जानिए चन्दन के ज्योतिषीय और चमत्कारिक गुण
चन्दन में औषधीय गुणों के साथ-साथ ज्योतिषीय गुण भी होते हैं।
'चन्दन विष व्यापत नहीं लिपटे रहत भुजंग' अर्थात चन्दन के पेड़ में शीतलता के कारण विषधारी सर्प लिपटे रहते है किन्तु चन्दन के वृक्ष पर सर्पो के विष का प्रभाव नहीं पड़ता है। यह चन्दन की विशेषता है।
चन्दन का वृक्ष अनेक गुणों से सम्पन्न है। आप लोग चन्दन के औषधीय गुणों से शायद परिचति होंगे किन्तु चन्दन का ज्योतिष में क्या महत्व है। इससे हो सकता है अनजान हो।
आइये आज हम आपको चन्दन के ज्योतिषीय महत्व के बारे में बतलाते है।
- जिस व्यक्ति या बच्चे को नजर दोष की समस्या हो उसे चन्दन की छाल का धुऑ देने से नजर दोष दूर हो जाता है।
- नित्य चन्दन का तिलक लगाने से मन को शन्ति मिलती है एंव आज्ञा चक्र सक्रिय होकर शुभ फल देने लगता है।
- घर का वास्तु दोष दूर करने के लिए चन्दन का चूरा, अश्वगंधा और गोखरूचूर्ण में कपूर मिलकार लगातार 40 दिन तक हवन करना चाहिए।
- चन्दन वृक्ष घर की सीमा में लगा होने से परिवार में अधिक रोग नहीं आते है। वैसे चन्दन का पेड़ घर की पश्चिम या दक्षिण दिशा में लगा होना ज्यादा शुभ माना जाता है।
- किसी शुभ मुहूर्त में चन्दन की जड़ को निकालकर तत्पश्चात उसे गंगा जल से शुद्ध करके फिर फिटकरी के छोटे टुकड़े के साथ कमर में बॉधने से संभोग क्रिया में स्खलन का समय बढ़ जाता है।
- यदि आपके घर में आये दिन समस्यायेें बनी रहती है और हर कार्य में अड़चने आती है तो गुरूपुष्य नक्षत्र के एक दिन पहले चन्दन के पेड़ की जड़ पर पीले चावल, जल चढ़ाकर धूप दिखाकर आमंत्रित कर दें। उसके दूसरे दिन उसी पेड़ की थोड़ी सी लकड़ी लाकर एक लाल कपड़े में बॉधकर मुख्यद्वार पर टॉग देंने से अप्रत्याशित लाभ होता है।
- जिन व्यक्तियों का जन्म अनुराधा या उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में हुआ हो। वो लोग चन्दन का पौधा रोपकर उसकी निरन्तर सेवा करें। ऐसा करने से शनि देव प्रसन्न होकर शुभफल प्रदान करेंगे।
- शनि ग्रह से पीडि़त व्यक्ति चन्दन की जड़ को स्नान वाले जल में डालकर कम से कम 40 दिन तक स्नान करने से शनिदेव प्रसन्न होते है।
- केतु ग्रह खराब होने पर चन्दन की जड़ को अभिमन्त्रित करके गले में धारण करने से लाभ होता है।
- जिन बच्चों का पढ़ाई में मन नहीं लगता है, उन्हें चन्दन की जड़ को अभिमन्त्रित करके चॉदी के लाकेट में पहनाना चाहिए।













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