Work Stress: काम का ज्यादा लोड लेना हो सकता है खतरनाक, जानें क्या कहती है स्टडी
Health Issues due to Workload: काम का दबाव भला किसके ऊपर नहीं होता। कई बार ये आपकी पर्सनल लाइफ को भी कई तरह से प्रभावित करता है। एक वक्त था जब लोगों में ऑफिस के काम का इतना लोड नहीं होता था। मगर बीते कुछ सालों में ये लोड इतना बढ़ा है कि ये आपकी शारीरिक सेहत के साथ-साथ मेंटल हेल्थ पर भी बुरा असर डालता है।
नौ घंटे की स्ट्रेसफुल टाइमिंग ज्यादा काम का लोड लेने से अकसर आपकी सेहत पर बहुत बुरा असर डालता है। हमें पता भी नहीं चलता और हम कई तरह की बीमारियों से ग्रसित हो जाते हैं। जैसे कि मोटापा, डायबिटीज, नींद की कमी और दिल की बीमारियां जैसी परेशानियां होने लगता है।

दफ्तार में काम करते हुए ज्यादा लोड लेने से अकसर कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।दफ्तार में काम करते हुए ज्यादा लोड लेने से अकसर कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं। कई बार पर्याप्त आराम ना मिलने की वजह से चीजें लंबे समय तक याद नहीं रहतीं। ऐसा करने से आपके काम करने की क्षमता में भी काफी गिरावट आती है।
ऐसे में आपके लिए निजी जीवन औऱ कामकाजी जीवन में संतुलन बनाना बेहद मुश्किल हो जाता है और ऐसे में आपके रिश्तों में तनाव आने लगता है। बेंगलुरू की एक हेल्थकेयर कंपनी ने कर्मचारियों की भावनात्मक स्वास्थ्य स्थिति विषय पर अपने ताजा सर्वे में पाया गया कि 21 से 30 साल के बीच के कर्मचारी सबसे ज्यादा तनावग्रस्त रहते हैं।
पिछले महीने ही ये सर्वे किया गया है, जिसमें करीबन 5 हजार कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। जिसमें कई तरह के कर्मचारी शामिल थे। एक महिला ने बताया कि ज्यादा लोड की वजह से उसे हेल्थ इश्यूज होने लगे। इसके बाद लगातार दूसरों की आलोचना और तनाव जैसी चीजें होने लगी। इसमें छोटी-छोटी चीजों में भी डर लग जाना जैसी चीजें भी शामिल थीं।
स्टडी में ये भी बताया गया है कि ज्यादा तनाव लेने से दिमाग की नसें सिकुड़ने लगती हैं। दिमाग का नर्वस सिस्टम अच्छी तरह से काम नहीं करता है। कोर्टिसोल हार्मोन में बदलाव आता है। वो डैमेज हो जाता है।












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