Saturn Horoscope 2021: तुला के मान-सम्मान में बढ़ोतरी होने के आसार
Saturn Horoscope 2021: वैदिक ज्योतिष में नव ग्रहों में न्यायाधीश की पदवी पर सुशोभित और दुखों के कारक शनि देव 2021 में साल भर मकर राशि में गोचर करेंगे, जो उनकी खुद की राशि है। शनि ने 20 नवंबर, 2020 को मकर में प्रवेश किया था, जिसमें वह 29 अप्रैल, 2022 तक विराजमान रहेंगे। हालांकि शनि नक्षत्र परिवर्तन जरूर करेंगे। वर्ष की शुरुआत में 21 जनवरी तक शनि उत्तर आषाढ़ा नक्षत्र में गोचर करेंगे, जो सूर्य का नक्षत्र है और उसके बाद लगभग 11 महीने श्रवण नक्षत्र में गोचर करेंगे, जो चंद्रमा का नक्षत्र है।
142 दिन वक्री रहेंगे शनि देव
इस साल की खास बात यह है कि शनि लगभग पांच महीने यानी 142 दिन तक वक्री स्थिति में रहेंगे। शनि 11 मई, 2021 की सुबह वक्री होंगे और इसके बाद 29 सितंबर की सुबह फिर मार्गी हो जाएंगे। वहीं धनु, मकर और कुम्भ राशि पर साल भर शनि की साढ़े साती का असर भी बना रहेगा। वैदिक ज्योतिष के अनुसार शनि जिस राशि में भ्रमण करते हैं, उस राशि के साथ-साथ अपने से दूसरी और बारहवीं राशि पर साढ़ेसाती का प्रभाव रहता है। वहीं जब चंद्र राशि से शनि चौथे या आठवें भाव में गोचर करते हैं तो लघुकल्याणी ढैय्या लगती है। इस प्रकार वर्ष 2021 में मिथुन और तुला राशियां लघु कल्याणी ढैय्या के प्रभाव में रहेंगी।
शनि का तुला राशि पर असर
2021 में तुला राशि के जातकों के लिए शनि चौथे भाव में विराजमान रहेंगे। इस दौरान आपके लघु कल्याणी ढैय्या के प्रभाव में होने से मकान खरीदने या बेचने से जुड़े सौदे करने से बचें। हालांकि, सामाजिक दृष्टि से आपके मान-सम्मान में बढ़ोतरी होने के आसार हैं। आर्थिक रूप से मजबूती मिल सकती है। संतान और माता से सुख मिलने की संभावनाएं हैं, हालांकि शनि के वक्री होने पर माता के साथ तनाव की स्थिति बन सकती है या उनका स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। व्यावसायिक और घरेलू जीवन के बीच सामंजस्य बैठा कर चलें।













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