Chandra Grahan 2023 : चंद्र ग्रहण आज, जानिए कब, कहां, कैसे देखें इसका Live प्रसारण
Chandra Grahan 2023 : चंद्रमा शीतलता और शांति का मानक है इसलिए चंद्र ग्रहण के दिन चांद की पूजा खास आरती के साथ करनी चाहिए इससे मुश्किलों का अंत होता है।

Chandra Grahan 2023 : आज चंद्र ग्रहण है, जिसे देखकर वैज्ञानिक काफी क्रेजी हैं। ये भारत में प्रभावी नहीं है। ये ग्रहण यूरोप, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, अंटार्कटिका, प्रशांत अटलांटिक और हिंद महासागर के लोगों को नजर आएगा लेकिन भारत मे लोग इस ग्रहण को ऑन लाइन लाइव देख सकते हैं। आपको बता दें कि चंद्र ग्रहण का लाइव प्रसारण TimeandDate.com के YouTube चैनल पर देख सकते हैं। इसके अलावा अमेरिकी एजेंसी नासा भी अपने Twitter अकाउंट पर चंद्र ग्रहण का लाइव प्रसारण करेगा।
ग्रहण की अवधि लगभग 4 घंटे
यहां आपको एक खास बात और बता दें कि TimeandDate.com का दावा है कि चंद्रग्रहण भारत के कुछ इलाकों में नजर भी आ सकता है, हालांकि ज्योतिषियों ने इस बात से सीधे इंकार किया है। ग्रहण पांच मई को रात 08: 45 PM से शुरू होकर देर रात 6 मई को 1.00 बजे समाप्त होगा, यानी कि इस ग्रहण की अवधि लगभग 4 घंटे 15 मिनट की है।
ग्रहण पर भद्रा का भी साया रहेगा
ज्योतिष के अनुसार इस ग्रहण पर भद्रा का भी साया रहेगा इसलिए इस ग्रहण के दोष के बचने के लिए लोगों को गरीबों को दान करना चाहिए और भूखों को भोजन कराना चाहिए। वैसे भी ये काम पूर्णिमा के दिन करने से इंसान के सारे कष्टों का अंत होता है और ग्रहण तो पूर्णिमा के दिन ही लग रहा है इसलिए इस दिन जरूर लोगों को दान-पुण्य करना चाहिए।
सफेद चीजों का दान करें
मुख्य तौर पर पूर्णिमा के दिन सफेद चीजों का दान जैसे दूध, दही या सफेद वस्त्रों का करना चाहिए। सफेद रंग शांति का मानक है। माना जाता है कि ऐसा करने से इंसान के जीवन में शांति का वास होता है।
चंद्र ग्रहण के बाद जरूर करें चंद्रमा की आरती, दूर होंगे कष्ट
- चन्द्र देव जी की आरती
- ॐ जय सोम देवा, स्वामी जय सोम देवा ।
- दुःख हरता सुख करता, जय आनन्दकारी ।
- रजत सिंहासन राजत, ज्योति तेरी न्यारी ।
- दीन दयाल दयानिधि, भव बन्धन हारी ।
- जो कोई आरती तेरी, प्रेम सहित गावे ।
- सकल मनोरथ दायक, निर्गुण सुखराशि ।
- योगीजन हृदय में, तेरा ध्यान धरें ।
- ब्रह्मा विष्णु सदाशिव, सन्त करें सेवा ।
- वेद पुराण बखानत, भय पातक हारी ।
- प्रेमभाव से पूजें, सब जग के नारी ।
- शरणागत प्रतिपालक, भक्तन हितकारी ।
- धन सम्पत्ति और वैभव, सहजे सो पावे ।
- विश्व चराचर पालक, ईश्वर अविनाशी ।
- सब जग के नर नारी, पूजा पाठ करें ।
- ॐ जय सोम देवा, स्वामी जय सोम देवा ।
- दुःख हरता सुख करता, जय आनन्दकारी ।












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