Basant Panchami 2022: बसंत पंचमी है विशेष, अपनी राशि के अनुसार करें ये काम
नई दिल्ली, 04 फरवरी। माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के दिन बसंत पंचमी मनाई जाती है। यह दिन मां सरस्वती की प्रसन्नता का दिन तो होता ही है, इसे श्री पंचमी भी कहा जाता है। अर्थात् इस दिन मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के उपाय भी किए जा सकते हैं। बसंत पंचमी ऋतु परिवर्तन का दिन भी होता है। इस दिन से प्रकृति नवश्रृंगार धारण करती है। इस दिन ग्रहों की अनुकूलता के लिए भगवान शिव के विशेष पूजन का विधान भी है क्योंकि शिवजी के तीसरे नेत्र से भस्म होने के बाद कामदेव ने बसंत पंचमी के दिन ही शिव जी के आशीर्वाद से नया जीवन प्राप्त किया था।
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बसंत पंचमी की ग्रह स्थिति
बसंत पंचमी के दिन मेष राशि का चंद्रमा, वृषभ राशि का राहु, वृश्चिक राशि का केतु, धनु राशि के मंगल-शुक्र, मकर राशि के सूर्य, बुध, शनि और कुंभ राशि का बृहस्पति रहेगा।
राशिफल और राशि के अनुसार क्या करें उपाय
मेष : मेष राशि में चंद्र की उपस्थित रहने के कारण बसंत पंचमी मेष राशि के जातकों के मन-हृदय-मस्तिष्क को विचलित करेगा। जीवन में प्रेम का संचार होगा और किसी प्रियजन से भेंट होने का सौभाग्य प्राप्त होगा। मेष राशि के जातक बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती का श्रृंगार-पूजन सफेद-पीले पुष्पों से करें।
वृषभ : वृषभ राशि में राहु की उपस्थिति और राशि स्वामी शुक्र की मंगल के साथ उपस्थिति के कारण आपका प्रेम जीवन ऊंचाइयां छुएगा। दांपत्य जीवन में मधुरता बढ़ेगी। परिवार में आपका महत्व बढ़ेगा। वृषभ राशि के जातक बसंत पंचमी के दिन श्वेत चमकदार वस्त्र धारण करें। बच्चों को शिक्षण सामग्री भेंट करें।
मिथुन : राशि स्वामी बुध की सूर्य और शनि के साथ उपस्थिति जीवन में उन्नति के मार्ग खोलने को आतुर है। अपने गुरु और ईष्ट देवी-देवताओं के आशीर्वाद से जीवन में सुख प्राप्त होगा। मिथुन राशि के जातक बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती को सफेद और नीले पुष्प अर्पित करें। माता को खीर का नैवेद्य लगाएं।
कर्क : मंगल की राशि मेष में कर्क राशि के स्वामी का गोचर चलने के कारण मानसिक रूप से थोड़ा विचलित रहेंगे। क्रोध बढ़ेगा लेकिन अपनी मधुर वाणी और उत्तम व्यवहार के कारण लोगों को आकर्षित करने में सफल होंगे। इस राशि के जातक मां सरस्वती और माता लक्ष्मी का श्रृंगार पीले पुष्पों से करके पीले मिष्ठान्न का नैवेद्य लगाएं।
सिंह : सिंह राशि के जातकों का जीवन लगातार उन्नति की ओर अग्रसर होने के योग बन रहे हैं। ग्रह स्थितियां अनुकूल हैं। कार्य-व्यवसाय में उन्नति होगी। परिवार में आपसी प्रेम में वृद्धि होगी। बसंत पंचमी के दिन इस राशि के जातक ऊं सरस्वत्यै नम: मंत्र की एक माला स्फटिक की माला से जप करें।
कन्या : कन्या राशि के जातकों को शिक्षा के क्षेत्र में विशेष सफलता प्राप्त होगी। राशि स्वामी की पंचम में उपस्थिति जीवन में निरंतर उन्नति प्रदान करेगी। इस राशि के जातक मां सरस्वती को नीले पुष्प अर्पित कर ऊं सरस्वत्यै नम: मंत्र की एक माला जाप करें। बच्चों को कापी-पेंसिल भेंट करें।
तुला : राशि स्वामी की मंगल के साथ उपस्थिति प्रेम के मामले में आपको सशक्त बना रही है। तृतीय भाव में शुक्र का गोचर आपके निजी जीवन के लिए उत्तम है। इस राशि के जातक बसंत पंचमी के दिन हल्के पीले रंग या श्वेत चमकदार रंग के कपड़े पहनें और मां सरस्वती को मखाने की खीर का नैवेद्य लगाएं।
वृश्चिक : इस राशि के जातकों के लिए यह बसंत पंचमी कुछ विशेष अवसर लेकर आ रही है। आपको सुख-समृद्धि प्राप्त होगी और सारे कार्य उन्नति से होंगे। प्रेम-दांपत्य के लिए समय उत्तम है। इस राशि के जातक बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती और लक्ष्मी दोनों का पूजन करें। मां लक्ष्मी को लाल पुष्पों की माला अर्पित करें।
धनु : आपका जीवन निरंतर उन्नति की ओर अग्रसर हो रहा है। कार्य-व्यवसाय आर्थिक समृद्धि प्रदान करेंगे। पारिवारिक, निजी, वैवाहिक जीवन में उत्तमता प्राप्त होगी। धनु राशि के जातक बसंत पंचमी के दिन स्वयं भी पीत वस्त्र धारण करें और इस दिन मां सरस्वती के साथ लक्ष्मी-नारायण का श्रंगार पीत पुष्पों से करें।
मकर : आपके जीवन में उन्नति प्राप्त होगी। धैर्य, संयम और पराक्रम में वृद्धि होगी। मां सरस्वती की कृपा से लेखन-पठन-पाठन के क्षेत्र में विशेष उपलब्धि प्राप्त करेंगे। मकर राशि के जातक बसंत पंचमी के दिन सरस्वती मां को नीले पुष्प अर्पित करें। गरीब बच्चों को शिक्षण सामग्री भेंट करें।
कुंभ : कुंभ राशि के जातकों के लिए बसंत पंचमी के दिन की ग्रह स्थितियां अनुकूलता प्रदान कर रही है। आपको समस्त क्षेत्रों से शुभ समाचार प्राप्त होगा और चहुंओर उन्नति होगी। बसंत पंचमी के दिन कुंभ राशि के जातक ऊं एं मंत्र की एक माला स्फटिक की माला से जाप करें, प्रत्येक कार्य में सफल होंगे।
मीन : मीन राशि के जातकों के लिए बसंत पंचमी के दिन की ग्रह स्थितियां शुभ संकेत दे रही हैं। आपके कार्य निरंतर उन्नति की ओर अग्रसर होंगे। बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती का श्रंगार पीले पुष्पों से करें और मां लक्ष्मी को कमल के पुष्प अर्पित करके शुभता की प्रार्थना करें। चहुंओर उन्नति होगी।












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