Fact Check: क्या जन्मदिन के 6 महीने बाद पड़ने वाला सूर्य ग्रहण स्वास्थ्य पर डालता है बुरा असर?

नई दिल्ली, 22 अप्रैल। साल 2022 का पहला सूर्य ग्रहण 30 अप्रैल को लगने जा रहा है, हालांकि सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना है लेकिन वैदिक धर्म में सूर्य ग्रहण को अच्छा नहीं माना गया है और इसे लेकर कुछ सावधानी बरतने को कहा जाता है। इस बार का ये सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इस ग्रहण के गवाह प्रशांत महासागर, दक्षिण-पश्चिम अमेरिका, अटलांटिक महासागर और अंटार्कटिक महासागर के लोग बनेंगे।

नासा ने किया खंडन

नासा ने किया खंडन

इसी बीच एक खबर वायरल हो रही है कि अगर सूर्य ग्रहण आपके जन्मदिन के 6 महीने बाद पड़े तो ये आपके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ेगा जिसको लेकर लोगों को डर लगने लगा है। इस खबर के वायरल होने के बाद नासा ने इसका खंडन किया है। वैज्ञानिकों ने कहा है कि ये केवल एक मिथ्य है और ज्योतिषियों के बीच की आम धारणा है। ग्रहण और व्यक्ति के स्वास्थ्य के बीच कोई रिलेशन नहीं होता है। सच तो ये है कि सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना है , जो कि एक साल में होती रहती है।

ग्रहण के दौरान काफी तरंगे निकलती है...

ग्रहण के दौरान काफी तरंगे निकलती है...

हालांकि सूर्य ग्रहण के दौरान बहुत सारी तरंगे निकलती हैं जो कि आपकी हेल्थ को प्रभावित कर सकती हैं इसलिए सूर्य ग्रहण को नग्न आंखों से देखने को रोका जाता है और गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान बाहर निकलने से मना किया जाता है। ग्रहण के दौरान काफी तरंगे निकलती हैं, जो कि वातावरण में गर्मी पैदा करती है जो कि गर्भ में पल रहे शिशु के लिए सही नहीं होता है लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि ग्रहण आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है या आपके जन्मदिन या उसके बाद पड़ने वाला ग्रहण आपको प्रभावित करेगा।

आंशिक सूर्य ग्रहण

आंशिक सूर्य ग्रहण

आपको बता दें कि 30 अप्रैल को लगने वाला सूर्य ग्रहण मध्यरात्रि 12 बजकर 15 मिनट से शुरू होकर सुबह 4 बजकर 7 मिनट तक जारी रहेगा। ये एक आंशिक सूर्य ग्रहण है । मालूम हो कि इस साल भारत में चार ग्रहण लगने वाले हैं, जिनमें दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण हैं।

कब होता है सूर्य ग्रहण?

कब होता है सूर्य ग्रहण?

जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी सीधे एक रेखा में होते हैं, तब सूर्य ग्रहण होता है। ऐसी स्थिति में चंद्रमा सूर्य की रोशनी को आंशिक या पूर्ण रूप से अपने पीछे ढंकते हुए उसे पृथ्वी तक पहुंचने से रोक लेता है और पृथ्वी पर अंधेरा छा जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पूर्ण ग्रहण होने पर ही सूतक काल मान्य होता है। आंशिक या उपछाया होने पर सूतक नियमों का पालन अनिवार्य नहीं होता है।

Fact Check

दावा

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नतीजा

पूर्ण सूर्य ग्रहण और आपके स्वास्थ्य के बीच कोई संबंध नहीं है।

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