उभरता हुआ नन्हा लेखक 'प्रखर'

यह नन्हा लेखक है प्रखर गुप्ता जो जयपुर का रहने वाला है. प्रखर गुप्ता आज किसी परिचय का मोहताज नही है. 14 सितम्बर 1996 को जन्में प्रखर ने पिछ्ले साल गर्मी की छुट्टियों में बोरियत से बचने के लिए एक रफ कापी पर एक कहानी लिखनी शुरु की. पर कहानी ज्यादा ही लम्बी हो गई और दो रफ कापी भर गई.
माता-पिता ने दिया भरपूर सहयोग
उसने जब यह कहानी अपने मम्मी पापा को सुनाई तो ना सिर्फ वो बहुत हैरान हुए, खुश हुए बलिक उन्होने उसी समय मन बना लिया कि वो इसे किताब रुप मे प्रकाशित भी करवाएंगे इसकी मेहनत बेकार नही जाने देगे. इस काम मे करीब एक साल लगा पर आखिर वो दिन आ गया, जब किताब छ्प कर आ गई. जयपुर मे रुकमणि बिरला माड्ल हाई स्कूल, कक्षा 8 मे पढ़ने वाले प्रखर को 26 जनवरी को स्कूल मे सम्मानित किया गया.
प्रखर ने बताया कि पिछ्ले साल जब वो कक्षा 7 मे था तब गर्मी की छुट्टियों में बस बैठे-बैठे मन मे आया और वो लिखने लगा. 100 पन्नो की
किताब को 20-22 दिन मे लिख दिया था. यह कहानी जासूसी है और बच्चों के मतलब की ही है. जिस ने भी पढ़ी सभी ने बहुत पसंद किया. इतनी छोटी उम्र मे लिखने के बारे मे पूछा तो वो बस मुस्कुरा दिया.
अगली किताब लिखने की तैयारी में प्रखर
अगली किताब के बारे मे उन्होने बताया कि मार्स के लोगो के बारे मे होगी. यह भी बहुत मजेदार किताब होगी. लिखने के इलावा प्रखर ने बताया कि अबेकस (यूसीमास) मे वो पूरे राजस्थान मे चौथे स्थान पर रहा. इस साल मई जून मे उसे डिग्री मिल जाएगी. खेल खेल मे पढाई होती रही बहुत मजा आया. अब गणित सबसे अच्छा लगता है उसके इलावा साईंस भी बहुत पसंद है. वैसे भी उसे स्कूल बहुत पसंद है खास कर वहाँ की टीचर और खेल का मैदान.
प्रखर इकलौता होने के कारण पापा-मम्मी का लाडला है. पर जिद्दी नही है. गोल गप्पे तो उसकी जान है. वैसे पिज्जा भी बहुत पसंद है. गाने मे "गीव मी सम सन शाईन" बहुत अच्छा लगता है उसकी पसंदीदा किताबे 'फेमस फाईव', 'हार्डी बायस' है. अक्षय कुमार, शाहरुख खान और ऋतिक
रोशन का वो फैन है पर अभी हिरोईन कोई पसंद नही है बताते हुए वो शरमा गया. बडे होकर वो इंजिनियर बनना चाहता है और देश के लिए कुछ करना चाहता है. प्रखर मानते हैं कि अगर उनके पापा मम्मी ने उन्हे उत्साहित नही किया होता तो वो भी आम बच्चो की तरह ही होते उनकी कोई अलग पहचान नही होती.
प्रखर का और बच्चो को यही संदेश है कि मेहनत करो और करते रहो. कभी ना कभी फल जरुर मिलेगा. प्रखर को भविष्य के लिए ढेर सारी शुभकामनाएँ.
लेखक परिचय:
मोनिका गुप्ता 'जय स्वच्छता समिति' की अध्यक्ष एवं प्रतिभाओं को खोजने वाली संस्था 'दोस्त' की ऑनरेरी सचिव हैं। एक समाजसेविका होने के साथ-साथ पत्रकार भी हैं। मोनिका गुप्ता सामाजिक, शैक्षिक मुद्दों और महिलाओं व बच्चों से जुड़े मुद्दों पर लिखती हैं। आप एक अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़ चैनल के लिए काम भी करती हैं। आप चार किताबें लिख चुकी हैं, जिनमें से एक को बाल साहित्य पुरस्कार भी मिल चुका है। मोनिका गुप्ता हरियाणा के सिरसा जिले की रहने वाली हैं।












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