Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Fact Check: सुभाष चंद्र बोस भारत के पहले प्रधानमंत्री थे? जानें कंगना रनौत बयान का पूरा सच

कंगना रनौत ने कांग्रेस सरकार पर सुभाषचंद्र बोस से पक्षपात करने के आरोप लगाए हैं। एक निजी चैनल को दिए गए इंटरव्यू में कंगना ने सुभाषचंद्र बोस को भारत का पहला प्रधानमंत्री बता दिया। कंगना के बयान का ये वीडियो क्लिप तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

आपको बता दें कि ये पहली बार नहीं है जब किसी प्रमुख हस्ती ने सुभाष चंद्र बोस को भारत का प्रथम प्रधानमंत्री बताया है। कुछ समय पहले बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने पीएम मोदी को कोट करते हुए गलत दावे के साथ एक ट्वीट किया जिसमें कहा गया कि सुभाष चंद्र बोस को भारत के प्रथम प्रधानमंत्री हैं।

Fact Check news

इसके लिखित प्रमाण हैं कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू थे। सुभाष चंद्र बोस ने 21 अक्टूबर, 1943 को सिंगापुर में आजाद हिंद (आजाद भारत) के लिए अस्थायी सरकार के गठन की घोषणा की थी। उन्होंने ये घोषणा भी की थी कि वह खुद हेड ऑफ स्टेट, प्रधानमंत्री और युद्ध मंत्री होंगे।

आपको बता दें कि अस्थायी सरकार वह सरकार होती है जिसका गठन राजनैतिक बदलाव का प्रबंधन करने के लिए किया जाता है। ऐसी सरकार का गठन विशेषकर ऐसे समय में किया जाता है जब नए राष्ट्र का गठन हो रहा हो या फिर पिछली सरकार और प्रशासन का पतन हो चुका होता है।

प्रोविजनल गवर्नमेंट ऑफ फ्री इंडिया यानी कि आजाद हिंद की अस्थायी सरकार का संचालन सिंगापुर से होता था और इसका अपना खुद का, कोर्ट, करेंसी, सिविल कोड, और राष्ट्रगान (सुभ सुख चैन) भी था। आजाद हिंद को 9 देशों का समर्थन भी हासिल था। इन 9 देशों में जापान, जर्मनी, इटली, क्रोएशिया, बर्मा, थाईलैंड, फिलीपीन्स, मांचुको (मंचूरिया) और रिपब्लिक ऑफ चाइना शामिल थे।

एक तथ्य ये भी है कि आजाद हिन्द भारत की पहली अस्थायी सरकार नहीं थी। देश के बाहर बनाई गई भारत की पहली अस्थायी सरकार का गठन महेंद्र प्रताप और मौलाना बरकतउल्ला ने साल 1915 में किया था। इस सरकार के राष्ट्रपति महेंद्र प्रताप और प्रधानमंत्री बरकतउल्ला थे। इसे 'हुकूमत-ए-मुख्तार-ए-हिंद' कहा जाता था।

महेंद्र प्रताप हाथरस राज्य के राजकुमार थे। वहीं, प्रधानमंत्री बरकतउल्ला अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र थे। वे भारत की आजादी के लिए समर्थन पाने के लिए बर्लिन से इस्तांबुल और मास्को तक गए।

इससे साफ जाहिर है कि सुभाष चंद्र बोस आजाद भारत हो या भारत की आजादी से पहले किसी भी रूप में भारत के प्रथम प्रधानमंत्री नहीं थे। हालांकि सुभाष चंद्र बोस ने जिस अस्थायी सरकार का गठन किया था उसने देश की आजादी में अहम भूमिका निभाई थी।

Fact Check

दावा

wrong

नतीजा

Subhash Chandra Bose was not the first Prime Minister of India

Rating

Misleading
फैक्ट चेक करने के लिए हमें [email protected] पर मेल करें
More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+