लैपटॉप से सीधा मर्दानगी पर पड़ रहा है असर! 30 साल के पुरुष हो जाएं सावधान
चाहे कोई भी या फिर कैसा भी काम हो, गैजेट्स हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं। लैपटॉप की बात करें तो इसके बिना जैसे रोजमर्रा के काम अधूरे से लगते हैं। मगर क्या आप जानते हैं कि लैपटॉप जैसे गैजेट्स का सीधा-सीधा मर्दानगी के साथ कनेक्शन है? जी हां! लैपटॉप जैसे गैजेट्स इस्तेमाल करने वाले 30 साल या फिर उसके आसपास की उम्र के लड़कों को ये खबर जरूर पढ़नी चाहिए।
लैपटॉप का प्रजनन क्षमता से कनेक्शन
आजकल का लाइफस्टाइल ऐसा हो चुका है कि सेहत का ख्याल रख पाना किसी के लिए भी मुश्किल होता जा रहा है। स्मार्टफोन और लैपटॉप जैसे गैजेट्स से दूरी बना पाना लगभग नामुमकिन सा लगता है। अब एक स्टडी में ये बात सामने आई है कि लैपटॉप के इस्तेमाल से पुरुषों की प्रजनन क्षमता प्रभावित होती है।

न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, कनिका मल्होत्रा बताती हैं कि अगर लैपटॉप को गोद में रखकर इसका इस्तेमाल किया जाता है तो इससे अंडकोष का तापमान बढ़ने का खतरा बन जाता है। शुक्राणु को बनाने के लिए जिस तापमान की जरूरत होती है, शरीर के तापमान से वो थोड़ा कम होता है। ऐसे में लैपटॉप को काफी देर तक गोद में रखने से अंडकोष के आसपास के हिस्सों का तापमान बढ़ सकता है, जिससे स्पर्म काउंट में कमी आ सकती है और फर्टिलिटी घट सकती है।
कैसे कम करें ये खतरा?
अगर 30 साल या फिर उनके आसपास के पुरुष फैमिली प्लानिंग के बारे में सोच रहे हैं तो उन्हें अपनी गोद में लैपटॉप रखकर काम करने की आदत से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। इससे रिप्रोडक्टिव हेल्थ पर बहुत बुरा असर पड़ सकता है। डॉक्टर्स ऐसी सलाह देते हैं कि अगर आपको लंबे समय तक लैपटॉप पर काम करना ही है तो उसके नीचे कूलिंग पैड रखिये। या फिर लैपटॉप को टेबल पर रखकर काम करना चाहिए।












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