Navratri 2020: सुख-संपत्ति और मनचाहा जीवनसाथी देंगे देवी के ये सिद्ध उपाय
नई दिल्ली। वर्ष के कुछ सिद्ध और अत्यंत पवित्र दिनों में नवरात्रि के नौ दिन भी होते हैं। नवरात्रि देवी के वे सिद्ध दिन होते हैं जिनमें किए गए कार्य अचूक और सौ फीसदी परिणाम देने वाले होते हैं। इसलिए अनेक सिद्ध योगी, तांत्रिक और मंत्र शास्त्री इन दिनों में मंत्रों आदि की सिद्धि करते हैं।

साथ ही जिन लोगों के कई काम अटके हुए हैं, जिनका विवाह नहीं हो पा रहा है या जो व्यक्ति धन संबंधी परेशानियों से जूझ रहे हैं, वे यदि नवरात्रि में कुछ विशेष उपाय अपनाएं तो उनके समस्त कार्य सिद्ध हो जाते हैं। 17 अक्टूबर 2020 से 25 अक्टूबर तक होने वाली शारदीय नवरात्रि में आप भी ऐसे ही कुछ उपायों को अपनाकर अपने जीवन को सुखी-समृद्धिशाली बना सकते हैं।
जानिए ऐसे ही कुछ सिद्ध उपायों के बारे में।
- नौकरी प्राप्ति के लिए: यदि आपके पास अब तक कोई अच्छी नौकरी नहीं है तो नवरात्रि में अष्टमी के दिन लाल रंग के साफ कंबल के आसन पर बैठकर देवी की उपासना करें। 'ऊं ह्रीं वाग्वादिनी भगवती मम कार्य सिद्धि कुरु कुरु फट् स्वाहा', इस मंत्र का जाप अष्टमी से प्रारंभ करके लगातार 21 दिनों तक करना है। लौंग और कपूर से देवी की आरती करें। जल्द किसी अच्छी जगह से नौकरी का प्रस्ताव मिलेगा।
- सौंदर्य प्राप्ति के लिए: अपने चेहरे पर तेज और आकर्षण लाना चाहते हैं। आप चाहते हैं कि लोग आपकी बात मानें और आपसे प्रभावित रहें तो नवरात्रि के प्रत्येक दिन दुगा देवी को शहद का भोग लगाएं और इत्र अर्पित करें। नौ दिनों के बाद जो इत्र और शहद बच जाए उसे प्रतिदिन माता का स्मरण करते हुए खुद इस्तेमाल करें। आपमें चमत्कारिक रूप से आकर्षण पैदा होगा।
- शीघ्र विवाह के लिए: जिन युवक-युवतियों के विवाह में बाधा आ रही है वे नवरात्रि के पहले दिन या सप्तमी से नवमी तक के दिन अपने पूजा स्थान पर शिव-पार्वती का चित्र स्थापित करें। दुर्गा सप्तशती के 11 या 21 पाठ करें और देवी को मीठा पान, सिंदूर अर्पित करें। इससे विवाह की बाधा दूर होगी और शीघ्र योग्य जीवनसाथी प्राप्त होगा।
- कर्ज मुक्ति के लिए: कर्ज मुक्ति के लिए नवरात्रि के प्रत्येक दिन देवी के चरणों में गुलाब के 108 फूल अर्पित करें। प्रातः देवी की पूजा के समय सवा किलो साबुत लाल मसूर लाल कपड़े में बांधकर अपने सामने रखें। घी का दीपक जलाकर माता के सिद्ध मंत्र 'या देवी सर्वभुतेषु लक्ष्मीरूपेण संस्थिता' का 108 बार जाप करें। जप समाप्त होने के बाद मसूर अपने ऊपर से सात बार उसारकर किसी सफाई कर्मचारी को दे दें।
- कर्ज लेने से बचने के लिए: नवरात्रि से प्रारंभ करते हुए जीवनभर का यह नियम बना लें कि प्रतिदिन किसी पेड़ के नीचे जहां चींटीयों का बिल हो, वहां शक्कर मिलाकर आटा रखें। यह प्रयोग लगातार करते रहने से कभी कर्ज लेने की नौबत नहीं आती। पुराना कर्ज भी उतर जाता है।
- धन प्राप्ति के लिए: अष्टमी या नवमी तिथि को पूजा स्थान में उत्तर मुखी होकर बैठें। अपने सामने लाल चावलों की एक ढेरी बनाकर उस पर श्रीयंत्र स्थापित करें। तेल के नौ दीपक जलाकर श्रीसूक्त और दुर्गा सप्तशती के बराबर-बराबर पाठ करें। पूजा के बाद श्रीयंत्र को पूजा स्थान में स्थापित करें और अन्य सामग्री बहते जल में प्रवाहित करें। धन लाभ होने लगेगा।
- मुकदमे में जीत के लिए: नवरात्रि की सप्तमी के दिन मां कालरात्रि की पूजा की जाती है। इस दिन दुर्गा सप्तशती के सातवें और 10वें अध्याय का पाठ करें। इससे शत्रुओं का नाश होता है और समस्त प्रकार के कोर्ट-कचहरी संबंधी मुकदमों में जीत मिलती है।












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