CUET UG 2026: फॉर्म में कर दी ये 5 गलतियां तो रद्द हो जाएगा रजिस्ट्रेशन, NTA ने जारी की सख्त गाइडलाइन
CUET UG 2026: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 3 जनवरी 2026 से CUET UG 2026 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की खिड़की खोल दी है। देश के प्रतिष्ठित केंद्रीय विश्वविद्यालयों और अन्य संस्थानों में स्नातक दाखिले के लिए होने वाली यह परीक्षा इस बार 'हाइब्रिड मोड' (CBT और पेन-पेपर) में आयोजित की जाएगी। छात्र 30 जनवरी 2026 तक आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से अपना आवेदन जमा कर सकते हैं।
हालांकि, आवेदन प्रक्रिया शुरू होते ही विशेषज्ञों ने छात्रों को जल्दबाजी न करने की सलाह दी है। हर साल हजारों आवेदन सिर्फ इसलिए खारिज हो जाते हैं क्योंकि छात्र विषय चयन, दस्तावेज अपलोडिंग या पहचान सत्यापन में छोटी-छोटी तकनीकी गलतियाँ कर बैठते हैं। इस बार आधार और डिजिलॉकर वेरिफिकेशन को अनिवार्य बनाया गया है, जिससे डेटा की सटीकता और भी महत्वपूर्ण हो गई है।

महत्वपूर्ण तारीखें एक नजर में
पंजीकरण की प्रक्रिया सुचारू रूप से चलाने के लिए NTA ने एक स्पष्ट समय सीमा निर्धारित की है। छात्रों को 30 जनवरी 2026 तक अपना फॉर्म जमा करना होगा, जबकि आवेदन शुल्क भुगतान की अंतिम तिथि 31 जनवरी 2026 रखी गई है। अंतिम समय में सर्वर पर दबाव बढ़ने की संभावना को देखते हुए, उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे आखिरी तारीख का इंतजार न करें।
CUET UG 2026: आधार और डिजिलॉकर अनिवार्य
NTA ने इस साल सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए पहचान सत्यापन की प्रक्रिया को सख्त कर दिया है। अब उम्मीदवारों के नाम, जन्मतिथि और माता-पिता के नाम का मिलान सीधे आधार डेटाबेस या डिजिलॉकर से किया जाएगा। यदि आपकी 10वीं की मार्कशीट और आधार कार्ड में दी गई जानकारी में थोड़ा भी अंतर है, तो सिस्टम आपका आवेदन स्वीकार नहीं करेगा। फॉर्म भरने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आपके सभी पहचान पत्र अपडेटेड हों।
CUET UG फॉर्म भरते समय इन 5 बड़ी गलतियों से बचें:
1. फोटो और हस्ताक्षर के मानक: अक्सर छात्र सेल्फी या धुंधली फोटो अपलोड कर देते हैं, जिससे फॉर्म रिजेक्ट हो जाता है। फोटो का बैकग्राउंड सफेद या हल्का होना चाहिए और चेहरा 80% स्पष्ट दिखना चाहिए। चश्मा या मास्क पहनकर खिंचवाई गई फोटो मान्य नहीं होगी। फोटो का साइज 10kb से 200kb और सिग्नेचर का साइज 4kb से 30kb के बीच ही रखें।
2. पुराने कैटेगरी सर्टिफिकेट का उपयोग: OBC-NCL और EWS वर्ग के छात्रों को विशेष ध्यान देना होगा। NTA आमतौर पर 1 अप्रैल 2025 के बाद जारी किए गए प्रमाणपत्रों को ही स्वीकार करता है। इसके अलावा, हमेशा 'सेंट्रल फॉर्मेट' वाला सर्टिफिकेट ही अपलोड करें; राज्य स्तर के प्रमाणपत्र आरक्षण का लाभ दिलाने में विफल हो सकते हैं।
3. डेटा में विसंगति (Data Mismatch): आपकी सभी जानकारियां (नाम, पिता का नाम, जन्मतिथि) आपकी 10वीं की मार्कशीट के अनुसार होनी चाहिए। आधार कार्ड और आवेदन फॉर्म में जानकारी अलग होने पर 'वेरिफिकेशन फेल' हो सकता है, जिससे परीक्षा केंद्र पर भी समस्या आ सकती है।
4. विषय चयन में चूक: छात्रों को अधिकतम 5 विषयों को चुनने की अनुमति है। ध्यान रहे कि दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) जैसी प्रमुख यूनिवर्सिटीज उन्हीं विषयों के स्कोर स्वीकार करती हैं जो छात्र ने 12वीं कक्षा में पढ़े हैं। ऐसे विषय चुनना जो आपने 12वीं में नहीं पढ़े, आपके एडमिशन की संभावनाओं को खत्म कर सकता है।
5. अधूरा भुगतान और कन्फर्मेशन पेज: सिर्फ फॉर्म भर देना ही पर्याप्त नहीं है। जब तक आप आवेदन शुल्क जमा नहीं करते और 'कन्फर्मेशन पेज' (Confirmation Page) जनरेट नहीं होता, तब तक आवेदन अधूरा माना जाता है। इस पेज की कॉपी सुरक्षित रखना भविष्य के संदर्भ के लिए अनिवार्य है।
छात्रों के लिए NTA की विशेष सलाह
NTA ने उम्मीदवारों को 'इनफॉर्मेशन बुलेटिन' को शब्द-दर-शब्द पढ़ने की सलाह दी है। इसके अलावा, फॉर्म में अपना ही वर्किंग मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी दर्ज करें क्योंकि सभी ओटीपी (OTP) और परीक्षा से जुड़ी सूचनाएं इन्हीं पर भेजी जाएंगी। परीक्षा केंद्र के चुनाव में भी सावधानी बरतें क्योंकि एक बार सबमिट होने के बाद इसमें बदलाव करना कठिन हो सकता है।












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