Fact Check: क्या राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में राष्ट्रपति को निमंत्रण नहीं मिला? राहुल-खड़गे के दावे का सच?
Fact Check (Rahul Gandhi and Malikarjun Kharge claim): कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की ओर से कई बार इस तरह के आरोप लगाए गए हैं कि 22 जनवरी को अयोध्या में राम लला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को इसलिए नहीं बुलाया कि वह आदिवासी हैं। कांग्रेस नेताओं के आरोपों पर राम मंदर ट्रस्ट ने पूरी सच्चाई सामने रख दी है।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने साफ कर दिया है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को आदिवासी होने की वजह से आमंत्रित नहीं किए जाने का दावा 'पूरी तरह से गलत, आधारहीन और भ्रामक है।' इस लेख के आखिर में वह वीडियो भी है, जिसके बाद राम मंदिर ट्रस्ट ने कांग्रेस नेताओं के दावों की पोल खोली है।

हमारी राष्ट्रपति को क्यों नहीं बुलाया था- खड़गे
22 अप्रैल को कर्नाटक के बेंगलुरु ग्रामीण लोकसभा चुनाव क्षेत्र में एक चुनावी रैली में कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया था कि 'पीएम मोदीजी कहते हैं कि हमने कांग्रेस के नेताओं को बुलाया था, लेकिन वे नहीं आए। वे भगवान का अपमान कर रहे हैं। लेकिन, आपने हमारी राष्ट्रपति को क्यों नहीं बुलाया था?'
राष्ट्रपति को आदिवासी होने की वजह से नहीं जाने दिया- राहुल गांधी
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी तो स्पष्ट तौर पर दावा कर चुके हैं कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को प्राण प्रतिष्ठा में नहीं बुलाया गया, क्योंकि वह आदिवासी हैं। मार्च में भी गुजरात के झालोद में भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान उन्होंने यह दावा किया था।
राहुल ने कहा था, 'आप सबने राम मंदिर का उद्घाटन देखा, लेकिन क्या आपने वहां भारत की राष्ट्रपति को देखा? उन्होंने जाने की अनुमति क्यों नहीं दी गई? यह इसलिए कि वह एक आदिवासी हैं, इसलिए उन्हें रोक दिया गया...क्या आपने किसी गरीब किसान, मजदूरों को देखा?....'
'पूरी तरह से गलत, आधारहीन और गुमराह करने वाले'
मंगलवार को रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों का पूरी तरह से खंडन किया है। उन्होंने राहुल के आरोपों के बारे में कहा कि वे 'पूरी तरह से गलत, आधारहीन और गुमराह करने वाले' हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और रामनाथ कोविंद दोनों को आमंत्रित किया गया- मंदिर ट्रस्ट
राय ने कहा है, 'मैं राहुल गांधी जी को याद दिलाना चाहूंगा कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला की नई प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा के शुभ अवसर पर भारत की महान राष्ट्रपति माननीय द्रौपदी मुर्मू जी और पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जी दोनों को आमंत्रित किया गया था।'
समाज के हर क्षेत्र के लोगों को आमंत्रित किया गया- ट्रस्ट
इतना ही नहीं राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव ने आगे कहा, 'श्री राम जन्मभूमि मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर संतों, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और ओबीसी की महान हस्तियों, गृहस्थों और सज्जनों, जिन्होंने जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में कामयाबी हासिल की है और भारत को गौरवांवित किया है, उन्हें आमंत्रित किया गया था। मंदिर में काम करने वाले वर्करों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।'
'मंदिर के मंडप में पूजा का अवसर मिला'
उनके अनुसार, 'इतना ही नहीं, प्राण प्रतिष्ठा पूजा के समय अनुसूचित जातियों, आदिवासियों और अति पिछड़े वर्गों से जुड़े लोगों को मंदिर के मंडप में पूजा करने का अवसर मिला।'
राहुल का बयान आपत्तिजनक- राम मंदिर ट्रस्ट
उन्होंने कहा कि तीन महीने पहले हुए कार्यक्रम को लेकर राहुल का आरोप समाज में विभाजन पैदा कर सकती है। 'भाषण के ये हिस्से हमारे लिए गंभीर तौर पर आपत्तिजनक हैं।'

Fact Check
दावा
दावा: आदिवासी होने के चलते राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का निमंत्रण नहीं दिया गया।
नतीजा
फैक्ट: राहुल गांधी का दावा गलत पाया गया।












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