Fake Check: वायरल हुआ 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का फर्जी विज्ञापन, जानिए सच्चाई
नई दिल्ली, 14 अक्टूबर। सोशल मीडिया पर केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं को लेकर कई तरह की गलत जानकारियां फैलाई जा रही हैं। कई फर्जी खबरों सो लोग सच मानकर योजनाओं का लाभ उठाने की कोशिश करते हैं लेकिन कभी-कभी वह खुद ठगी के शिकार हो जाते हैं। हाल ही में इंटरनेट पर 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान के तहत दैनिक पत्रिका में छपे फर्जी विज्ञापन को वायरल किया जा रहा है, जिसका असलियत से कोई वास्ता नहीं है।

दरअसल, पत्रिका में छपे विज्ञापन के मुताबिक सरकार 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान के तहत मुफ्त लैपटॉप या मोबाइल और नौकरी दिए जाने की बात कही गई है। विज्ञापन में लिखा हैं, 'गवर्नमेंट डिजिटल इंडिया बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, (एसएमएस जॉब) घर पर बैठे लड़के-लड़कियां, गृहणियां एसएमएस भेजकर कमाएं 15000-60000 महीना+लैपटॉप+ मोबालाइल। नाम पता एसएमएस करें। बैलगाड़ी बस्ती यूपी।' इंटरनेट पर भी इस विज्ञापन की कटिंगो को लोगों को बीच खूब शेयर किया जा रहा है। हालांकि इस दावे में बिल्कुल भी सच्चाई नहीं है।
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प्रेस इनफार्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) ने इस विज्ञापन को फर्जी बताते हुए ऐसे किसी भी विज्ञापन से सावधान रहने की सलाह दी है। पीआईबी के ट्वीट में लिखा है, 'एक विज्ञापन का फर्जी दावा है कि 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान के तहत सरकार द्वारा नौकरियाँ, लैपटॉप और मोबाइल प्रदान किए जा रहे हैं। यह धोखाधड़ी का प्रयास है। इस योजना के तहत किसी को भी व्यक्तिगत रूप से पैसे देने का प्रावधान नहीं हैं।' ट्वीट में पीआईबी ने उस विज्ञापन का स्क्रीन शॉट भी शेयर किया है।

Fact Check
दावा
'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान के तहत मिल रही नौकरी, लैपटॉप और मोबाइल।
नतीजा
विज्ञापन फर्जी है, सरकार की तरफ से ऐसा कोई ऐड नहीं निकाला गया।












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