Fact Check: क्या वैक्सीन की दोनों डोज लेने वाले लोग फुल वैक्सीनेटेड हैं, जानिए जवाब
नई दिल्ली, 02 अक्टूबर: पूरे विश्व में कोरोना महामारी के बाद अब वायरस से बचाव के लिए वैक्सीनेशन अभियान चलाया जा रहा है। कोरोना वैक्सीन की कई कंपनियां दुनियाभर के अलग-अलग देशों में लगाई जा रही है। इस बीच कोरोना की दोनों खुराक लेने के बाद अब वैक्सीन की बूस्टर डोज को लेकर भी कई सवाल सामने आ रहे हैं। ऐसे में एक सवाल कि क्या कोविड-19 वैक्सीन बूस्टर डोज के बिना किसी को पूरी तरह से टीकाकरण युक्त माना जाता है।

फर्स्ट पोस्ट में छपि रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका में जिन लोगों को दो-खुराक वाला टीका या जॉनसन एंड जॉनसन शॉट की सिंगल खुराक मिली हैं, उन्हें पूरी तरह से टीका लगा हुआ माना जाता है। यहां तक की बिना बूस्टर डोज के भी। यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन का कहना है कि फाइजर या मॉडर्न वैक्सीन की दूसरी खुराक या जॉनसन एंड जॉनसन (जेएंडजे) की एक खुराक प्राप्त करने के दो हफ्ते बाद आपको पूरी तरह से वैक्सीनेटड माना गया है।
बता दें कि कोरोना के टीके गंभीर बीमारी के खिलाफ मजबूत सुरक्षा प्रदान करते हैं यानी की इम्युनिटी बढ़ता हैं, लेकिन अमेरिकी स्वास्थ्य अधिकारी अब कोविड-19 से गंभीर बीमारी के लिए हाई रिस्क वाले कुछ लोगों के लिए बूस्टर डोज की सलाह देते हैं। इस सबूत के आधार पर कि विशेष रूप से वृद्ध वयस्कों में मामूली बीमारी से इन्युनिटी कमजोर हो सकती है।
सीडीसी का कहना है कि 65 और उससे अधिक उम्र के लोग लंबे समय तक देखभाल करने वाले और 50 से 64 वर्ष की आयु के अन्य लोगों को शुगर या हृदय रोग जैसी स्वास्थ्य समस्याओं के साथ बूस्टर मिलना चाहिए, अगर उन्हें कम से कम छह महीने पहले फाइजर शॉट मिले है तो। एजेंसी ने स्वास्थ्य समस्याओं वाले 18 से 49 साल के लोगों के लिए बूस्टर की सिफारिश करना बंद कर दिया, लेकिन उनका कहना है कि वे अपने व्यक्तिगत जोखिम पर विचार करने के बाद भी शॉट प्राप्त कर सकते हैं।
यही बात 18 से 64 साल के लोगों के लिए भी सच है, जिनकी नौकरी उन्हें संक्रमण के लिए हाई रिस्क में डाल सकती है, जैसे कि हेल्थ केयर वर्कर्स, शिक्षक सार्वजनिक परिवहन कर्मचारी। मॉडर्ना और जेएंडजे के टीके पाने वाले लोग अभी तक बूस्टर के लिए पात्र नहीं हैं, लेकिन यह जल्द ही आने की संभावना है। बूस्टर डोज की उपलब्धता दुनिया भर में अलग-अलग होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की आपत्तियों के बावजूद ब्रिटेन और इजराइल भी बूस्टर दे रहे हैं वहीं गरीब देशों के पास अभी भी पहली खुराक के लिए पर्याप्त वैक्सीन नहीं है।

Fact Check
दावा
कोरोना की दोनों डोज लेने के बाद फुली वैक्सीनेटड माना जाता है।
नतीजा
हां.. दोनों डोज लेने वाले लोग फुल वैक्सीनेटेड हैं












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