राजनीति में अपने बाप का भी भरोसा मत करो
संता अपने पिता से बोला, "पापा मुझे भी राजनीति में आना हैं, मुझे कुछ टिप्स दो।"
नेता: बेटा, राजनीति के तीन कठोर नियम होते हैं।"चलो पहला नियम समझाता हूँ", यह कहकर नेता जी ने बेटे को छत पर भेज दिया और ख़ुद नीचे आकर खड़े हो गए।
नेता जी: छत से नीचे कूद जाओ।
संता: पापा, इतनी ऊंचाई से कुदूंगा तो हाथ पैर टूट जायेंगे।
नेता जी: बेझिझक कूद जा, मैं हूँ ना, पकड़ लूँगा।
संता ने हिम्मत की और कूद गया, पर नेताजी नीचे से हट गए।
संता धड़ाम से ओंधे मुंह गिरा और कराहते हुए बोला, "आपने तो कहा था मुझे पकड़ोगे, फिर हट क्यों गए?"
नेता जी: ये हैं पहला सबक "राजनीति में अपने बाप का भी भरोसा मत करो।"
संता का गुणा-भाग
एक बार संता बार में बैठकर कागज पर कुछ गुणा-भाग कर रहा था और पागलों की तरह हँस रहा था। तभी वहां बंता आया और उसने संता से पूछा, "क्या हुआ संता, तुम इतने खुश क्यों हो?"
संता: ओ यार, आजकल मेरी पत्नी डाइटिंग पर है और पिछले 4 दिनों में उसने 5 किलो वजन घटा लिया है।
बंता: तो फिर इसमें इतना हँसने वाली क्या बात है?
संता: ओ यार, अभी-अभी मैंने सारा हिसाब लगाया है कि अगले 4 महीनों में वह पूरी तरह से गायब हो जाएगी।












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