Guru Shukra : गुरु-शुक्र का नक्षत्र परिवर्तन एक साथ, क्या किसी बड़े खतरे का संकेत है?
Guru Shukra ka Nakshatra Parivartan: आज यानी कि 13 जून का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण दिन है क्योंकि आज दो बड़े ग्रह एक ही दिन में लगभग दो घंटे के अंतराल से नक्षत्र परिवर्तन करने जा रहे हैं। शुक्र अपने ही नक्षत्र में भरणी में रात 9 बजकर 12 मिनट पर प्रवेश करेगा, वहीं गुरु रात में 11 बजकर 28 मिनट पर आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेश करने वाला है। दो बड़े ग्रहों का एक ही दिन में नक्षत्र बदलना बड़ी घटना है। इससे देश-दुनिया, प्रकृति पर अनेक घटना-दुर्घटनाओं का साया होगा।

शुक्र का नक्षत्र परिवर्तन
शुक्र भरणी नक्षत्र में रात 9 बजकर 12 मिनट पर प्रवेश करेगा। इस नक्षत्र का स्वामी स्वयं शुक्र ही है और इसमें शुक्र के आने से शुभ फलों में वृद्धि होगी। यह समय प्रेम संबंधों, विवाह कार्यों आदि के लिए शुभ रहेगा। जो लोग पारिवारिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। पति-पत्नी में अनबन रहती है या जो अपने प्रेम को प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं वे इस नक्षत्र परिवर्तन के कारण लाभ की स्थिति में आएंगेे। शुक्र के भरणी नक्षत्र में गोचर के कारण लोगों को धन सुख प्राप्त होगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। ज्वेलरी, जेम्स, लग्जरी चीजों के बिजनेस में लाभ होने वाला है।
गुरु का नक्षत्र परिवर्तन (Guru Shukra ka Nakshatra Parivartan)
गुरु आर्द्रा नक्षत्र में रात 11 बजकर 28 मिनट पर प्रवेश करेगा। आर्द्रा नक्षत्र का स्वामी राहु है, इसलिए गुरु का इस नक्षत्र में आना शुभ नहीं कहा जा सकता है। गुरु यहां आकर चांडाल योग का निर्माण करेगा, जिसके परिणाम स्वरूप अचानक अनपेक्षित घटनाएं होंगी। गुरु का कार्यक्षेत्र विवेकपूर्ण विषयों पर रहता है। इसलिए लोगों में धैर्य और संयम की कमी आएगी और वे गलत मौकों पर गलत लोगों की संगत में पड़कर खुद का नुकसान कर बैठेंगे। गुरु के आर्द्रा नक्षत्र में रहने के दौरान लोगों में मानसिक भ्रम की स्थिति रहेगी और वे किसी ठोस निर्णय पर नहीं पहुंच पाएंगे।
दोनो ग्रहों के नक्षत्र परिवर्तन का देश पर असर
गुरु के राहु के नक्षत्र में जाने के फलस्वरूप देश में उत्तर-पूर्वी राज्यों पर संकट रहेगा। यहां की सरकारों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन, सत्ता परिवर्तन के संकेत हैं। इन राज्यों में बड़ी संख्या में विदेशी घुसपैठ हो सकती है। प्राकृतिक आपदाएं आ सकती हैं। भूकंप उत्तर-पूर्वी प्रदेशों में आ सकता है। यह समय 13 अगस्त तक रहेगा। शुक्र 26 जून तक इसी नक्षत्र में रहेगा।
क्या उपाय करें (Guru Shukra ka Nakshatra Parivartan)
गुरु का नक्षत्र गोचर शुभ नहीं है इसलिए इस दौरान भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण के नित्य दर्शन और इनके स्तोत्र का पाठ करने से संकटों से मुक्ति मिलेगी। सात मोर पंख फ्रेम करवाकर अपने घर की उत्तरी दीवार पर लगाएं। शांति होगी।












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