क्या होता है मालिका योग? कैसे बनता है? क्या होता है प्रभाव?
नई दिल्ली , 15 जुलाई। हस्तरेखा शास्त्र में अनेक प्रकार की रेखाओं से मिलकर अनेक प्रकार के शुभाशुभ योग बनते हैं। ऐसा ही एक योग होता है मालिका योग। यदि हाथ में राहु-केतु को छोड़कर अन्य सभी ग्रहों से संबंधित पर्वत बलवान हो तो मालिका योग बनता है। यदि हथेली में मालिका योग हो तो ऐसा व्यक्ति देश और राज्य के उच्च पद तक पहुंचता है।

ऐसा जातक कुशल नेतृत्वकर्ता होता है और अपने कार्यो के कारण सम्मानित होता है। यहां यह स्पष्ट कर लेना चाहिए किजिस ग्रह से संबंधित पर्वत सर्वाधिक बलवान हो, उससे संबंधित मालिका योग बनता है।
- सूर्य मालिका योग : व्यक्ति शासन में उच्च पद तक पहुंचता है। अपने प्रयत्नों से सरकारी सेवा क्षेत्र में शीर्ष हासिल करता है।
- चंद्र मालिका योग : नेवी में कमांडर होता है। समुद्र-नदी आदि के किनारे के शहरों में व्यापार से लाभ कमाता है। विदेश यात्राएं करता है।
- मंगल मालिका योग : व्यक्ति सेना या पुलिस में उच्च पद प्राप्त करता है। भूमि, कृषि, वाहन आदि का पूर्ण सुख प्राप्त रहता है।
- बुध मालिका योग : ऐसा व्यक्ति दयालु, दानी एवं परोपकारी होता है। विदेश यात्राएं करता है। कुशल व्यापारी होता है।
- गुरु मालिका योग : व्यक्ति शास्त्रों का ज्ञाता, कुशल शिक्षा शास्त्री होता है। दयालु और परोपकारी होता है।
- शुक्र मालिका योग : ऐसा व्यक्ति सच्चा पितृ भक्त होता है। धन की कोई चिंता नहीं होती। व्यक्ति सुंदर, आकर्षक होता है।
- शनि मालिका योग : ऐसा व्यक्ति दीर्घायु होता है। लेकिन जीवन में संघर्ष भी बहुत आता है। 36 की आयु के बाद पूर्ण सम्मान, सुख, यश प्राप्त करता है।












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