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Air Pollution Precaution: बुजर्गों को जहरीले प्रदूषण से बचाने की आसान टिप्स, एक्सपर्ट ने दी सलाह

Air Pollution Precaution: हर साल दिवाली के बाद या कहें ठंड की शुरुआत में दिल्ली की हवा धुएं और जहरीले कणों का मिश्रण बन जाती है। खासकर बुजुर्गों के लिए यह सिर्फ परेशानी नहीं, बल्कि खतरे का संकेत है। अस्थमा, ब्रोंकाइटिस या हृदय रोग से पीड़ित लोगों के लिए हर सांस लेना मुश्किल हो जाता है। बढ़े हुए PM2.5 स्तर सांस की नलियों को जाम करते हैं, बलगम को गाढ़ा कर देते हैं और शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा घटा देते हैं।

Air Pollution Precaution

इसका मतलब है कि रोजमर्रा के सामान्य काम भी थकावट भरे लगने लगते हैं। यह घबराने का नहीं, बल्कि सावधानी और तैयारी का समय है। सही दिनचर्या, सही खानपान और कुछ घरेलू उपाय आपकी मदद कर सकते हैं। इस रिपोर्ट में आप जानिए किस तरह के उपाय से आप अपने घर के बुजुर्गों को इस जहरीली हवा से बचा सकते हैं।

घर की हवा को रखें साफ
अक्सर लोग सोचते हैं कि घर के अंदर रहना सुरक्षित है, लेकिन अगर हवा बंद हो जाए तो घर के भीतर की हवा भी उतनी ही प्रदूषित हो सकती है। ऐसे में कम स्मॉग वाले दिनों में खिड़कियां खोलकर घर को वेंटिलेट करें। एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें और अरेका पाम या पीस लिली जैसे पौधे घर में लगाएं - ये हवा को प्राकृतिक रूप से शुद्ध करते हैं। अगर डॉक्टर ने इनहेलर या नेबुलाइज़र दिया है, तो उसका इस्तेमाल करने से पहले उसे अच्छी तरह साफ करें। गंदी हवा और गंदा उपकरण मिलकर संक्रमण का खतरा बढ़ा सकते हैं।

हाइड्रेशन और पौष्टिक आहार
प्रदूषण से शरीर डिहाइड्रेट हो जाता है और श्वसन नलियों में जलन बढ़ जाती है। इसका सबसे अच्छा इलाज है पानी। दिनभर गुनगुना पानी पिएं, उसमें तुलसी या हल्दी मिलाएं। चाय या कॉफी की जगह अदरक या मुलाठी की हर्बल चाय लें। खानपान में आंवला, अमरूद, पालक, बादाम और अखरोट शामिल करें - इनमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर की कोशिकाओं को नुकसान से बचाते हैं। फिश या अलसी के बीज में पाए जाने वाले ओमेगा-3 फैटी एसिड सूजन को कम करते हैं, जबकि विटामिन C और E फेफड़ों और दिल की रक्षा करते हैं। हल्का और पौष्टिक भोजन दिनभर ऊर्जा बनाए रखता है।

घरेलू नुस्खे जो अब भी असरदार हैं
भाप में यूकेलिप्टस ऑयल या अजवाइन डालकर लेने से बंद नाक खुल जाती है। काली मिर्च और शहद का मिश्रण गले की खराश को शांत करता है। सेलाइन वॉटर (नमक वाला पानी) से नाक साफ करने पर प्रदूषक तत्व बाहर निकल जाते हैं। अगर हवा बहुत सूखी लगे, तो ह्यूमिडिफायर का प्रयोग करें ताकि खांसी और गले की सूखापन कम हो।

विशेषज्ञ की राय
स्टेरिस हेल्थकेयर के जीवन कसारा ने बताया, बुजुर्गों और जिन लोगों को सांस या दिल की बीमारी है, उन्हें प्रदूषण के समय अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए। ज्यादा पानी पीना, पौष्टिक भोजन करना और घर की हवा को स्वच्छ रखना छोटे लेकिन प्रभावी कदम हैं। रोकथाम ही सबसे अच्छा इलाज है।

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