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UPPSC RO-ARO Exam: 6 लाख अभ्यर्थियों ने छोड़ी RO-ARO की परीक्षा, कैसा रहा इस बार का पेपर?

UPPSC RO-ARO Prelims Exam: उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए रविवार का दिन बेहद खास रहा। UPPSC द्वारा आयोजित समीक्षा अधिकारी (RO) और सहायक समीक्षा अधिकारी (ARO) प्रीलिम्स परीक्षा 2025 का आयोजन हुआ, लेकिन इस बार नजारा कुछ अलग था। जहां एक तरफ परीक्षा केंद्रों पर भारी सुरक्षा और सख्ती देखने को मिली, वहीं दूसरी तरफ बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की गैरहाजिरी ने सबको चौंका दिया।

कुल रजिस्टर्ड छात्रों में से आधे से ज्यादा परीक्षा देने पहुंचे ही नहीं। कुछ सेंटरों पर मारपीट की घटनाएं सामने आईं, तो कुछ स्थानों पर इंसानियत और मदद की मिसाल भी देखने को मिली। सोशल मीडिया पर एक दारोगा की तारीफ हो रही है जिसने एक छात्रा को समय पर सेंटर पहुंचाया। इस परीक्षा में न केवल पेपर का स्तर चर्चा में रहा, बल्कि सेंटरों का माहौल भी सुर्खियों में रहा।

UPPSC RO ARO Exam

परीक्षा सुबह 9:30 बजे शुरू होकर दोपहर 12:30 बजे तक चली। हालांकि इस बार चौंकाने वाली बात यह रही कि 10.76 लाख रजिस्टर्ड अभ्यर्थियों में से केवल 4.51 लाख ही परीक्षा देने पहुंचे। बाकी करीब 6.24 लाख उम्मीदवारों ने परीक्षा से किनारा कर लिया।
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पिछली घटनाओं का असर या पेपर का डर?

इस बड़ी अनुपस्थिति की एक वजह पिछले साल का पेपर लीक कांड बताया जा रहा है, जिसके कारण उस समय परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी। इस बार भी कई छात्रों को डर था कि कहीं फिर कुछ गलत न हो। साथ ही कुछ लोगों का मानना है कि पेपर की कठिनाई या तैयारी अधूरी होना भी बड़ी वजह रही।

सेंटरों पर दिखी कड़ी सख्ती

एग्जाम सेंटरों पर प्रशासन की तरफ से जबरदस्त सख्ती देखने को मिली। कानपुर में छात्राओं की बालियां और चेन तक उतरवाई गईं, तो गाजियाबाद में लड़कों से बेल्ट और कलावा तक उतरवाए गए। यहां तक कि पानी की बोतल और गाड़ी की चाबी तक अंदर ले जाने नहीं दी गई। बायोमेट्रिक चेकिंग और दस्तावेजों की गहन जांच के बाद ही सेंटर में प्रवेश मिला।

गेट बंद, लड़की की आंखों में आंसू

आजमगढ़ से एक भावुक कर देने वाली घटना सामने आई। एक छात्रा अपनी मां के साथ परीक्षा केंद्र पहुंची, लेकिन गेट बंद हो चुका था। सुरक्षा कर्मियों ने अंदर नहीं जाने दिया, जिस पर छात्रा फूट-फूटकर रोने लगी। वहां मौजूद लोग भी इस नजारे को देख भावुक हो गए।

दारोगा ने दिखाई इंसानियत

लखनऊ से उन्नाव जाने वाली एक छात्रा जब परीक्षा केंद्र के पास पहुंचने ही वाली थी, तब गेट बंद होने में महज तीन मिनट बचे थे। ड्यूटी पर मौजूद एक दारोगा ने बिना देर किए उसे अपनी गाड़ी में बैठाया और समय से सेंटर तक पहुंचा दिया। इस दारोगा के काम की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है।

औरैया में भिड़ गए दो छात्र

औरैया के एक परीक्षा केंद्र पर दो छात्रों के बीच कहासुनी इतनी बढ़ गई कि मामला लात-घूंसे तक पहुंच गया। सेंटर के बाहर हड़कंप मच गया। बाद में अन्य लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। इस घटना ने परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पेपर कैसा रहा? जानें छात्रों की राय

छात्रों ने बताया कि पेपर न तो बहुत आसान था और न ही बहुत मुश्किल। मॉडर्न इतिहास और हिंदी के पर्यायवाची शब्द कुछ छात्रों को चुनौतीपूर्ण लगे। जनरल स्टडीज़ के कुछ सवाल उलझाने वाले थे। हालांकि अच्छी तैयारी करने वाले स्टूडेंट्स के लिए 120 से 130 सवाल तक सही करने की संभावना जताई गई।

क्या है आगे का प्रोसेस?

यह परीक्षा प्रदेश के 75 जिलों में कुल 2,382 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित हुई थी। हर जिले में मजिस्ट्रेट को नोडल अफसर बनाया गया था। सुरक्षा के लिए AI, CCTV कैमरे और पुलिस बल की तैनाती की गई थी। अब सभी की नजरें रिजल्ट पर टिकी हैं। जो उम्मीदवार प्रीलिम्स में पास होंगे, उन्हें मेन्स और टाइपिंग टेस्ट देना होगा।
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