Shardiya Navatri 2025: नवरात्रि पर घर को इको-फ्रेंडली तरीके से सजाएं, अपनाएं ये 8 टिप्स
Shardiya Navatri 2025: शारदीय नवरात्रि का पर्व 9 दिनों तक देवी शक्ति की आराधना और उत्सव का समय होता है। इन दिनों हर घर में माता रानी की चौकी सजती है, पूजा-पाठ होता है और वातावरण भक्ति औरपॉजिटिव एनर्जी से भर जाता है।
इको-फ्रेंडली तरीके से मनाएं नवरात्रि
परंपरा के साथ-साथ अब लोग इस पर्व को इको-फ्रेंडली तरीके से मनाने पर भी जोर दे रहे हैं ताकि उत्सव का आनंद लेने के साथ-साथ पर्यावरण का भी ख्याल रखा जा सके।

नवरात्रि पर ऐसे करें अपने घर की सजावट
-नवरात्रि केवल भक्ति और उत्सव का पर्व ही नहीं, बल्कि ये प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का भी अवसर है। यदि हम सजावट के लिए प्लास्टिक और कृत्रिम चीजों की बजाय प्राकृतिक, दोबारा इस्तेमाल में आने योग्य और इको-फ्रेंडली विकल्पों का चुनाव करें तो ये पर्यावरण की रक्षा में बड़ा योगदान होगा।
-अगर आप इस शारदीय नवरात्रि में घर को सजाना चाहते हैं, तो यहां कुछ इको-फ्रेंडली डेकोरेशन आइडियाज दिए जा रहे हैं, जिन्हें अपनाकर आप अपने घर को सुंदर भी बना सकते हैं और प्रकृति की रक्षा भी कर सकते हैं।
नवरात्रि पर इको-फ्रेंडली डेकोरेशन आइडियाज
1. प्राकृतिक फूलों से सजावट
नवरात्रि पर घर सजाने का सबसे सरल और सुंदर तरीका है ताजे फूलों का इस्तेमाल। गेंदे, गुलाब, रजनीगंधा और कमल के फूल पूजा स्थल और घर की शोभा को बढ़ा देते हैं। फूलों की माला बनाकर दरवाजों और खिड़कियों पर टांगे जा सकते हैं। इससे न केवल घर खूबसूरत लगेगा बल्कि वातावरण भी सुगंधित और ताजगी से भरा रहेगा।
2. पत्तों और तोरण का इस्तेमाल
नारियल के पत्ते, आम की डालियां और अशोक पत्तों से बने तोरण प्राचीन परंपरा का हिस्सा रहे हैं। ये देखने में सुंदर होते हैं और साथ ही नेगेटिव एनर्जी को भी दूर करते हैं। आजकल बाजार में प्लास्टिक तोरण आसानी से मिल जाते हैं, लेकिन पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए प्राकृतिक पत्तों के तोरण का चुनाव करना ही सही होता है।
3. मिट्टी और बांस की सजावटी वस्तुएं
नवरात्रि की सजावट में मिट्टी और बांस से बनी वस्तुएं शामिल करना एक बेहतरीन आइडिया है। मिट्टी के दीये, बांस की टोकरियां, छोटी-छोटी हैंगिंग डेकोरेटिव आइटम्स घर की रौनक बढ़ाते हैं। इन्हें बाद में भी दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है और ये बिल्कुल प्रदूषण नहीं फैलाते हैं।
4. हैंडमेड चीजों से करें सजावट
नवरात्रि में आप बच्चों और परिवार के साथ मिलकर DIY डेकोरेशन कर सकते हैं। पुराने अखबार, रंगीन कागज, कार्डबोर्ड और फैब्रिक का इस्तेमाल करके खूबसूरत वॉल हैंगिंग, रंगोली डिजाइन और पेपर लैम्प बना सकते हैं। ये न केवल पर्यावरण हितैषी है, बल्कि बच्चों के लिए क्रिएटिव एक्टिविटी भी बन सकती है।
5. रंगोली में प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल
नवरात्रि पर रंगोली बनाना शुभ माना जाता है। रंगोली बनाने के लिए कृत्रिम और केमिकल रंगों की बजाय हल्दी, चावल का आटा, फूलों की पंखुड़ियां और सूखे पत्तों का इस्तेमाल करें। ये रंगोली को आकर्षक और रंगीन बनाएंगे और पर्यावरण को भी नुकसान नहीं पहुंचाएंगे।
6. कपड़े की लाइटिंग और पर्दे
नवरात्रि पर घर सजाने के लिए अक्सर लोग इलेक्ट्रिक सीरियल लाइट का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इसकी जगह आप कॉटन फैब्रिक लाइट शेड्स या रंगीन पर्दों का इस्तेमाल कर सकते हैं। ये घर को गरिमा और आभा से भर देंगे और बिजली की खपत भी कम होगी।
7. पीतल और तांबे के बर्तन
प्लास्टिक की पूजा सामग्री की बजाय पीतल और तांबे के दीपक, कलश और थाल का इस्तेमाल करें। ये न केवल देखने में पारंपरिक और आकर्षक होते हैं बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माने जाते हैं। इसके अलावा इन्हें बार-बार इस्तेमाल में लिया जा सकता है।
8. गमलों और पौधों से सजावट
घर के कोनों, खिड़कियों और बालकनी को हरे-भरे पौधों और सजावटी गमलों से सजाएं। मनी प्लांट, तुलसी, एलोवेरा और छोटे-छोटे फूलों के पौधे घर की सुंदरता बढ़ाने के साथ-साथ वातावरण को शुद्ध करेंगे।












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