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Deputy News Editor
अंकुर शर्मा वनइंडिया हिंदी पोर्टल में Deputy News Editor पद पर कार्यरत हैं । इन्होंने अपनी पत्रकारिता का सफर ट्रेनी कॉपी राइटर के तौर पर दिसंबर 2005 में ETV से शुरू किया था, ईटीवी में रहते हुए कई बेस्टस्टोरी अवॉर्ड जीती हैं। अप्रैल 2010 में डिजिटल क्षेत्र में कदम रखते हुए वनइंडिया हिंदी पोर्टल ज्वाइन किया । मनोरंजन, खेल, साक्षात्कार, ट्रेडिंग विषयो और धर्म से जुड़े विषयों में लिखती हैं। कविताएं लिखना पसंद है और एकंरिंग का शौक है। कई मशहूर सितारों और नेताओं के जूम इंटरव्यू ले चुकी हैं। ईश्वर पर अटूट भरोसा करती हैं और 'मेहनत को ही सफलता का रास्ता मानती हैं।
Chief Sub Editor
भावना पाण्‍डेय वन इंडिया हिंदी पोर्टल में चीफ सब एडिटर हैं। पॉलिटिकल, एनालिसिस न्‍यूज, साक्षात्‍कार, हेल्‍थ, साइंस, रक्षा, मोटिवेशनल स्‍टोरी, करेंट अफेयर्स एवं ट्रेडिंग विषयों पर लिखती हैं। दैनिक जागरण लखनऊ से करियर की शुरूआत की, अमर उजाला लखनऊ की लॉचिंग टीम का हिस्‍सा रहीं। 2007 में रक्षा मंत्रालय के डिफेंस कॉरस्पॉन्डेंट कोर्स के लिए सलेक्ट हुईं। ह्यूमन ट्रै‍फकिंग रिर्पोटिंग में नेशनल अवार्ड के लिए सलेक्‍ट हो चुकी हैं। अमर उजाला लखनऊ में बेस्‍ट रिपोर्टर अवार्ड से सम्‍मानित हो चुकी हैं। प्रिंट मीडिया के बाद डिजिटल मीडिया में कदम रखा।
सब एडिटर
मेरा नाम रिज़वान है, उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से आता हूं शुरुआती शिक्षा वहीं पर हुई। ग्रेजुएशन मुजफ्फरनगर से करने के बाद आईआईएमसी दिल्ली से पत्रकारिता में स्नाकोत्तर डिप्लोमा किया और इसके बाद नौकरी शुरू की। पिछले तीन साल से ODMPL में नौकरी कर रहा हूं।
Chief Sub Editor
पल्लवी कुमारी, वनइंडिया हिंदी में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। डिजिटल पत्रकारिता में 9 सालों का अनुभव है। राजनीति, करेंट अफेयर्स और मनोरंजन जैसे विषयों पर लेखन में रुचि है। अपनी पत्रकारिता के अनुभव में पल्लवी, लाइव इंडिया, स्पोर्ट्स विकी, राजस्थान पत्रिका, लोकमत में काम कर चुकी हैं। इस दौरान न्यूज टीम से लेकर वीडियो मेकिंग में काम किया। पल्लवी ने मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन और बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में डिग्री ली है। खबरों के अलावा फैमली के साथ क्वालिटी टाइम बिताना और घूमना काफी पसंद है।
Chief Sub-Editor
साल 2016 से डिजिटल मीडिया में काम कर रहा हूं. लाइव इंडिया से सफर की शुरुआत हुई थी, जिसके बाद जनसत्ता, लोकमत और जी बिजनेस जैसे संस्थानों में अपनी सेवाएं देने का काम कर चुका हूं. वनइंडिया हिंदी ऑनलाइन पोर्टल के साथ बतौर खेल पत्रकार जुड़ा हूं. अपने करियर के दौरान खेल के अलावा मनोरंजन और बिजनेस जैसे बीट पर भी काम कर चुका हूं. लिखने के अलावा ट्रैवलिंग और मूवी देखना पसंद है.
senior reporter
LN मालवीय पत्रकारिता में लगभग 10 सालों से कार्यरत है। मध्य प्रदेश के सैटेलाइट टीवी चैनलों में काम करते हुए इन्हे बड़ा अनुभव है। एल एन मालवीय अब तक DNN, Etv bharat, inshorts, अनोखा तीर, दैनिक जनलोक मंथन, JMS DIGITAL, MKN और अब वनइंडिया हिंदी में बतौर सीनियर रिपोर्टर काम कर रहे है। एलएन मालवीय राजनीतिक मुद्दों के साथ क्राइम में अच्छी पकड़ रखता है।
Senior Sub Editor
नवीन डिजिटल मीडिया में 9 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। स्पोर्ट्स न्यूज, फीचर, आंकड़े आदि में विशेष रूचि है। लेखन में क्रिकेट पसंदीदा विषय है। पूर्व में स्पोर्ट्सकीड़ा के साथ काम किया है। नवीन पार्ट टाइम ट्रेवलर भी हैं, नई-नई जगहों पर घूमना बहुत पसंद है।
मैं पवन नौटियाल उत्तराखंड से हूं, जो कि वन इंडिया हिंदी के लिए बतौर सीनियर रिपोर्टर कार्यरत हूं। पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से काम कर रहा हूं। प्रदेश की सियासत से लेकर सामाजिक और सरोकार की खबरों पर मेरी पेनी नजर रहती है।
Sub Editor
सोहित कुमार को डिजिटल मीडिया में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है। वनइंडिया हिंदी से पहले पंजाब केसरी, ETV Bharat और प्रभात खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में काम किया है। राजनीति, खेल, विज्ञान और समाज में उभरते ट्रेंड्स को समझना और उन पर लिखना खास तौर पर पसंद है।
Deputy News Editor
बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर oneindia.com के हिंदी पोर्टल में कार्यरत हैं। मीडिया में करीब 16 साल का अनुभव है। न्यूज एजेंसी एएनआई में रिपोर्टर के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिलहाल एंटरटेनमेंट से लेकर लाइफस्टाइल, हेल्थ, फूड और ट्रेंडिंग रिलेटेड आर्टिकल्स लिखती हैं।
Senior Sub Editor
दिव्‍यांश रस्‍तोगी पिछले 8 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हैं। क्राइम बीट में गहरी दिलचस्‍पी है। मनोरंजन, पॉलिटिक्स पर भी हाथ तगड़ा है। खबरों को रोचक और सरल तरीके से बताने-समझाने में माहिर हैं। दैनिक जागरण से दैनिक भास्कर फिर टीवी9 भारतवर्ष में सेवाएं देने के बाद वन इंडिया में बतौर सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।
Sub Editor
सुनिधि राज नवंबर 2023 से वनइंडिया में सब एडिटर के रूप में काम कर रही हैं, जहां वे खास तौर पर बिहार की राजनीति, मौसम,यूटिलिटी, लाइफस्टाइल, क्राइम से जुड़ी रिपोर्ट्स और खेल से संबंधित खबरें लिखना पसंद करती हैं। इससे पहले वे करीब एक साल तक दैनिक भास्कर में वीडियो प्रोड्यूसर रहीं। इसके अलावा अमर उजाला डिजिटल के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कंटेंट राइटर और बिहार के डिजिटल न्यूज़ पोर्टल फर्स्ट बिहार झारखंड में एंकर और रिपोर्टर के तौर पर भी अपनी भूमिका निभा चुकी हैं। सुनिधि ने पटना यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है। इन्हें एडिटिंग में भी इंटरेस्ट है। अपने खाली वक्त में सुनिधि किताबें पढ़ना, गाने सुनना और खाना बनाना पसंद करती हैं।
वनइंडिया हिंदी में उप संपादक के रूप में कार्यरत। पत्रकारिता में कुल 5 वर्ष से अधिक का अनुभव। नेशनल न्यूज, पॉलिटिकल न्यूज और सामाजिक मुद्दों पर कॉपी लिखने में रुचि।
Sub-editor
सुमित झा वर्तमान में वनइंडिया हिंदी पोर्टल में सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। वे मुख्यतः राजनीति, रक्षा, विदेश मामलों और ट्रेंडिंग विषयों पर लिखते हैं। सुमित ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2022 में इंडिया टुडे ग्रुप के साथ वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में की थी। तब से वे निरंतर डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं। बिहार के सीतामढ़ी जिले से ताल्लुक रखने वाले सुमित ने अपनी शिक्षा पटना यूनिवर्सिटी और जामिया मिल्लिया इस्लामिया (नई दिल्ली) से प्राप्त की है।
Senior Sub Editor
शशांक मणि पाण्डेय वनइंडिया हिंदी में कार्यरत हैं। एंटरटेनमेंट की रूटीन खबरों के अलावा फिल्म और सीरीज के रिव्यू और एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिखते हैं। इसी को इनके दोस्त 'मौज की नौकरी' भी कहते हैं। शशांक ने अपने पत्रकारिता का सफर दैनिक भास्कर से शुरू किया। इसके बाद ज़ूम टीवी, टाइम्स नाउ नवभारत और लल्लनटॉप जैसे संस्थान में भी कार्य किया। शशांक ने अपनी पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय भोपाल से की है। पत्रकारिता के साथ ये थिएटर से भी जुड़े हैं। वहीं, इन्हें घूमना-फिरना, तरह-तरह के व्यंजन खाना, नए लोगों से मिलना और यारबाज़ी करना पसंद है।
कार्तिक अग्निहोत्री पत्रकारिता की क्षेत्र से लगभग 20 वर्षो से जुड़े हैं। प्रिंट-इलेक्ट्रॉनिक कई मीडिया संस्थानों में कार्य कर चुके हैं। राजनीति, क्राइम, सामाजिक मुद्दे, करेंट अफेयर्स, एनालिसिस न्‍यूज लिखने में ज्यादा दिलचस्पी हैं। कोरोनाकाल में नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन और कालाबाजारी का सबसे पहले किया गया स्टिंग ऑपरेशन देश भर में सुर्ख़ियों में रहा।
Sub editor
पूजा यादव, वनइंडिया में बतौर जूनियर सब-एडिटर कार्यरत हैं। अपने अब तक के सफर में पूजा ने हिंदुस्तान समाचार, क्विंट हिंदी और टाइम्स नेटवर्क जैसे देश के प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ इंटर्नशिप कर जमीनी रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल पत्रकारिता तक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया है। पूजा की खास रुचि पॉलिटिकल रिपोर्टिंग, ग्राउंड स्टोरीज, महिला-केंद्रित विषयों और क्रिएटिव कंटेंट क्रिएशन में है। इसके अलावा उन्हें हिंदी साहित्य पढ़ने और लेखन का भी शौक है। पूजा ने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी से पत्रकारिता में स्नातक (BJMC) और और पीजी डिप्लोमा इन टीवी जर्नलिज्म जामिया मिल्लिया इस्लामिया से किया है।
स्मिता मुग्धा वन इंडिया में बतौर चीफ सब एडिटर के पद पर काम कर रही हैं. इन्होंने करियर की शुरुआत दैनिक भास्कर से की और टाइम्स ग्रुप, ज़ी मीडिया जैसे संस्थानों में काम किया है. रेडियो और प्रिंट की दुनिया से होते हुए वेबसाइट जर्नलिज्म में कदम रखा. राजनीति, अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों और खेल पर लिखना पसंद है. दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रैजुएशन और भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है. खाली समय में साहित्य की किताबें पढ़ना, रेडियो शो सुनना और यात्राएं करना पसंद है.
ज्योतिष और कर्मकांड में परास्नातक पंडित चक्रपाणि उपाध्याय वास्तुशास्त्र और हस्तरेखा विज्ञान में गहरी रुचि रखते हैं। वे दैनिक राशिफल, पंचांग, ग्रहदोष निवारण के उपाय और यजमान के लिए पूजा और हवन अनुष्ठान करवाने में निपुण हैं। उनकी विशेषज्ञता और ज्योतिषशास्त्रीय ज्ञान के साथ, वे जीवन की चुनौतियों का सामना करने और बेहतर भविष्य की दिशा में कदम बढ़ाने में लोगों की मदद करते हैं। पंडित जी से ज्योतिष संबंधी प्रश्न पूछने के लिए आप [email protected] पर ईमेल कर सकते हैं।
राजस्थान में पत्रकारिता के सफर की शुरूआत साल 2010 से हुई और ईटीवी राजस्थान से होते हुए इंडिया टीवी,न्यूज नेशन,जी मीडिया,टाइम्स नाऊ नवभारत,रिपब्लिक भारत,पंजाब केसरी राजस्थान होते हुए पब्लिक वाइब के बाद अब वन इंडिया से साथ इस सफर को आगे बढा रहा हूं।
Chief Sub Editor
सिद्धार्थ पुरोहित, वनइंडिया हिंदी में बतौर चीफ सब एडिटर (इंटरनेशनल डेस्क) के पद पर काम कर रहे हैं. इन्होंने करियर की शुरुआत एबीपी न्यूज से बतौर क्राइम रिपोर्टर की थी, जिसमें कश्मीर और दिल्ली में क्राइम पर महत्वपूर्ण रिपोर्ट्स बनाईं. बाद में एबीपी न्यूज में ही बीजेपी जैसी बीट पर काम कर चुके सिद्धार्थ कई चुनावों को कवर कर चुके हैं. इसके बाद इन्होंने ज़ी न्यूज में मध्य प्रदेश ब्यूरो की बड़ी जिम्मेदारी संभाली. इसके अलावा सिद्धार्थ दैनिक जागरण और रिपब्लिक भारत जैसे संस्थानों में भी अहम जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. टीवी की दुनिया से होते हुए सिद्धार्थ ने डिजिटल जर्नलिज्म में कदम रखा. जिसमें उन्होंने कई बेहतरीन डॉक्यूमेंट्रीज बनाईं जो नेशनल और इंटरनेशनल मुद्दों को एक नए नजरिए के साथ पेश करती हैं. सिद्धार्थ वर्तमान में अंतर्राष्ट्रीय मामलों पर गहन जानकारी रखते हैं और लिखना पसंद करते हैं. जर्नलिज्म में 10 साल का अनुभव रखने वाले सिद्धार्थ पुरोहित ने भोपाल की माखनलाल चतुर्वेदी नेशनल यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म की पढ़ाई की है। खाली समय में अंतर्राष्ट्रीय राजनीति और डिफेंस पर लिखी गई किताबें पड़ना पसंद करते हैं साथ ही बैडमिंटन और बॉक्सिंग जैसे खेलों में भी रुचि रखते हैं. इसके अलावा ये दूर-दराज की भारतीय जगहों को घूमना, उनकी संस्कृति व खान-पान को जानने में भी दिलचस्पी रखते हैं।
अजय सेतिया एक वरिष्ठ पत्रकार व स्तंभकार के रूप में जाने जाते हैं। अपने लंबे पत्रकारिता जीवन में वे कई बड़े मीडिया समूहों के लिये वरिष्ठ पदों पर काम कर चुके हैं। कई वर्षों से वे अपने नियमित स्तंभ \"इंडिया गेट से\" द्वारा देश की राजनीति के बारे में महत्त्वपूर्ण जानकारी अपने पाठकों को देते आये हैं। 2011 से 2014 के दौरान तीन वर्षों तक अजय सेतिया उत्तराखंड राज्य के बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष के रूप में भी काम कर चुके हैं।
\"राज कुमार पाल एक युवा पत्रकार हैं. राजनीति, खेल, क्राइम विषयों पर लिखने में रुचि रखते हैं. मीडिया में 8 साल से ज्यादा का अनुभव है. कई बड़े संस्थानों में काम कर चुके हैं.\"
मांशुल राटोडिया युवा पत्रकार एवं लेखक हैं।
"भारतीय चित्त, मानस और काल के प्रबल पैरोकार संजय तिवारी 'मणिभद्र' बीते बीस सालों से दिल्ली में रहकर स्वतंत्र पत्रकारिता और लेखन कर रहे हैं। डिजिटल मीडिया में 2007 से बतौर ब्लागर प्रवेश और 2008 में करंट अफेयर पोर्टल विस्फोट डॉट काम की शुरुआत जो 2015 में स्थगित हो गया। फिलहाल, स्वतंत्र लेखन और संपादन में व्यस्त।"
विक्रम उपाध्याय को हिंदी पत्रकारिता में 25 वर्षों का अनुभव है। अनेक प्रमुख समाचार पत्रों एवं पत्रिकाओं में कार्य करने के बाद स्वतंत्र लेखन में व्यस्त। आर्थिक एवं विदेश मामलों पर अध्ययन एवं शोध कार्य हेतु सीनियर रिसर्च फेलोशिप।
\"समीर चौगांवकर प्रिंट मीडिया में दो दशकों से सक्रिय वरिष्ठ पत्रकार व लेखक हैं। देश के प्रतिष्ठित समाचार पत्रों व पत्रिकाओं में वर्षों तक काम करने का अनुभव। विभिन्न टीवी चैनलों पर सामयिक विषयों के विश्लेषक के रूप में भी सक्रिय हैं।\"
पत्रकारिता व लेखन में 12 वर्षों का अनुभव। पत्रकारिता जीवन में देश के सभी प्रतिष्ठित समाचार-पत्रों/ पत्रिकाओं में लेखों का प्रकाशन। लेखन कार्य के अतिरिक्त विविध सामाजिक कार्यों में संलग्न।
\"अनिल तिवारी तीन दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कुछ मीडिया संस्थानों में नौकरी के बाद अब स्वतंत्र लेखन कर रहे हैं।\"
भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता मे दीक्षित...तीन दशक से पत्रकारिता में सक्रिय..जी न्यूज, इंडिया टीवी, यूएनआई टीवी, दैनिक भास्कर, अमर उजाला आदि में वरिष्ठ पदों पर कार्य. हिंदी के सभी प्रमुख अखबारों एवं पत्रिकाओं के लिए लगातार लेखन, राजनीतिक, साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर लगातार लेखन...बाजारवाद के दौर में मीडिया पुस्तक प्रकाशित, कई विश्वविद्यालयों के पत्रकारिता विभागों के पाठ्यक्रम समितियों के सदस्य..एनसीईआरटी की भाषा समिति में विशेषज्ञ के तौर पर कार्य..नारद सम्मान, मदनमोहन मालवीय पत्रकारिता और हनुमान प्रसाद पोद्दार पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित..
सुदामा भारद्वाज दो दशकों से सामाजिक संगठनों के साथ जुड़कर काम करने एवं सामयिक मुद्दों पर लेखन कार्य में रुचि लेते हैं।
लेखक परिचय: स्वतंत्र पत्रकार, लेखक व शॉर्ट फिल्म निर्माता। विभिन्न पत्र पत्रिकाओं के लिए लेखन व संपादन। ई-बुक फॉर्मेट में करीब एक दर्जन पुस्तकें प्रकाशित।
शुभांगी गुप्ता युवा लेखिका एवं स्तंभकार हैं।
इतिहास में एमफिल करनेवाले विष्णु शर्मा लेखक, फिल्म समीक्षक और पत्रकार हैं। अमर उजाला, न्यूज 24 और इंडिया न्यूज में काम कर चुके हैं, पिछले 22 साल से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। फिलहाल बतौर फिल्म क्रिटिक लिखते हैं। फिल्मों के अलावा वो इतिहास पर दो किताबें लिख चुके हैं तथा दिल्ली के इतिहास पर उनका साप्ताहिक कॉलम ‘दौर ए दिल्ली’ दैनिक जागरण में हर शनिवार को प्रकाशित होता रहा है।
आशीष कुमार अंशु एक पत्रकार, लेखक व सामाजिक कार्यकर्ता हैं। आम आदमी के सामाजिक सरोकार से जुड़े मुद्दों तथा भारत के दूरदराज में बसे नागरिकों की समस्याओं पर अंशु ने लम्बे समय तक लेखन व पत्रकारिता की है। अंशु मीडिया स्कैन ट्रस्ट के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं और दस वर्षों से मानवीय विकास से जुड़े विषयों की पत्रिका सोपान स्टेप से जुड़े हुए हैं।
शिव कुमार सिंह एक शोध संस्थान से जुड़े हुए हैं और सामाजिक हित से जुड़े विषयों पर लेखन में रुचि रखते हैं।
अनिल सिंह बीते 22 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। प्रिंट, टीवी एवं डिजिटल मीडिया में लंबे समय तक काम करने के बाद फिलहाल स्‍वतंत्र पत्रकारिता एवं मानवीय विषयों पर लेखन में व्‍यस्‍त।
देवेश खंडेलवाल ने भारतीय जन संचार संस्थान से पीजी डिप्लोमा करने के बाद कई मीडिया व शोध संस्थानों में कार्य किया है, जिनमें डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन, एकात्म मानव विकास व शोध संस्थान, तथा जम्मू-कश्मीर स्टडी सेंटर प्रमुख हैं। उनके शोध परक लेख अनेक पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहते हैं।
आलोक कुमार 1988 से पत्रकार हैं। दुमका, रांची, पटना के रास्ते 1993 से दिल्ली में मुख्यधारा की पत्रकारिता से जुड़े। माया, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर, ज़ी न्यूज, आजतक आदि न्यूज़ चैनल में काम करने के बाद फिलहाल इन दिनों मान्यता प्राप्त स्वतंत्र पत्रकार हैं।
निरंजन परिहार राजनीतिक विश्लेषण में एक प्रतिष्ठित नाम हैं। प्रतिष्ठित न्यूज़ चैनलों एवं समाचार पत्रों में लंबे समय तक राजनीतिक पत्रकारिता करने के बाद अब निरंजन चुनावी गणित के अध्ययन एवं आकलन के कार्य में व्यस्त रहते हैं।
हिंदी भाषा एवं साहित्य में स्नातक आरती कुमारी एक स्वतंत्र पत्रकार है। राजनीति, धर्म-अध्यात्म, प्राचीन भारतीय इतिहास एवं संस्कृति, कला, साहित्य, स्त्री चिंतन समेत प्रमुख राष्ट्रीय विचारों पर लेखन कार्य में विशेष रुचि।
आनन्द कुमार डाटा एनालिटिक्स एवं सोशल रिसर्च के अपने काम के अलावा स्वतंत्र लेखन करते हैं।
पंकज गांधी लंबे समय से मुंबई में रहकर आर्थिक पत्रकारिता कर रहे हैं। विभिन्न अखबारों के लिए कॉलम लिखने के साथ वित्तीय मामलों में सलाहकार की भूमिका भी निभाते हैं।
बतौर शिक्षा प्रशासक कार्यरत प्रणय कुमार लेखक और शिक्षाविद हैं। अध्यापन के साथ विभिन्न अखबारों/पत्रिकाओं के लिए नियमित लेखन करते हैं। इसके साथ ही भारतीय दर्शन, चिंतन तथा सनातन ज्ञान परंपरा पर अपने व्याख्यान के लिए जाने जाते हैं।
डॉ अभिलाषा द्विवेदी आईसीएफ, अमेरिका से मान्यताप्राप्त लाइफ कोच, लेखक और शोधकर्ता हैं। उन्होंने आध्यात्म पर कुछ पुस्तकें लिखी हैं और प्रज्ञान विद्यापीठ रिसर्च इंस्टीट्यूट की संस्थापक निदेशक हैं।
विजित कुमार एक सामाजिक संस्था से जुड़े रहकर विभिन्न विषयों पर अध्ययन एवं लेखन करते हैं।
Assistant Business Editor
गुडरिटर्न्स हिन्दी में बतौर असिस्टेंट एडिटर (बिजनेस) कार्यरत। स्टॉक मार्केट, म्यूचुअल फंड, बीमा, पोस्ट ऑफिस बचत स्कीम सहित पर्सनल फाइनेंस जैसे विषयों पर लिखने का करीब 26 साल का अनुभव। निवेश करके कैसे अधिकतम लाभ कमाया जाए, ऐसे विषयों पर लिखने का विशेष अनुभव। डिजिटल मीडिया के पहले प्रिंट मीडिया में बिजनेस पत्रकारिता का भी अनुभव है। कैरियर के दौरान हिन्दुस्तान, मनी भास्कर, न्यूज नेशन जैसे संस्थानों में काम किया। अपने पाठकों के लिए ओरीजनल कंटेंट लिखना ही अपना शौक मानते हैं।
सोनाली मिश्रा लेखिका एवं अनुवादक हैं। उनके दो उपन्यास महानायक शिवाजी एवं नेहा की लव स्टोरी प्रकाशित हो चुके हैं, अनुवाद में शोध। फिलहाल स्वतंत्र लेखन में सक्रिय।
अभिरंजन कुमार बीते दो दशक से हिन्दी में पत्रकारिता कर रहे हैं। विभिन्न टीवी चैनलों में काम किया। वर्तमान में दिल्ली में रहकर स्वतंत्र लेखन कर रहे हैं।
भारतीय सेना में मेजर रह चुके सरस चंद्र त्रिपाठी एक लेखक और वक्ता भी हैं। उन्होंने 'कश्मीर में आतंकवाद का सच' और 'मौन संविधान भयानक परिणाम' नाम से हिन्दी अंग्रेजी में दो पुस्तकें लिखी हैं। दर्शनशास्त्र और मानव विकास के अध्ययन में रुचि रखने वाले त्रिपाठी स्वतंत्र लेखन करते हैं।
\"रांची में रहने वाले रंजीत कुमार वरिष्ठ पत्रकार हैं। दो दशक तक सक्रिय पत्रकारिता के उपरांत फिलहाल स्वतंत्र लेखन, भाषाई अनुसंधान और अनुवाद का कार्य करते हैं।\"
अमरनाथ लंबे समय से पत्रकारिता, शोधकार्य व लेखन में सक्रिय हैं। समाज, राजनीति के साथ पानी व पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर लेखन में रुचि।
शशि दुबे ने मध्यकालीन इतिहास विषय में स्नातकोत्तर किया है। समसामयिक मुद्दों पर लिखने में सक्रिय।
गिरिधर गोपाल युवा पत्रकार हैं. देश की राजनीति से लेकर खेल और अर्थशास्त्र में खास रुचि है. गिरिधर इन विषयों के साथ सामाजिक सरोकार से जुड़े मुद्दों और अध्यात्म को लेकर भी लगातार लिखते रहे हैं.
"अनिल जावलेकर नाबार्ड से सेवानिवृत अधिकारी हैं और विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में आर्थिक एवं सामाजिक विषयों पर लेख लिखते हैं। 'India's Perspective Policy on Agriculture' एवं 'Droughts and way Forward' पुस्तकों के सहायक संपादक के रूप में काम कर चुके हैं।"
अनुराग भारती 20 वर्षों से खेल पत्रकारिता कर रहे हैं। 2003 से 2019 तक उन्होंने बतौर खेल पत्रकार क्रिकेट हर विश्वकप कवर किया है। एक नेशनल चैनल में स्पोर्ट्स हेड भी रह चुके हैं।
उमेश उपाध्याय वरिष्ठ पत्रकार व लेखक हैं। कई मीडिया संस्थानों के संपादक के रूप में काम करने के बाद अब वे अनेक शिक्षण संस्थाओं एवं प्रकाशनों के प्रबंधक मंडल में सक्रिय हैं। संप्रति वे रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रेसिडेंट व मीडिया निदेशक हैं।
मानवीय मन-जीवन तथा सामाजिक-पारिवारिक सम सामयिक विषयों पर 17 वर्षों से नियमित लेखन। पत्रकारिता और जनसंचार संकाय के अन्तर्गत सामाजिक विज्ञापनों से जुड़े विषय पर शोधकार्य। स्त्री विषयक लेखन हेतु लाड़ली मीडिया रीज़नल अवार्ड -2021 प्राप्त। 'दरवाज़ा खोलो बाबा' पुस्तक के लिए महाराष्ट्र राज्य हिन्दी साहित्य अकादमी, स्वर्ण पुरस्कार से पुरस्कृत।
"श्रद्धा दुबे युवा लेखिका और स्तंभकार हैं।"
माधव कुमार पर्यटन प्रबंधन में स्नातकोत्तर करने के बाद एक स्वतंत्र ब्लॉगर एवं पत्रकार हैं। पर्यटन, तकनीक, खेल, धर्म, संस्कृति, खान-पान, और प्रमुख समसामयिक विषयों के लेखन में माधव की रुचि है।
साहित्य और पत्रकारिता में लंबे समय से सक्रिय। साहित्य की विभिन्न विधाओं में अब तक चार किताबें आ चुकी हैं, और वर्षों तक नियमित पत्रकारिता भी की है। साहित्य और पत्रकारिता हेतु विभिन्न सम्मान और पुरस्कार मिल चुके हैं। अब घुमक्कड़ी के साथ-साथ स्वतंत्र लेखन जारी है।
देवेश त्रिपाठी युवा पत्रकार हैं. प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर लिखते हैं.
बीते 17 सालों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय। आज तक सहित अन्य मीडिया घरानों में कार्य। रामचंद्र गुहा की गांधी श्रृंखला की पुस्तकों का हिन्दी अनुवाद किया। संप्रति पेंगुइन रैंडम हाउस में हिंदी के कमिश्निंग एडिटर हैं। इसके साथ साथ लेखन कार्य भी जारी।
डॉ फैयाज अहमद एक लेखक, स्तंभकार, मीडिया पैनलिस्ट, पसमांदा-सामाजिक कार्यकर्ता होने के साथ साथ पेशे से चिकित्सक हैं। पिछले कई वर्षों से वे देश के वंचित देशज पसमांदा मुसलमानों के उत्पीड़न एवं अधिकार की बात को लेख, वीडियो वार्तालाप आदि के माध्यम से विभिन्न मंचों से उठा रहे हैं। डॉ फैयाज मुस्लिम समाज में सामाजिक न्याय की स्थापना के लिए खुलकर बोलते और लिखते हैं।
जेएनयू से हिन्दी साहित्य में पीएचडी करनेवाले आनंद पांडेय इस समय अध्यापन कार्य कर रहे हैं। इसके साथ ही आलोचना, शोध और लेखन में दो दशक से सक्रिय। राजकमल प्रकाशन से आई 'पुरुषोत्तम अग्रवाल संचयिता : किया अनकिया' सह संपादन और स्वराज प्रकाशन से आई 'सोशल मीडिया की राजनीति' का संपादन।
1986 से पत्रकारिता में सक्रिय। प्रमुख समाचार पत्रों में विशेष संवाददाता, समाचार संपादक आदि पदों पर कार्य का लंबा अनुभव। अब विभिन्न मुद्दों पर स्वतंत्र लेखन।
Senior Sub Editor
संपादक
मीडिया व विज्ञापन जगत में लगभग दो दशकों का अनुभव। प्रिंट, रेडियो और डिजिटल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए समाचार लेखन, संपादन और कंटेंट स्ट्रैटेजी में गहरी समझ विकसित हुई। चुनाव-कवरेज, आंतरिक सुरक्षा व डेटा-जर्नलिज़्म में व्यापक रुचि। बीते एक दशक से डिजिटल मीडिया की चुनौतियों को नवाचारी, तथ्यपरक और प्रभावशाली कंटेंट के ज़रिये साधने पर केंद्रित। समकालीन राजनीति,न्यायिक-तंत्र, समाज और लोकतांत्रिक विमर्श लेखन व संपादकीय दृष्टि के प्रमुख विषय हैं। वैसे तो खाली समय होता नहीं है लेकिन अगर हो तो किताबें पढना, कविता-कहानी लिखना, बातें करना और घूमना पसंद है।
रामनाथ राजेश वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार हैं। नवभारत टाइम्स, दैनिक जागरण, आईएनएस, न्यूज 18, ईटीवी, एबीपी जैसे मीडिया संस्थानों में लगभग तीन दशक तक विभिन्न वरिष्ठ पदों पर काम कर चुके हैं। सामाजिक, राजनीतिक एवं आर्थिक मुद्दों पर देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में लिखते रहे हैं। सामाजिक विसंगतियों पर केंद्रित इनकी पुस्तक 'वाट्सएप' काफी चर्चित रही थी।
श्री मनमोहन शर्मा हिंदी के वरिष्ठतम पत्रकारों में से एक हैं. वे पिछले 60 से अधिक वर्षों से हिंदी व उर्दू पत्रकारिता से जुड़े रहे हैं और विभिन्न समाचार माध्यमों में लम्बे समय तक कार्य करने के बाद अब स्वतंत्र रूप से लेखन करते हैं. छह दशकों से अधिक समय तक देश की राजनीति व राजनेताओं को नजदीक से देखने व समझने के कारण उनके पास पुरानी खबरों का विशाल खजाना है जिसे वे अपने पाठकों के साथ समय समय पर साझा करते हैं.
पंजाब के मलेरकोटला में जन्में सुरेन्द्र बंसल 15 वर्षों से लेखकीय कार्य कर रहे हैं। उन्होंने प्रख्यात पर्यावरणविद् अनुपम मिश्र की पुस्तक ''आज भी खरे हैं तालाब" का और विनोबा द्वारा जपुजी साहिब के हिन्दी अनुवाद का पंजाबी अनुवाद किया है। विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में पानी पर्यावरण पर लेखन के लिए उन्हें कई प्रतिष्ठित पुरस्कार मिल चुके हैं।
अनुराग पुनेठा वरिष्ठ पत्रकार और खेल विश्लेषक हैं। पिछले दो दशकों में अनुराग देश के नामी मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
श्याम जाजू भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रह चुके हैं। राजनीति में सक्रिय भागीदारी के साथ साथ वे समसामयिक विषयों पर लेखन भी करते हैं।
प्रेरणा कुमारी डीआरडीओ में कार्यरत रह चुकी हैं। वर्तमान में स्वतंत्र लेखन एवं अनुवाद में सक्रिय हैं।
लेखक एक अधिवक्ता हैं और कानूनी एवं प्रशासनिक विषयों पर लेखन में रुचि रखते हैं।
"ललित मिश्रा ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है और उन्हें टीवी, प्रिंट और डिजिटल की कार्य रूप रेखा और कार्यशैली का अच्छा अनुभव है। मौजूदा समय में ये एक स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्यरत हैं।"
सब एडिटर-सोशल मीडिया
बतौर सोशल मीडिया एक्सपर्ट ODMPL हिंदी पोर्टल में कार्यरत। तमाम सोशल मीडिया टूल्स पर गहरी पकड़। राजनीति और समसामयिक विषयों पर लेखन में विशेष रुचि।
"लेखक वरिष्ठ स्तंभकार, पूर्व राज्यसभा सांसद और भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं।"