Aarsha Sairah Jekoshi ने कैसे लाया 10वीं परीक्षा में परफेक्ट स्कोर? खुद बताई एक भी नंबर ना कटने की वजह
Aarsha Sairah Jekoshi: CBSE कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा 2026 के नतीजों ने इस बार एक ऐसी प्रतिभा को सामने लाया है, जिसकी चर्चा पूरे देश में हो रही है। गुरुग्राम स्थित 'द मॉर्या स्कूल' की होनहार छात्रा आरशा साइराह जेकोशी (Aarsha Sairah Jekoshi) ने बोर्ड परीक्षा में 600 में से पूरे 600 अंक प्राप्त कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
आरशा की इस अभूतपूर्व उपलब्धि ने न केवल उनके स्कूल का गौरव बढ़ाया है, बल्कि उनके परिवार और पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है। उनकी यह सफलता उन लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा है जो अपनी मेहनत के दम पर कुछ बड़ा करने का सपना देखते हैं। आरशा का मानना है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और उसे पाने के लिए रणनीति के साथ मेहनत की जाए, तो असंभव लगने वाले परिणाम भी हासिल किए जा सकते हैं।

निरंतर अभ्यास और अनुशासन रही सफलता की कुंजी
अपनी अविश्वसनीय सफलता पर बात करते हुए आरशा साइराह जेकोशी ने बताया कि यह सफर बिल्कुल भी आसान नहीं था। उन्होंने अपनी सफलता का सबसे बड़ा श्रेय नियमित पढ़ाई और कठिन अभ्यास को दिया। आरशा ने साझा किया कि बोर्ड परीक्षा की तैयारी के दौरान उन्होंने कई चुनौतियों का सामना किया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
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उन्होंने बताया, "यह सफर काफी चुनौतीपूर्ण था और पूर्ण अंक हासिल करने के लिए मुझे बहुत अधिक प्रैक्टिस करनी पड़ी। मेरा मंत्र सरल था-हर दिन जितना संभव हो सके, उतना गहराई से पढ़ना।" आरशा का मानना है कि परीक्षा के अंतिम दिनों में रटने के बजाय पूरे साल निरंतर की गई तैयारी ही वास्तविक परिणाम दिलाती है।
स्कूल और शिक्षकों का मिला मार्गदर्शन
आरशा की इस ऐतिहासिक सफलता में 'द मॉर्या स्कूल' की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। आरशा ने गर्व के साथ बताया कि उनके स्कूल ने हर मोड़ पर उनका समर्थन किया। स्कूल के शिक्षकों ने न केवल उन्हें पाठ्यक्रम समझने में मदद की, बल्कि उन्हें सही दिशा और मानसिक संबल भी प्रदान किया। आरशा के अनुसार, स्कूल का शैक्षणिक वातावरण और शिक्षकों का व्यक्तिगत मार्गदर्शन उनकी तैयारी की रीढ़ बना, जिससे वे हर विषय में उत्कृष्टता प्राप्त कर सकीं।
माता-पिता बने सबसे बड़े संबल
अपनी उपलब्धियों का श्रेय आरशा ने अपने माता-पिता को भी दिया। उन्होंने बताया कि पढ़ाई के दबाव और कठिनाइयों के दौरान उनके माता-पिता ने हमेशा उनका हौसला बढ़ाया। आरशा ने कहा, "मेरे माता-पिता बहुत सहयोगी रहे हैं। उन्होंने न केवल मुझे प्रेरित किया, बल्कि पढ़ाई के दौरान आने वाले मेरे छोटे से छोटे डाउट्स (शंकाओं) को दूर करने में भी मेरी पूरी मदद की।" परिवार का यही अटूट विश्वास और सहयोग आरशा की सफलता की सबसे मजबूत नींव साबित हुआ।
इंजीनियरिंग के क्षेत्र में करियर बनाने का लक्ष्य
कक्षा 10वीं में शत-प्रतिशत अंक हासिल करने के बाद आरशा ने अपने भविष्य की दिशा भी तय कर ली है। वे वर्तमान में इंजीनियरिंग की तैयारी में जुट गई हैं। आरशा का सपना इंजीनियरिंग के क्षेत्र में नवाचार करना और तकनीकी दुनिया में अपना विशेष योगदान देना है। जिस लगन के साथ उन्होंने बोर्ड परीक्षा में सफलता पाई है, उसे देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि वे अपने आगामी लक्ष्यों को भी इसी तरह शानदार ढंग से प्राप्त करेंगी।
With AI Inputs












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