पति का किसी और से अफेयर होना, पत्नी के प्रति क्रूरता नहीं: सुप्रीम कोर्ट
नई दिल्ली। भारत के सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले में फैसला सुनाते हुए कहा है कि अगर एक पति एक अन्य महिला के साथ संबंध रखता है तो यह उसकी पत्नी के प्रति क्रूरता नहीं माना जायेगा, लेकिन जब यह नजदीकी इतनी ज्यादा हो जाय कि पत्नी आत्महत्या के लिए मजबूर हो जाय तो इसे पत्नी से क्रूरता के दायरे में रखा जाएगा, जो कि धारा '498 ए' के तहत मामला बनता है। जस्टिम केएस राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि अगर कोई शादीशुदा पुरूष किसी अन्य महिला के नजदीक आता है और वह अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं करता है तो यह क्रूरता नहीं है।
गौरतलब है कि कोर्ट ने यह फैसला उस मामले में सुनाया। जिसमें एक शख्स पर अपनी पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने (धारा 306 के तहत) और क्रूरता बरतने (498 ए) का आरोप था। इस व्यक्ति ने 1989 में शादी की थी लेकिन उसका कुछ समय बाद अपनी एक सहयोगी से अफेयर हो गया जिससे निराश होकर उसकी पत्नी ने मार्च 1996 में आत्महत्या कर ली।
कोर्ट ने मामले का विश्लेषण करते हुए कहा कि यह एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर ऐसा नहीं था कि पत्नी को आत्महत्या के लिए मजबूर कर दे। वहीं महिला के पति ने भी ऐसा कोई काम नहीं किया, जिससे कि उसकी पत्नी आत्महत्या कर ले। कोर्ट का कहना है कि यह मामला अनैतिक और गैरकानूनी हो सकता है पर यह साबित नहीं किया जा सकता है कि इसी के मामले के कारण पत्नी ने आत्महत्या की।













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