जब महिला ने कहा 'जरा ठहरिए, मैं कपड़े उतार रही हूं'
एक बार बस चलाने के लिए कंडक्टर ने घंटी बजाई तो एक मधुर आवाज आई - जरा ठहरिए, मैं कपड़े उतार रही हूं।
बस फिर क्या था, बस में बैठे लोगों के दिल धड़कने लगे।
सबने पीछे मुड़कर देखा तो धोबन अपने कपड़ों की गठरी उतार रही थी।












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