Rath Yatra 2025: रथ यात्रा पर घर पर बनाएं ये 4 खास पकवान, स्वाद और आस्था का होगा संगम
Rath Yatra 2025: भारत की सांस्कृतिक परंपराओं में रथ यात्रा एक बेहद पावन और उत्साहपूर्ण पर्व माना जाता है। इस दिन भगवान जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा की रथ यात्रा निकलती है जिसमें लाखों श्रद्धालु भगवान के दर्शन और रथ को खींचने के लिए जुटते हैं।
रथ यात्रा पर घर पर बनाएं ये खास डिशेज
ओडिशा के पुरी में रथ यात्रा बेहद भव्य तरीके से मनाई जाती है। वहीं देशभर के श्रद्धालु इसे अपने-अपने घरों में भी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाते हैं। इस पावन अवसर पर पूजा-अर्चना के साथ कुछ खास पारंपरिक व्यंजन भी बनाए जाते हैं जो न केवल स्वाद में खास होते हैं, बल्कि इनमें आस्था और परंपरा का भी मेल होता है।

शरीर और आत्मा को शुद्ध करते हैं ये व्यंजन
-रथ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारे खानपान और जीवनशैली को शुद्ध करने का एक अवसर भी है। इस दिन बनाए गए खास पकवान जहां स्वाद की संतुष्टि देते हैं, वहीं शरीर और आत्मा को भी शुद्ध करते हैं।
-ऐसे में इस रथ यात्रा पर आप भी अपने घर पर इन व्यंजनों को तैयार कर 'भक्ति और स्वाद' का अनुभव लें। आइए आपको बताते हैं कि रथ यात्रा के दिन घर पर कौन-कौन से विशेष पकवान बनाए जा सकते हैं।
रथ यात्रा पर घर पर बनाएं ये 4 खास पकवान
1. खिचड़ी- सादगी में छिपा स्वाद
रथ यात्रा के दिन भगवान जगन्नाथ को उनके प्रिय खाने खिचड़ी का भोग लगाएं। मूंग दाल और चावल से बनी ये साधारण मगर पौष्टिक डिश शरीर को डिटॉक्स करने में भी मदद करती है। साथ में देसी घी और हल्के मसालों से बनी ये खिचड़ी स्वाद में भी भरपूर होती है और इसे पापड़, टमाटर की चटनी या दही के साथ परोसा जाता है।
खिचड़ी हल्की और पाचन योग्य होती है, इसलिए उपवास या धार्मिक दिनों में इसे खाना पेट के लिए लाभकारी होता है।
2. खाजा- जगन्नाथ मंदिर का प्रसिद्ध प्रसाद
पुरी का प्रसिद्ध प्रसाद खाजा रथ यात्रा पर खास तौर पर घरों में भी तैयार किया जाता है। मैदा, चीनी और देसी घी से बना ये कुरकुरा मिठा व्यंजन भगवान को चढ़ाया जाता है और भक्तों में प्रसाद के रूप में बांटा जाता है। इसे घर पर शुद्ध सामग्री से तैयार किया जाए तो यह बच्चों और बड़ों दोनों के लिए सेहतमंद ट्रीट बन सकती है।
3. दही पाना- ठंडक और एनर्जी का स्रोत
रथ यात्रा गर्मियों में आती है। ऐसे में दही पाना (छाछ या मसाला मट्ठा) शरीर को ठंडक देने वाला पारंपरिक पेय है। इसे धनिया, पुदीना और जीरा पाउडर के साथ परोसा जाता है। ये ड्रिंक शरीर को हाईड्रेट करता है और पाचन में मदद करता है, जो व्रत या पूजा के व्यस्त दिन में जरूरी है।
4. सादा आलू की सब्जी और पूरी
पूजा के भोग में अक्सर सिंपल आलू की सब्जी और घी में बनी पूरियां भी शामिल की जाती हैं। ये कॉम्बिनेशन बेहद स्वादिष्ट होता है और हर उम्र के लोग इसे पसंद करते हैं। बिना लहसुन-प्याज की ये डिश व्रत के दिनों में भी उपयुक्त होती है और आसानी से घर पर तैयार हो जाती है।
क्यों खास है ये पकवान?
इन पकवानों की सबसे बड़ी खासियत है कि ये सभी सात्विक भोजन की श्रेणी में आते हैं यानी बिना प्याज-लहसुन, हल्के मसाले और शुद्ध देसी घी या तेल में तैयार किए जाते हैं। ये न केवल शरीर को एनर्जी देते हैं, बल्कि मानसिक शांति और पवित्रता भी प्रदान करते हैं। रथ यात्रा जैसे धार्मिक अवसरों पर इस तरह का खाना हमें अपनी संस्कृति से जोड़ता है और हमें एक हेल्दी, सिंपल और संतुलित जीवन की ओर भी प्रेरित करता है।












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