Astro Tips: पीपल वृक्ष के फायदे जानकर हैरान रह जाएंगे आप
लखनऊ। हिन्दू धर्म का सबसे पावन, पूजनीय, सहज-सुलभ व विशालकाय वृक्ष पीपल है, जो कि लोकोक्तियों में भी प्रयुक्त होता है, ईंधन, चारे, फर्नीचर, पूजा, आयुर्वेद के अतिरिक्त तन्त्र-मन्त्र में भी अपनी खूबियों के कारण महत्पूर्ण माना जाता है। मान्यताओं के अनुसार इस पेड़ पर प्रेतवास होता है, इसलिए कोई व्यक्ति इसके नीचे न सोता है और न पेशाब करता है। स्कन्द पुराण में वर्णित है कि पीपल के मूल में विष्णु, तने में केशव, शाखाओं में नारायण, पत्तों में श्रीहरि तथा फलों में सारे देवता विद्यमान होते है। पीपल भगवान विष्णु का जीवन्त और पूर्णतः मूर्तिमान स्वरूप हैं। श्रीकृष्ण कहते है-समस्त वृक्षों में पीपल का वृक्ष हूं।
आइए जानते है कि पीपल वृक्ष के और क्या-क्या फायदे हैं...
- शीघ्र सिद्धि हेतु-यक्षिणी या तामसिक साधना में इसकी जड़ के पास बैठकर साधना करने से साधना में शीघ्र सफलता मिलती है। इसकी पूजा करने मात्र से मनोकामनायें पूरी होती है।
- आर्थिक समृद्धि के लिए-जो लोग आर्थिक समस्याओं से जूझ रहें हैं, वे शनिवार को पीपल के वृक्ष में जल में गुड़ व दूध मिलाकर चढ़ायें, सरसों के तेल का दीपक जलायें, नित्य पूजन करने से धीरे-धीरे आर्थिक समृद्धि आने लगती है।

‘ऊॅ नमः शिवाय' मन्त्र का नित्य जाप करें
- दरिद्रता नाशक-पीपल के पेड़ के नीचे शंकर जी को स्थापित करके ‘ऊॅ नमः शिवाय' मन्त्र का नित्य जाप करने से घर की दरिद्रता समाप्त हो जाती है।
- कार्य सिद्धि हेतु-पीपल के पांच पत्तों का पनीर, दूध से बना कोई भी मिष्ठान दीपावली की रात्रि पीपल के नीचे दबा देने से इच्छित मनोकामना पूर्ण होती है।
- व्यवसाय में बरकत होना-प्रत्येक शनिवार एक पीपल का पत्ता लेकर उस पर स्वास्तिक बनाकर अपनी गद्दी के नीचे रख लें। ये उपाय लगातार 7 शनिवार करके आठवें शनिवार को सारे पत्ते किसी सुनसान जगह पर डाल दें। ऐसा करने से निश्चित रूप से आपके व्यवसाय में वृद्धि होने लगेगी।
- कर्ज मुक्ति-अगर आप निरन्तर कर्ज में फॅसते जा रहें है, तो शमशान के कुएॅ का जल लाकर किसी पीपल के वृक्ष पर चढ़ायें। यह उपाय लगातार 6 शनिवार करने से धीरे-धीरे आपको कर्ज से राहत मिलने लगेगी।
- अवसाद दूर करने हेतु-पीपल की लकड़ी को चंदन की तरह घिसकर रात्रि को सोते समय लगाने से मानसिक तनाव दूर हो जाता है।
- पितृ दोष दूर करने के लिए-जो लोग पितृदोष से पीड़ित होते हैं, उनके जीवन में परेशानियों का पहाड़ टूटता रहता है। पितृदोष से पीड़ित व्यक्ति को पीपल के पेड़ के नीचे श्राद्ध करने से पितृदोष से मुक्ति मिलती है।
- शनि की साढ़े-साती और ढैयया काशमन-यदि किसी जातक पर शानि की साढ़े-साती या ढैयया चल रही है तो शनिवार के दिन 19 हाथ का काला धागा 19 बार पीपल की परिक्रमा करने के बाद लपेट दें तत्पश्चात तिल के तेल का दीपक जलायें। शनिवार को नियमित पीपल वृक्ष की सेवा करने से शनि का प्रकोप एकान्त होकर शुभफल मिलने लगता है।

अवसाद दूर करने हेतु

सन्तान प्राप्ति हेतु
कुछ दम्पतियों को कई वर्ष बीत जाने के बाद भी सन्तान नहीं होती है। वे लोग पीपल के पत्तों को लगभग 1 घण्टे तक जल में रखें उसके बाद पत्ते फेंक दें और उस जल का सेंवन कर लें। यह प्रयोग लगातार 3 महीने करने से अवश्य लाभ मिलता है।













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