Surinder Bansal

पंजाब के मलेरकोटला में जन्में सुरेन्द्र बंसल 15 वर्षों से लेखकीय कार्य कर रहे हैं। उन्होंने प्रख्यात पर्यावरणविद् अनुपम मिश्र की पुस्तक ''आज भी खरे हैं तालाब" का और विनोबा द्वारा जपुजी साहिब के हिन्दी अनुवाद का पंजाबी अनुवाद किया है। विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में पानी पर्यावरण पर लेखन के लिए उन्हें कई प्रतिष्ठित पुरस्कार मिल चुके हैं।

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