भूमि का चयन करते समय इन बातों का अवश्य ध्यान रखना चाहिए
भूमि का चयन करते समय इन बातों का अवश्य ध्यान रखना चाहिए-

1- जिस भूमि के दक्षिण दिशा की ओर जल स्रोत हो तो उस भूमि पर भवन निर्माण नहीं करना चाहिए। ऐसी भूमि सूख व समृद्धिदायक नहीं होती है। इसके विपरीत जिस भूमि के उत्तर दिशा की ओर जलस्रोत हो तो ऐसी भूमि शुभ मानी जाती है। जिस भूमि के पश्चिम दिशा में जल स्रोत हो तो उस भूमि पर भवन निर्माण करने से सामान्य फल मिलता है।
2- जो भूमि उबड़-खाबड़, उॅची-नीची, टेढ़ी-मेढ़ी, फटी हुई या फिसलने वाली हो तो उस पर भवन निर्माण करने से परिवार के सदस्य रोग ग्रस्त रहते है।
3- जिस भूमि पर बांबिया, बिल आदि हो, वहां पर भवन निर्माण नहीं करना चाहिए। क्योंकि इस भूमि पर रहने वाले जातकों को हमेशा कष्ट बना रहता है।
4- जिस भूमि पर चारों ओर मल बिखरा हुआ हो, वहां दुर्गन्ध बहुत आती हो, भूमि में अस्थियां दबी हो या विषैले जीव-जन्तुओं से अक्रसन्त हो तो उस भूमि पर भवन निर्माण करना उचित नहीं होता है। ऐसी भूमि पर रहने वाले लोगों को दुःख व धनहानि होती रहती है।
5- ऊसर-भूमि या टीलों से युक्त भूमि पर भी भवन-निर्माण नहीं करना चाहिए क्योंकि यह भी उन्नति में बाधक एंव धन हानि कारक होती है।
6- भूखण्ड के पूर्व-उत्तर की ओर यदि भूमि का ढलान है, तो उत्तम भूमि मानी जाती है।
7- भूखण्ड के दक्षिण व पश्चिम दिशा में पहाड़ या उॅची चटटानें हों तो शुभ होता है।
8- भवन के ईशान कोण की ओर तालाब, नदीं, पानी की टंकी आदि के नीचे भूमि हो तो वह भूमि शुभ होती है।












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