Valentine Day 2025: इन देशों में वैलेंटाइन डे है पूरी तरह से बैन, मनाने पर हो सकती है सजा, जानें कैसे
Valentine Day 2025: वैलेंटाइन डे जो कि देश और दुनिया में 14 फरवरी को मनाया जाता है। इस खास दिन लड़का और लड़की अपने प्यार का इजहार करते हैं। 7 फरवरी से वैलेंटाइन वीक शुरू होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हर देश में वैलेंटाइन डे नहीं मनाया जाता है। आइए जानते हैं उन देशों के बारे में जहां वैलेंटाइन डे पूरी तरह से बैन है या इसे मनाने के खिलाफ सख्त कानून लागू किए गए हैं।
1. सऊदी अरब
सऊदी अरब में वैलेंटाइन डे मनाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। यह देश अपनी सख्त इस्लामी संस्कृति और शरीयत कानूनों के कारण जाना जाता है। यहां का मानना है कि यह पश्चिमी परंपरा इस्लामिक मूल्यों के खिलाफ है। सऊदी सरकार ने सालों पहले आदेश जारी किया था कि कोई भी वैलेंटाइन डे से संबंधित वस्तुएं, जैसे गुलाब, कार्ड, या गिफ्ट्स, बेचना या खरीदना गैरकानूनी है। इसके बावजूद, कुछ युवा इसे चोरी-छिपे मनाने की कोशिश करते हैं, लेकिन सरकार द्वारा सख्ती से इसकी निगरानी की जाती है।

2. ईरान
ईरान में भी वैलेंटाइन डे मनाने पर प्रतिबंध है। यहां का धार्मिक नेतृत्व इसे एक पश्चिमी विचारधारा के रूप में देखता है, जिसे ईरानी संस्कृति और इस्लामी मूल्यों से बाहर माना जाता है। ईरान सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि वैलेंटाइन डे को मनाने से देश में पारिवारिक मूल्यों को खतरा हो सकता है और यह समाज में प्रेम और रिश्तों के प्रति गलत संदेश भेज सकता है।
3. पाकिस्तान
पाकिस्तान में भी वैलेंटाइन डे को बैन किया गया है। यहां पर सार्वजनिक स्थानों पर वैलेंटाइन डे के प्रचार-प्रसार पर प्रतिबंध लगा दिया गया। हालांकि, कुछ लोग इसे निजी तौर पर मनाने की कोशिश करते हैं, लेकिन सार्वजनिक रूप से इसका उत्सव मनाना पूरी तरह से प्रतिबंधित है।
4. यूएई
यूएई में भी वैलेंटाइन डे का जश्न कुछ हद तक प्रतिबंधित है। हालांकि, यहां पूरी तरह से इसे बैन नहीं किया गया है, लेकिन इस दिन के दौरान कुछ कड़े दिशा-निर्देश लागू किए जाते हैं। होटल्स, शॉप्स और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर इस दिन को मनाने की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाती है, और अगर किसी स्थान पर अवैध गतिविधि होती है तो उन्हें भारी जुर्माना या सजा हो सकती है।
5. अफगानिस्तान
अफगानिस्तान में वैलेंटाइन डे को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। यहां इस दिन को मनाना न केवल गैरकानूनी माना जाता है, बल्कि इसे समाज में 'गलत विचार' फैलाने के रूप में भी देखा जाता है। अफगानिस्तान के धार्मिक नेताओं ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है।












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