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Mercury In Retrograde In Libra: बुध की बदली चाल, जानिए क्या होगा असर?

By Pt. Gajendra Sharma
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नई दिल्ली। तुला राशि में चल रहा बुध 14 अक्टूबर 2020, बुधवार को प्रात: 6.36 बजे वक्री हो गया है। यह 3 नवंबर 2020 तक वक्री रहेगा, इसके बाद तुला राशि में ही मार्गी हो जाएगा। 21 दिनों का यह समय महंगाई बढ़ाने वाला, आपके निर्णय गलत करने वाला, आर्थिक मामलों में थोड़ा चोट पहुंचाने वाला रहेगा। बुध वक्रे धनक्षय:, बुध वक्रे रसक्षय: ।। इससे समझा जा सकता है किजब-जब बुध वक्री होता है धन की हानि होती है और रस अर्थात् खानपान की चाजों में मूल्यवृद्धि होती है। व्यक्ति के संयम में कमी आती है और उसकी वाणी दूषित हो जाती है।

Mercury In Retrograde Motion In Libra: Read Effect

बुध मिथुन और कन्या राशि का स्वामी होता है। यह कन्या में उच्च का तथा मीन में नीच का होता है। इसके मित्र ग्रह हैं सूर्य, शुक्र, राहू और केतु। इसके शत्रु ग्रह हैं चंद्र और सम ग्रह हैं मंगल, गुरु, शनि। अर्थात् केवल चंद्र को छोड़कर बाकी सभी ग्रहों से बुध की मित्रता है। इसका अर्थ यह हुआ कियह 12 में से 11 राशियों पर व्यापक असर डालता है और चंद्र की राशि पर इसका विपरीत असर होता है।

चौथा घर सुख स्थान होता है

वैदिक ज्योतिष के अनुसार बुध चौथे, दसवें और 11वें भाव का कारक ग्रह होता है। चौथा घर सुख स्थान होता है, दसवां घर आजीविका, कार्य-व्यवसाय का घर होता है और 11वां भाव आय का स्थान होता है। इस प्रकार देखा जाए तो ये तीनों घर व्यक्ति के संपूर्ण जीवन को प्रभावित करते हैं क्योंकिये तीनों मुख्यरूप से धन से जुड़े हुए हैं। वक्री बुध के प्रभाव से चौथे घर में सुख की कमी, दशम से आजीविका प्रभावित होगी और एकादशी से आय प्रभावित होगी।

क्या होता है वक्री बुध का प्रभाव

वक्री बुध के कारण सबसे ज्यादा व्यापार-व्यवसाय प्रभावित होगा। अच्छे चलते हुए कार्यो में बाधाएं आएंगी। बनते काम बिगड़ जाते हैं और ना चाहते हुए भी ऐसी जगह पैसा खर्च हो जाता है, जहां से वापस आने की कोई संभावना नहीं होती है। एकादश भाव में वक्री बुध के प्रभाव से आय के साधनों में कमी आती है। इसके अलावा व्यक्ति की वाणी खराब हो जाती है। वह अपनी बात मनवाने पर उतारू हो जाता है और ऐसे में कई ऐसी बातें लोगों को बोल देता है जिससे उसके रिश्ते खराब हो जाते हैं।

क्या उपाय करें

वक्री बुध के बुरे प्रभाव से बचने के लिए सभी राशि के जातकों को गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ नियमित रूप से करना चाहिए। बुध का वक्रीकाल 21 दिनों का रहेगा। इन 21 दिनों में प्रतिदिन यह पाठ करेंगे तो बुध के बुरे प्रभाव कम होंगे। प्रत्येक बुधवार को हरे मूंग गाय को खिलाएं। हरा चारा या हरे धनिए की गड्डी गाय को जरूर खिलाएं। इससे बुध शुभ प्रभाव देने लगेगा।

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English summary
Mercury In Retrograde Motion In Libra today, Read Effect Here.
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