Vastu Tips For Bedroom: बेडरूम पश्चिम दिशा में है तो ज्यादा दिन साथ नहीं रहे पाएंगे पति-पत्नी
Vastu Tips in Hindi: पश्चिम दिशा में बनी बाथरूम, भंडार गृह, गोदाम, स्टोर रूम पर राहु का प्रभाव रहता है। राहु अचानक लाभ-हानि की स्थिति बनाता है।

Vastu Tips: घर की पश्चिम दिशा बहुत महत्वपूर्ण होती है, इसलिए इस दिशा में कोई भी दोष होने का अर्थ है स्वयं और परिवार को परेशानी में डालना। पश्चिम दिशा का स्वामी वरुण, आयुध पाश एवं प्रतिनिध ग्रह शनि होता है। पश्चिम दिशा से कालपुरुष के पेट, गुप्तांग और जननांग का विचार किया जाता है। यदि घर का मुख्य द्वार पश्चिम दिशा वाला हो और उसमें दोष हो तो गृहस्वामी की आमदनी ठीक नहीं रहती और उसे किसी प्रकार की यौन संबंधी बीमारियां होने का अंदेशा रहता है।
पश्चिम दिशा से जुड़ी खास बातें-
- घर की पश्चिम दिशा को हमेशा साफ-सुथरा रखें। पश्चिम दिशा के किसी भी कमरे की दीवार में दरारें हैं तो इससे शनि का कुप्रभाव झेलना पड़ता है। इससे गृह स्वामी की आमदनी प्रभावित होती है।
- पश्चिम दिशा में यदि पति-पत्नी का बेडरूम है तो उनमें पटरी ठीक से नहीं बैठती, दोनों में विवाद होते रहते हैं और वे लंबे समय तक साथ नहीं रह पाते, अर्थात् उनमें डायवोर्स हो सकता है। विवाद न हो तो भी अन्य कारणों से उन्हें अलग-अलग रहना पड़ता है।
- यदि पश्चिम दिशा में पूजा स्थल बनाया है तो गृहस्वामी, ज्योतिष, तंत्र-मंत्र आदि विद्याओं का जानकार होता है।
- पश्चिम में बना रसोईघर उस घर में धन की आवक तो बहुत करवाता है किंतु वह धन जरा भी टिकता नहीं है।
- पश्चिम में अग्निस्थल घर में रहने वालों को गर्मी, पित्त, एसिडिटी जैसी समस्याएं बार-बार देता है।
- पश्चिम दिशा में लगा दरवाजा यदि छोटा है तो गृहस्वामी की उन्नति में बाधा आती है।
- पश्चिम दिशा में बना द्वार यदि नैऋत्यमुखी हो तो घर के सदस्यों को लंबी बीमारी और असाध्य रोग होने की आशंका रहती है। असामयिक मृत्यु का कारण भी ऐसा द्वार होता है।
- पश्चिमी दिशा में बना द्वार वायव्यमुखी हो तो गृहस्वामी कोर्ट-कचहरी के मामलों फंसा रहता है और इसमें उससे काफी धन का व्यय करना पड़ता है।












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