Chandra Grahan 2023: शरद पूर्णिमा पर खंडग्रास चंद्रग्रहण मेष राशि में लगेगा
chandra grahan 2023: संवत 2080 की आश्विन पूर्णिमा दिनांक 28-29 अक्टूबर 2023 की रात्रि में भारत में खंडग्रास चंद्रग्रहण लगने वाला है। यह ग्रहण मेष राशि, मकर लग्न और अश्विनी नक्षत्र में लगने जा रहा है। इसलिए जिन लोगों की मेष राशि है, जन्म नक्षत्र अश्विनी है और मकर लग्न है उनके लिए यह ग्रहण अरिष्टफलदायक रहेगा। अन्य राशियों के लिए विभिन्न प्रकार के फल प्राप्त होंगे। ग्रहण का सूतक ग्रहण प्रारंभ होने के 9 घंटे पूर्व प्रारंभ हो जाएगा।

1 घंटे 19 मिनट रहेगा ग्रहण
ज्योतिषीय गणना के मुताबिक खंडग्रास चंद्रग्रहण का स्पर्श 28 अक्टूबर को रात्रि में 1 बजकर 5 मिनट से होगा। ग्रहण का मध्य रात्रि 1:44 बजे होगा और ग्रहण का मोक्ष रात्रि 2:24 बजे होगा। ग्रहण की कुल अवधि 1 घंटे 19 मिनट रहेगी।
9 घंटे पूर्व रहेगा सूतक
चंद्रग्रहण का सूतक ग्रहण प्रारंभ होने के 9 घंटे पूर्व प्रारंभ हो जाता है। अर्थात् 28 अक्टूबर को सायं 4 बजकर 5 मिनट से ग्रहण का सूतक प्रारंभ हो जाएगा। ग्रहण के सूतक काल और ग्रहण अवधि में कुछ भी खाना-पीना वर्जित रहता है किंतु बालक, वृद्ध, गर्भवती महिलाएं, रोगी को आवश्यक हो तो खान पान कर सकते हैं। ग्रहण समाप्ति के बाद जल में गंगा आदि पवित्र नदियों का जल डालकर स्नान करना चाहिए।
किस राशि पर कैसा असर
यह खंडग्रास चंद्रग्रहण मेष राशि, मकर लग्न और अश्विनी नक्षत्र में लग रहा है। इसके अनुसार विभिन्न राशियों पर इसका भिन्न भिन्न प्रभाव होगा।
- शुभ : मिथुन, कर्क, वृश्चिक, कुंभ
- मध्यम : सिंह, धनु, मीन
- कष्ट : मेष, वृषभ, कन्या, तुला, मकर
क्या उपाय करें
खंडग्रास चंद्रग्रहण का असर ग्रहण दिनांक से आगामी तीन माह तक देखा जाता है। अत: जिन राशियों के लिए यह ग्रहण अरिष्टप्रद है वे ग्रहण अवधि में अपने गुरु प्रदत्त मंत्र अथवा, इष्टदेव का मंत्र अथवा महामृत्युंजय मंत्र का जाप करते रहें। अन्य राशि के लोग भी अपने इष्टदेव के मंत्रों का जप करें। ग्रहण समाप्ति के बाद स्नानादि करके देव दर्शन करें। दान-पुण्य करें।












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