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2019 में मरे Pak Navy कमांडो अब्बास खान को बता रहे सीकर का फौजी Munaf Khan, 1 माह की बेटी भी फेक

'पीढ़ियां दफ़न हो गई है ख़ाक ए-वतन में अपनी। सवाल-ए-वतन परस्ती आज भी कायम है। शहीद मुनाफ ख़ान (रोलसाबसर) सीकर की अपनी एक महीने की बेटी के साथ पहली और अंतिम तस्वीर। ईश्वर मुनाफ़ खां की आत्मा को शान्ति दें व परिवार को इस दुःख की घड़ी में हिम्मत प्रदान करें'

Munaf Khan व बेटी की फोटो के नाम से वायरल

Munaf Khan व बेटी की फोटो के नाम से वायरल

ऐसे अनेक संदेश राजस्‍थान में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।साथ में एक तस्‍वीर है, जिसमें किसी शव के पास नवजात बच्‍ची दिखाई दे रही है। इसी बात को लेकर सोशल मीडिया तमाम यूजर दावा कर रहे हैं कि तस्‍वीर फौजी मुनाफ खान व उनकी एक माह की बेटी की है।

 जानिए कौन थे सीकर के फौजी मुनाफ खान

जानिए कौन थे सीकर के फौजी मुनाफ खान

सबसे पहले जानिए मुनाफ खान कौन थे? मुनाफ खान राजस्‍थान के सीकर जिले के फतेहपुर उपखंड के गांव रोलसाहबसर के रहने वाले थे। 31 अक्‍टूबर 2022 को जयपुर में अभ्‍यास के दौरान मुनाफ खान वीरगति को प्राप्‍त हो गए। मंगलवार दोपहर को उनके गांव में मुनाफ खान की पार्थिव देह को सुपुर्द ए खाक कर दिया गया।

 मुनाफ खान को अंतिम विदाई देने उमड़े लोग

मुनाफ खान को अंतिम विदाई देने उमड़े लोग

मुनाफ खान का पार्थिव शरीर घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। बड़ी संख्‍या में लोग उनको आखिरी सैल्‍यूट करने व अंतिम दर्शनों को उमड़े। फतेहपुर सदर पुलिस थाना से रोलसाहबसर गांव तक युवाओं ने तिरंगा यात्रा निकालकर मुनाफ खान को अंतिम विदाई दी। शवयात्रा में फतेहपुर विधायक हाकम अली समेत अनेक जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए।

 मुनाफ खान 2012 में बने थे फौजी

मुनाफ खान 2012 में बने थे फौजी

बता दें कि रोलसाहबसर के मुनाफ खान जयपुर आर्मी यूनिट में नायक पद पर पदस्थापित थे, जहां पर उनका नियमित अभ्‍यास के दौरान निधन हो गया। पार्थिव शरीर सोमवार शाम को फतेहपुर पहुंचा था। मुनाफ खान के दादा में थे। पिता इशाक खान किसान हैं। छोटा भाई भी भारतीय सेना में है। 2012 में भारतीय सेना में भर्ती हुए मुनाफ की शादी अफसीन से हुई थी। इनके दो बेटियां हैं।

 मुनाफ खान के नाम से फोटो वायरल

मुनाफ खान के नाम से फोटो वायरल

ये तो हो गई राजस्‍थान की सीकर के फौजी बेटे मुनाफ खान के वीरगति को प्राप्‍त करने और अंतिम संस्‍कार तक की बात। इस बीच एक तस्‍वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि तस्‍वीर में दिख रहा शव मुनाफ खान का है। शव के पास उनकी एक माह की बेटी की तस्‍वीर है। यह पिता व बेटी की पहली और आखिरी मुलाकात है।

 मुनाफ खान के मित्र अजाज ने बताई हकीकत

मुनाफ खान के मित्र अजाज ने बताई हकीकत

वन इंडिया हिंदी टीम ने सोशल मीडिया के इस दावे की पड़ताल करते हुए रोलसाहबसर के अजाज खान को फोन किया, जो मुनाफ के मित्र हैं। अजाज ने मुनाफ के परिजनों ने सोशल मीडिया में वायरल हो रही पिता पुत्री की फोटो को फेक बताया। अजाज ने बताया कि शव किसी और का है। वायरल फोटो में बेटी की उम्र एक माह बताई जा रही है जबकि मुनाफ की छोटी बेटी हलीमा सादिया दो माह व दो दिन की है और दूसरी बड़ी बेटी अफीफा बानो चार साल की है।

 भारत के मुनाफ नहीं, पाकिस्‍तान के अब्‍बास की फोटो है

भारत के मुनाफ नहीं, पाकिस्‍तान के अब्‍बास की फोटो है

अब इस सवाल का जवाब चाहिए कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पिता पुत्री की फोटो मुनाफ खान व उनकी बेटी की नहीं है तो फिर किसकी है? इस सवाल का जवाब तलाशते-तलाशते हम गूगल रिवर्स इमेज सर्च की मदद से पाकिस्‍तान की एक वेबसाइट https://pakistanintheworld.pk पर पहुंचे। वहां पर 13 मई 2019 की एक खबर मिली, जिसमें पिता पुत्री वाली तस्‍वीर की पहेली सुलझ गई। वो मुनाफ खान व उनकी बेटी की नहीं बल्कि पाकिस्‍तानी नौसेना के कमांडो मोहम्‍मद अब्‍बास खान की थी।

 13 मई 2019 को मुहम्‍मद अब्‍बास का अंतिम संस्‍कार

13 मई 2019 को मुहम्‍मद अब्‍बास का अंतिम संस्‍कार

मुहम्मद अब्बास खान, एसएसजी (नौसेना), ने पीसी ग्वादर में आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान आतंकवादियों से बहादुरी से लड़ते हुए मारे गए थे। उनका अंतिम संस्‍कार 13 मई 2019 को पैतृक शहर हरिपुर में किया गया। अब्बास अपनी नवजात बेटी का मुंह तक नहीं देख सके थे। पार्थिव देह घर लाई तब फौजी पिता अब्‍बास व उनकी नवजात बेटी की एक साथ तस्‍वीर ली गई थी। जो अब भारतीय सेना के फौजी मुनाफ खान व उनकी बेटी की बताकर वायरल करवाई जा रही है।

 पाक नेवी की फेसबुक पोस्‍ट

पाक नेवी की फेसबुक पोस्‍ट

पाकिस्‍तानी वेबसाइट के अलावा पाक नेवी के नाम से बने एक फेसबुक पेज पर भी पिता पुत्री वाली फोटो 13 मई 2019 को शेयर की गई है, जिसके कैप्‍शन में लिखा कि 'शहीद पिता के साथ नवजात बेटी की आखिरी मुलाकात। ये हैं नेवी कमांडो अब्बास खान जिन्होंने मातृभूमि के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले ग्वादर में आतंकियों के खिलाफ लड़ाई लड़ी। और कुछ दिन पहले पैदा हुई बेटी से आखिरी मुलाकात कुछ इस तरह हुई कि कोई आंख ही नहीं जो आंसुओं से न भरी हो'

अहमद मियांजी का ट्वीट

अहमद मियांजी का ट्वीट

इनके अलावा ट्विटर पर भी यह तस्‍वीर मौजूद है। यह हाल ही वीरगति को प्राप्‍त हुए मुनाफ खान के नाम से जोड़कर वायरल करवाई जा रही है। जबकि ट्विटर पर मोहिरा अहमद मियांजी के नाम से बने अकाउंट से 13 मई 2019 को तीन बजकर 34 मिनट पर यह तस्‍वीट ट्वीट की गई है, जिसके कैप्‍शन में लिखा है कि 'शहीद पिता के साथ नवजात की अंतिम मुलाकात की हृदय विदारक छवि। Abbs Khan जिन्हें PIC में शहादत का आशीर्वाद मिला, #ग्वादर अटैक!

Fact Check

दावा

दावा - राजस्‍थान के सीकर के रोलसाहबसर के फौजी मुनाफ खान व उनकी एक माह की बेटी की पहली और आखिरी मुलाकात।

नतीजा

हकीकत - तस्‍वीर मुनाफ व उनकी एक माह की बेटी की नहीं बल्कि पाकिस्‍तानी नौसेना के शहीद कमांडो मोहम्‍मद अब्‍बास खान व उनकी बेटी की 13 मई 2019 की है।

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