आप भी जानिए कैसे जीवन का रहस्य बताती है जीवन रेखा

जीवन यानी उतार-चढ़ाव, दुख-सुख, लाभ-हानि, पाने-खोने का लंबा सफर। हर व्यक्ति का जीवन अतीत के पलों का हिसाब करते और भविष्य का अंदाजा लगाते हुए अपनी गति से चलता रहता है। जीवन के इस सफर में हर व्यक्ति कुछ बिंदुओं के बारे में अवश्य जानना चाहता है जैसे उसकी आयु कितनी है? जीवन में स्वास्थ्य की स्थिति क्या होगी? भविष्य में कभी कोर्इ्र बड़ी बीमारी तो नहीं हो जाएगी? मृत्यु कैसे होगी? जीवन में धन की क्या स्थिति कैसी रहेगी? बुढ़ापा सुख से कटेगा या नहीं? ज्योतिष शास्त्र जीवन के इन तमाम सवालों का जवाब किसी भी व्यक्ति के हाथ की जीवन रेखा के आधार पर देता है। आइए, हम भी जीवन रेखा के बारे में विस्तृत चर्चा कर जानकारी बढ़ाते हैं।

संसार के लगभग सभी प्राणियों के हाथ में यह रेखा पाई जाती है।

संसार के लगभग सभी प्राणियों के हाथ में यह रेखा पाई जाती है।

जीवन रेखा को अंग्रेजी में लाइफ लाइन कहते हैं। हिंदी में इसे पितृ रेखा या आयु रेखा भी कहते हैं। यह व्यक्ति के हाथ की सबसे महत्वपूर्ण रेखा होती है क्योंकि जीवन है तो सब कुछ है। जीवन रेखा बृहस्पति पर्वत के नीचे हथेली के बगल से प्रारंभ होकर शुक्र पर्वत को घेरती हुई मणिबंध यानि कलाई के पास खत्म होती है। संसार के लगभग सभी प्राणियों के हाथ में यह रेखा पाई जाती है। इसी रेखा के अध्ययन से व्यक्ति की आयु, स्वास्थ्य, बीमारी जैसे सभी आधारभूत प्रश्नों का उत्तर मिलता है। दुर्लभ मामलों में ऐसा होता है कि किसी व्यक्ति के हाथ में यह रेखा ना दिखाई दे रही हो। ऐसे व्यक्ति का जीवन शून्यवत होता है और उसमें जीवन शक्ति का सर्वथा लोप हो जाता है। ऐसे व्यक्ति का जीवन कभी भी समाप्त हो सकता है।

जीवन रेखा का स्पष्ट और निर्दोष होना

जीवन रेखा का स्पष्ट और निर्दोष होना

जीवन रेखा का स्पष्ट और निर्दोष होना ही मानव के लिए कल्याणकारी माना गया है। व्यक्ति के हाथ में यह रेखा जितनी ज्यादा गहरी, स्पष्ट और बिना टूटी हुई होती है, उतना ही उसका जीवन सकारात्मक होता है। ऐसे व्यक्ति का स्वास्थ्य उन्नत होता है और उसका हृदय प्रेम और सौंदर्य की भावना से भरा होता है। किसी-किसी व्यक्ति के हाथ में जीवन रेखा शुक्र पर्वत को बहुत बड़े रूप में घेरते हुए निकलती है। ऐसी रेखा सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है। जीवन रेखा का छोटा या कटा-फटा होना अशुभ होता है। यह जीवन में कठिनाइयों, दुखों, अभावों और दुर्घटना का परिचायक माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र में इस तरह की रेखा को जीवन में प्रेम, भोग, सुख आदि सांसारिक गुणों की न्यूनता का द्योतक माना जाता है। आइए, अब जीवन रेखा के आकार-प्रकार, रंग-रूप के आधार पर व्यक्ति के जीवन पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में जानते हैं-

आइए जानते हैं-

आइए जानते हैं-

1. यदि जीवन रेखा छोटी है, तो व्यक्ति की आयु कम होती है।
2. यदि जीवन रेखा पीली, चौड़ी और टूटी हुई हो तो यह बीमारी और विवादास्पद चरित्र की जानकारी देती है।
3. यदि जीवन रेखा बृहस्पति पर्वत के नीचे से प्रारंभ होती हो, तो यह जीवन में उच्च सफलता दिलाती है।
4. जीवन रेखा का अंतिम सिरे पर जाकर कई शाखाओं में बंट जाना दुखदायी बुढ़ापे का संकेत देता है। यदि यह रेखा अंत में दो भागों में बंटी हो, तो व्यक्ति निर्धनतापूर्ण मृत्यु को प्राप्त होता है। वहीं रेखा के अंत मंे क्रॉस का निशान असफल बुढ़ापे की ओर संकेत करता है।
5. जीवन रेखा से ऊपर की ओर उठती कोई सहायक रेखा दिखाई दे, तो यह आकस्मिक धन प्राप्ति का योग बनाती है।
6. कई स्थानों पर कटी हुई जीवन रेखा स्थायी रोग का लक्षण होती है।
7. जीवन रेखा से निकलकर गुरु पर्वत की ओर जाती हुई रेखाएं कदम-कदम पर सफलता अर्जित करवाती हैं।
8. जीवन रेखा के प्रारंभ में यदि द्वीप हों तो ऐसा व्यक्ति तंत्र विद्या में रूचि रखता है। वहीं रेखा के मध्य में द्वीप शारीरिक कमजोरी के बारे में बताता है।
9. गुरु पर्वत के नीचे जीवन रेखा और मस्तिष्क रेखा का पूर्ण मिलन अत्यंत शुभ माना जाता है। यह जीवन में परिश्रम और योजनाबद्ध सफलता का भान देता है।
10. यदि जीवन रेखा, मस्तिष्क रेखा और हृदय रेखा तीनों एक ही स्थान से निकले हों, तो यह दुर्भाग्य का प्रतीक होती है। ऐसी रेखा वाले व्यक्ति की हत्या हो जाती है। चलती हुई जीवन रेखा अचानक कट जाए तो ऐसे व्यक्ति की मृत्यु आकस्मिक होती है।
11. स्वास्थ्य रेखा एवं मस्तिष्क रेखा के पास यदि नक्षत्र हो तो व्यक्ति संतानहीन रहता है।
12. जीवन रेखा में यदि शनि रेखा आकर मिल जाए तो ऐसा व्यक्ति प्रतिभावान और तेजस्वी होता है।

जीवन रेखा जीवन के एक नए रहस्य का परिचय देती है।

जीवन रेखा जीवन के एक नए रहस्य का परिचय देती है।

जीवन रेखा अपने आप में अध्ययन का विशाल केंद्र है। इस रेखा से मिलती हुई हर बारीक रेखा महत्वपूर्ण होती है और जीवन के एक नए रहस्य का परिचय देती है। जीवन रेखा पर बने क्रॉस, द्वीप, कटाव, शाखा पुंज, धब्बे, जाल और सहायक रेखाएं अध्ययन का इतना विशाल क्षेत्र हैं कि उसे एक लेख में सीमित करना असंभव है। उपर्युक्त विश्लेषण से आप जीवन रेखा के बारे में सीमित एवं संतुलित ज्ञान प्राप्त कर जीवन के मूल प्रश्नों का उत्तर पा सकते हैं।

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