

नई दिल्ली: उपभोक्ताओं को केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है। जिसके तहत उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के कई प्रावधानों में बदलाव किया गया है। इसको लेकर नोटिफिकेशन भी जारी हो गया है, जो आज यानी 20 जुलाई से लागू होगा। इसमें सबसे बड़ा बदलाव विज्ञापन को लेकर किया गया है। अगर अब कोई भी कंपनी विज्ञापन में हवा हवाई दावे करेगी या फिर ग्राहकों को गुमराह करेगी, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

Recommended Video

    Modi Govt. ने Consumer Protection act में किए बदलाव,धोखाधड़ी करने वालों की खैर नहीं | वनइंडिया हिंदी
    जिला फोरम का नाम बदला

    जिला फोरम का नाम बदला

    नए अधिनियम के मुताबिक अब जिला फोरम का नाम बदलकर जिला आयोग कर दिया गया है। पहले यहां पर 20 लाख तक के मामलों की सुनवाई होती थी, लेकिन अब 1 करोड़ तक की सुनवाई हो सकेगी। इसके अलावा राज्य आयोग 10 करोड़ तक के मामलों की सुनवाई कर सकता है। अगर कोई मामला 10 करोड़ से भी ज्यादा का है तो उसके लिए राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निस्तारण आयोग को जिम्मेदारी दी गई है। नए नियमों के तहत एक पेशेवर मध्यस्थ को नियुक्त किया जा सकता है, जो पार्टियों के बीच सहमति बनवाएगा।

    ऑनलाइन याचिका कर सकते हैं दायर

    ऑनलाइन याचिका कर सकते हैं दायर

    अगर जिला आयोग किसी कंपनी पर जुर्माना लगाता है और उसे राज्य आयोग में अपील दायर करनी है, तो उसे पहले जुर्माने का 50 प्रतिशत जमा करना होगा। अधिनियम में एक बड़ा बदलाव और हुआ है, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। पहले जहां पर दूसरा पक्ष रहता था, उपभोक्ता को वहीं पर जाकर याचिका दायर करनी पड़ती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। नए अधिनियम के मुताबिक उपभोक्ता सुविधा अनुसार अपनी लोकेशन से मामला दर्ज करवा सकता है। सरकार ने साफ किया है कि अभी उपभोक्ता सिर्फ ऑनलाइन याचिका दायर कर सकता है। वर्चुअल यानी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई का कोई प्रावधान नहीं है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही वर्चुअल सुनवाई को लेकर भी कोई फैसला आ सकता है।

    प्वाइंटर के जरिए आसानी से समझें बदलाव

    प्वाइंटर के जरिए आसानी से समझें बदलाव

    • जिला फोरम का नाम अब जिला आयोग हुआ।
    • जिला आयोग एक करोड़ तक के मामलों की सुनवाई कर सकेगा।
    • वहीं राज्य आयोग 10 करोड़ तक के मामलों को सुन सकेगा।
    • 10 करोड़ से ज्यादा का मामला है तो वो राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निस्तारण आयोग में जाएगा।
    • उपभोक्ता जहां भी रहता है वहां से शिकायत दर्ज करवा सकता है।
    • राज्य आयोग में अगर जिला आयोग के फैसले को चुनौती देनी है, तो जितना जुर्माना लगा होगा, उसका 50 प्रतिशत जमा करना होगा।

    More From
    Prev
    Next
    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+