CG DGP Appointment: छत्तीसगढ़ में नए डीजीपी की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू, दौड़ शामिल में हैं ये तीन अधिकारी
Chhattisgarh New DGP: छत्तीसगढ़ में अगले डीजीपी की नियुक्ति की प्रक्रिया तेजी से शुरू हो गई है। वर्तमान डीजीपी अशोक जुनेजा का कार्यकाल 5 फरवरी, 2024 को समाप्त हो रहा है। राज्य सरकार ने नए डीजीपी के चयन के लिए तीन वरिष्ठ अधिकारियों का पैनल तैयार किया है, जिसे दिल्ली भेजा गया है। छत्तीसगढ़ पुलिस के अगले डीजीपी के चयन के लिए प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और जल्द ही केंद्र सरकार द्वारा इनमें से किसी एक अधिकारी को डीजीपी के पद पर नियुक्त किया जाएगा। इस प्रक्रिया के तहत राज्य को जल्द ही नया पुलिस मुखिया मिलने की उम्मीद है।
नए डीजीपी के लिए तीन नामों का पैनल
सूत्रों के मुताबिक, छत्तीसगढ़ सरकार ने नए डीजीपी के लिए तीन वरिष्ठ अधिकारियों के नामों का पैनल यूपीएससी को भेजा है। पैनल में जिन तीन अधिकारियों के नाम शामिल हैं, वे हैं-
1. अरुण देव गौतम
2. पवन देव
3. हिमांशु गुप्ता

ये तीनों अधिकारी पहले ही डीजी (प्रमोट) के पद पर पदोन्नत हो चुके हैं। इन तीन अधिकारियों के अलावा एसआरपी कल्लूरी और प्रदीप गुप्ता के नाम भी पैनल में थे, लेकिन यूपीएससी को भेजे गए पैनल में केवल अरुण देव गौतम, पवन देव और हिमांशु गुप्ता के नाम ही शामिल किए गए हैं।
डीजीपी पद के लिए चयन प्रक्रिया
ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मौजूदा डीजीपी अशोक जुनेजा को 6 महीने का एक्सटेंशन मिला था, जो 5 फरवरी को समाप्त हो जाएगा। इसके बाद नए डीजीपी के चयन की प्रक्रिया तेज हो गई है। अब तीन नामों का पैनल केंद्र सरकार को भेजा जा चुका है, और केंद्र सरकार इनमें से एक अधिकारी को डीजीपी के पद पर नियुक्त करेगी। इस चयन में अधिकारियों के कार्यकाल, प्रदर्शन और अन्य मापदंडों को ध्यान में रखा जाएगा।
केंद्र सरकार को भेजा गया पैनल
छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने केंद्र सरकार की भाजपा नेतृत्व वाली सरकार को तीन नामों का पैनल भेजा है। इन तीन नामों में से एक को राज्य सरकार डीजीपी के पद पर नियुक्त करेगी। यह माना जा रहा है कि नए साल में छत्तीसगढ़ पुलिस को नया मुखिया मिल जाएगा।
अशोक जुनेजा का कार्यकाल
अशोक जुनेजा को पहले 2021 में डीजीपी पद का प्रभारी बनाया गया था। बाद में, 5 अगस्त 2022 को उन्हें पूर्णकालिक डीजीपी नियुक्त किया गया। जुनेजा का कार्यकाल 5 फरवरी 2024 को समाप्त हो रहा है, और इसके बाद नए डीजीपी के चयन की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक चयन
2006 में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों को आदेश दिया था कि वे अपने डीजीपी के लिए संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा सूचीबद्ध 3 सबसे वरिष्ठ अधिकारियों में से किसी एक का चयन करें। इस प्रक्रिया के अनुसार, छत्तीसगढ़ सरकार ने तीन नाम यूपीएससी को भेजे हैं। इसके बाद, चयनित अधिकारी को कम से कम दो साल का कार्यकाल पूरा करना होता है, भले ही उसकी सेवानिवृत्ति तिथि पास हो।
अधिकारियों का बैकग्राउंड
- पवन देव और अरुण देव गौतम दोनों 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं, जबकि हिमांशु गुप्ता 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं।
- पवन देव पहले बिलासपुर जिले के एडिशनल एसपी और राजनांदगांव के एसपी रह चुके हैं। वे वर्तमान में डीजी रैंक के अधिकारी हैं और पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक हैं।
- अरुण देव गौतम ने एसपी के रूप में कोरिया, रायगढ़, जशपुर, राजनांदगांव, सरगुजा और बिलासपुर में पदस्थ रहकर प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाई हैं। वे एडीजी के रूप में जेल, परिवहन, नगर सेना, अग्निशमन और लोक अभियोजन विभाग का प्रभार संभाल चुके हैं।
- हिमांशु गुप्ता ने दंतेवाड़ा, जांजगीर-चापा, धमतरी, कोरबा और जगदलपुर में एसपी के रूप में कार्य किया है। वे सरगुजा रेंज, बस्तर रेंज और दुर्ग रेंज में आईजी के पद पर भी कार्य कर चुके हैं।
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