अपनी ही राशि सिंह में आए सूर्य, जानिए क्या होगा असर

नई दिल्ली। आत्मा, शरीर रचना, पिता, मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा, समाज में सर्वोच्च स्थान, सरकारी नौकरी, नेत्र रोग आदि के प्रतिनिधि ग्रह सूर्य ने 16 अगस्त 2020, शाम 7 बजकर 09 मिनट पर कर्क से निकलकर अपनी स्वयं की राशि सिंह में प्रवेश किया है। सूर्य अब एक माह तक अपनी ही राशि में रहेंगे, अर्थात् अपने ही घर में रहेंगे। एक वर्ष बाद सूर्य की अपने घर वापसी सभी राशि के जातकों के लिए अत्यंत शुभ रहने वाली है। ऐसे शुभ समय का लाभ उन लोगों को खासतौर पर लेना चाहिए जिनकी जन्मकुंडली में सूर्य खराब स्थिति में है या जिन्हें सूर्य की पीड़ा मिल रही है। वे लोग ऐसे खराब सूर्य को प्रसन्न् करने के लिए इस दौरान एक अत्यंत सिद्ध प्रयोग कर सकते हैं। यह प्रयोग है सूर्य ब्रह्मास्त्र यंत्र की स्थापना का।

क्या होता है सूर्य ब्रह्मास्त्र

क्या होता है सूर्य ब्रह्मास्त्र

यंत्रों की दुनिया में ब्रह्मास्त्र एक प्रकार का पिरामिड होता है। इस पिरामिडनुमा यंत्र को अलग-अलग ग्रहों के अनुसार तैयार किया जाता है। यहां हम बात कर रहे हैं सूर्य ब्रह्मास्त्र की। सूर्य ब्रह्मास्त्र को विशेष रूप से सूर्य की कृपा प्राप्त करने के लिए प्रयोग किया जाता है। जिन लोगों की जन्मकुंडली में सूर्य खराब प्रभाव दे रहा हो, जो लोग सरकारी नौकरी में जाना चाहते हैं, लेकिन योग्यता होने के बाद भी नहीं जा पा रहे हों, जिन लोगों के जीवन में पिता का सहयोग नहीं मिल रहा हो, जो सबके लिए अच्छा करने के बाद भी मान-सम्मान को तरस रहे हों, ऐसे लोगों को सूर्य ब्रह्मास्त्र की स्थापना अपने घर में अवश्य करना चाहिए। सूर्य ब्रह्मास्त्र सूर्य से मिलने वाली कॉस्मिक एनर्जी को अवशोषित करके आपके लिए शुभ बनाता है। वर्तमान में सूर्य अपनी ही राशि में आए हैं, इसलिए इस एक महीने के दौरान सूर्य ब्रह्मास्त्र की स्थापना सबसे ज्यादा लाभदायक होगी।

कैसे करें स्थापना

कैसे करें स्थापना

सूर्य ब्रह्मास्त्र अलग-अलग धातु के बनाए जाते हैं। ये पंचधातु, अष्टधातु, तांबा और सोने का सर्वश्रेष्ठ होता है। आजकल एक्रेलिक के भी बनाए जाते हैं, लेकिन वो ज्यादा प्रभावी नहीं होते हैं। सूर्य ब्रह्मास्त्र की स्थापना रविवार के दिन की जाती है। जो व्यक्ति इसे स्थापित करना चाहता है, वह सूर्योदय के पूर्व उठकर नित्य कार्यों से निवृत्त होकर स्नान करे। सूर्यदेव को जल का अर्घ्य दे। पूजा स्थान में पूर्वाभिमुख होकर बैठे और सूर्य ब्रह्मास्त्र रखकर इसे गंगाजल से स्नान कराएं, पंचोपचार पूजन करे और फिर इसे घर के पूर्व दिशा में स्थापित करे। इसे प्रात:काल के समय में ही स्थापित कर लेना चाहिए। इसके बाद नियमित रूप से इसका पूजन कर गायत्री मंत्र की एक माला जाप करते रहें। यह ब्रह्मास्त्र निश्चित रूप से आपके जीवन में खुशहाली, तरक्की और समृद्धि लाएगा।

ये होते हैं लाभ

ये होते हैं लाभ

  • सूर्य ग्रहों के मुखिया हैं और सिंह राशि के स्वामी हैं।
  • सिंह राशि और सिंह लग्न के जातकों को सर्वाधिक लाभ प्राप्त होते हैं।
  • सूर्य ब्रह्मास्त्र से आपके मान-सम्मान, पद, प्रतिष्ठा, कारोबार में वृद्धि होती है। नौकरी में प्रमोशन मिलता है। सरकारी नौकरी की तलाश पूरी होती है।
  • जन्मकुंडली में सूर्य खराब होने पर स्वास्थ्य कभी भी ठीक नहीं रहता है। ऐसे व्यक्ति को नेत्र रोग, ब्लड प्रेशन आदि की शिकायत बनी रहती है। सूर्य ब्रह्मास्त्र से इन सब रोगों से रक्षा होती है।
  • सूर्य खराब होने पर जातक कर्ज में डूबता जाता है, ज्यादातर कर्ज बीमारियों के इलाज के लिए लेना होता है। सूर्य ब्रह्मास्त्र के कारण ऐसे स्थिति नहीं आती है।

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