सफल मैनेजर बनने के Astro Tips
प्रबन्धन नींव की ईंट के सामान होता है। यदि नींव की ईंट मजबूत नहीं है तो उस पर बनने वाला महल बहुत टिकाऊ नहीं हो सकता है। ठीक उसी प्रकार चाहे कोई कम्पनी हो या परिवार उसका विकास प्रबन्ध पर निर्भर होता है। प्रबन्धन जितने बेहतर ढ़ंग से किया जायेगा उस कम्पनी के राजस्व में उतनी ही अच्छी वृद्धि होगी। मार्केटिंग की फील्ड से जुड़ें लोगों की यह प्रबल इच्छा होती है कि एक सफल मैनेजर बनकर उम्दा मुकाम हासिल किया जाये।
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चीजों को मैनेज करना ही मैनेजर का काम होता है। हर चीज को मैनेज करना एक कला है और इस कला में सब माहिर नहीं होते है। क्योंकि स्वंय कार्य करने से कठिन है किसी दूसरे से कार्य करवाना।
आइये जानते है कि एक सफल मैनेजर बनने में किन ग्रहों का रोल होता है
- प्रबन्धन करने में सबसे अहम रोल बुध का होता है। अगर धन या मार्केटिंग के क्षेत्र का प्रबन्ध करना है तो उसके लिए आपकी कुण्डली में बुध का बलवान होना जरूरी है। बुध अगर नीच का है या पाप ग्रहों से दृष्ट है तो आप एक सफल फाइनेंस मैनेजर नहीं बन पायेंगे।
- गुरू शिक्षा का कारक होता है। यदि आप किसी विद्यालय के मैनेजर है या बनना चाहते है तो उसके लिए गुरू ग्रह का मजबूत होना जरूरी होता है। अगर गुरू केन्द्र में बैठा है और उसका दशम भाव या दशमेश से अच्छा सम्बन्ध है तो आप शिक्षा के क्षेत्र में एक सफल मैनेजर बन सकते है।
- यदि आप रीयल स्टेट, मेडिकल व प्रशासन के क्षेत्र में सफल मैनेजर बनना चाहते है तो उसके लिए मंगल ग्रह का बलवान होना जरूरी होता है। अगर मंगल का लग्नेश, नवमेश व दशम भाव से किसी भी प्रकार अच्छा सम्बन्ध है तो इन क्षेत्रों में सफल मैनेजर साबित हो सकते है। मंगल नीच का है, पापी है, भाव सन्धि में है या पाप ग्रहों से दृष्ट है तो आप इन क्षेत्रों में अच्छी सफलता नहीं पायेंगे।
- अगर आप राजनैतिक क्षेत्र में एक सफल मैनेजर साबित होना चाहते है तो उसके लिए आपकी कुण्डली में सूर्य और शनि दोनों का मजबूत स्थिति में होना आवश्यक है। क्योंकि सूर्य व्यक्तित्व को प्रभावशाली बनाता है और शनि नीचे के लोगों को उपर के लोगों से जोड़ता है।
- यदि आप फिल्मी दुनिया के क्षेत्र के सफल मैनेजर बनना चाहते है तो शुक्र और राहु दोनों का बलवान होना आवश्यक है। शुक्र व राहु की युति दशम भाव में या दशमेश के साथ अच्छा रिलेशन हो और साथ में शुक्र व राहु नीच के न होकर अच्छी पोजीशन में बैठे हो तभी आप इस क्षेत्र में एक मैनेजर के रूप में कामयाब हो पायेंगे।
- जो लोग किसी कारपोरेट सेक्टर की कम्पनी में एक सफल मैनेजर बनने की इच्छा रखते है। उनकी कुण्डली में बुध व शुक्र का मजबूत होना नितान्त आवश्यक है। ये दोनों ग्रह केन्द्र में हो और दशम या दशमेश से इनका सीधा सम्बन्ध हो तभी कामयाबी मिलेगी।
- पेट्रोलियम कम्पनियों में सफल मैनेजर साबित होने के लिए कुण्डली में चन्द्रमा, मंगल व बुध इन तीनों ग्रहों का मजबूत होना आवश्यक होता है। क्योंकि चन्द्रमा जल तत्व का कारक है, मंगल विस्फोटक चीजों का और बुध बिजनेस का कारक है। अतः इन तीनों का आपस में रिलेशन हो और साथ में छठें भाव, दशम भाव व दशमेश से भी अच्छा सम्बन्ध हो तभी आप इस क्षेत्र में एक सफल मैनेजर बन पायेंगे।












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