Fact Check: क्या मेट्रो सिटीज में खुलने जा रही सुप्रीम कोर्ट की बेंच?
नई दिल्ली, 12 अगस्त: भारत का सर्वोच्च अदालत दिल्ली में स्थित है, जिस वजह से दक्षिण भारत, नॉर्थ ईस्ट आदि के लोगों को काफी ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में कई राज्य सुप्रीम कोर्ट की क्षेत्रीय बेंच स्थापित करने की मांग कर रहे हैं। जिससे लंबित मामलों का जल्द निपटारा हो सके। इसके अलावा दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले गरीब वादियों के लिए न्याय प्रक्रिया को सुलभ बनाया जाए। अब सोशल मीडिया पर इसको लेकर नया दावा किया जा रहा है। साथ ही लोग भी बिना सच्चाई जाने इसे तेजी से फॉरवर्ड कर रहे हैं।

वायरल मैसेज में लिखा गया कि प्रधानमंत्री मोदी को बधाई। केंद्र सरकार ने स्वतंत्रता के बाद पहली बार सुप्रीम कोर्ट की शाखाओं को तीन स्थानों, चेन्नई, मुंबई और कोलकाता में विस्तारित करने का निर्णय लिया है। उन लोगों के लिए एक बढ़िया कदम, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट में याचिका के लिए दिल्ली जाना पड़ता था। लोग बिना इसकी सच्चाई जाने इसे तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल कर रहे हैं।
वन इंडिया की टीम ने जब इस मामले की पड़ताल की तो ये पूरी तरह से झूठा निकला। भारत सरकार ने अभी तक इस तरह का कोई आदेश नहीं पारित किया है। इसके अलावा केंद्र इस बारे में कोई विचार भी नहीं कर रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जुलाई 2015 में इससे जुड़ी एक याचिका को सुप्रीम कोर्ट में दायर किया गया था। जिसमें उसकी बेंच देश के अलग-अलग हिस्सों में खोलने की बात कही गई। ये मामला अभी विचारधीन है। ऐसे में साफ है कि वायरल हो रहे मैसेज में कोई सच्चाई नहीं है।

Fact Check
दावा
मेट्रो सिटीज में खुलने जा रही सुप्रीम कोर्ट की बेंच
नतीजा
सरकार ने ऐसा कोई फैसला नहीं लिया। मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।












Click it and Unblock the Notifications