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प्रेगनेंसी से जुड़ी समस्याओं का राज बता देते हैं हथेली में बने ये चिन्ह

नई दिल्ली। कोई विवाह तभी पूर्ण सुखी माना जाता है जब दंपती एक स्वस्थ संतान को जन्म दें। सफल और सुखद विवाह का पैमाना एक उत्तम संतान की प्राप्ति भी है। लेकिन कई दंपतियों के जीवन में संतान रूपी पुष्प खिल ही नहीं पाता। कुछ स्त्रियों को गर्भपात हो जाता है। प्रेगनेंसी से जुड़ी ऐसे ही अनेक तरह की समस्याएं स्त्री और पुरुष के हाथ की लकीरें देखकर पता की जा सकती हैं और उनका उचित समाधान भी किया जा सकता है।

शुक्र पर्वत को माना गया है संतान सुख का प्रतिनिधि

शुक्र पर्वत को माना गया है संतान सुख का प्रतिनिधि

हस्तरेखा शास्त्र में शुक्र पर्वत को प्रेम, दांपत्य सुख, यौन सुख और संतान सुख का प्रतिनिधि माना गया है। शुक्र पर्वत की स्थिति, इस पर मौजूद विभिन्न् प्रकार के चिन्हों के आधार पर पता लगाया जा सकता है कि व्यक्ति की लव लाइफ कैसे रहेगी। इस पर्वत पर मौजूद चिन्हों के जरिए संतान सुख की स्थिति भी ज्ञात की जा सकती है। आज हम बात करते हैं स्त्री की गर्भावस्था और संतान सुख के बारे में।

क्या है शुक्र पर्वत पर रेखाओं का जाल होने का मतलब

क्या है शुक्र पर्वत पर रेखाओं का जाल होने का मतलब

- किसी स्त्री की हथेली में शुक्र पर्वत पर यदि रेखाओं का गहरा जाल बना हुआ है तो यह गर्भपात का संकेत है।

- मणिबंध रेखा से कोई रेखा निकलकर शुक्र पर्वत पर जाए और वहां जाकर वह किसी आईलैंड की तरह आकार ले तो यह गर्भपात का संकेत है।
- यदि मणिबंध रेखा से कोई रेखा निकलकर शुक्र पर्वत पर जाए और उल्टा कर्व बनाए तो ऐसी स्त्री को गर्भधारण करने में समस्या आती है और उसे संतान प्राप्ति देरी से होती है।
- किसी स्त्री के हाथ में जीवन रेखा से टूटकर कोई रेखा शुक्र पर्वत तक जाए तो महिला को गर्भ धारण संबंधी परेशानी आती है। ऐसे महिला को यूरीन इंफेक्शन और गर्भ से जुड़ी परेशानियां आती हैं।

हथेली की ये रेखा होती है नि:संतानता का प्रतीक

हथेली की ये रेखा होती है नि:संतानता का प्रतीक

- हथेली में मौजूद अन्य चिन्ह देखकर भी गर्भ से जुड़ी बातों की जानकारी हासिल की जा सकती है। जैसे यदि कोई एकदम सीधी सपाट रेखा कनिष्ठिका अंगुली से निकलकर मध्यमा तक जाए तो ऐसी स्त्री की संतान बचपन में ही दुर्घटना की शिकार होती है।

- यदि किसी स्त्री की हथेली में मध्यमा और कनिष्ठिका के मध्य में नीचे की ओर बड़ा सा क्रॉस का चिन्ह हो तो यह नि:संतानता का प्रतीक है।
- नि:संतानता के कुछ चिन्ह पुरुषों की हथेली में भी होते हैं। यदि किसी पुरुष के शुक्र पर्वत पर बड़ा सा क्रॉस का चिन्ह हो तो उसके शुक्राणुओं की संख्या बेहद कम होती है। उसे प्रोस्टेट से संबंधित रोग होते हैं जिसके कारण वह संतान पैदा करने में सक्षम नहीं होता है।
- किसी पुरुष के हाथ में यदि शुक्र पर्वत के नीचे दोहरी जीवन रेखा हो तो यह यौन रोगों की सूचक है। ऐसे पुरुष को सेक्सुअल प्रॉब्लम भी होती है।

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