इन साधारण उपायों से दूर कीजिये घर का वास्तु दोष
[पं. दयानंद शास्त्री] अगर आपके घर में आये दिन झगड़े होते हैं, धन टिक नहीं रहा है और कोई काम नहीं बन रहे हैं। किसी का स्वास्थ्य खराब है या किसी की नौकरी नहीं लग पा रही है। जो काम करते हैं बिगड़ जाते हैं और जीवन में निराशा भर रही है तो हो सकता है आपके घर में वास्तु दोष हो। कई बार ऐसा होता है जब हम तोड़-फोड़ कर वास्तु दोष को दूर नहीं कर सकते हैं। ऐसे में कुछ उपाय हैं, जिनसे वास्तु दोष का असर कम हो सकता है।
वास्तु दोष के प्रभाव को कम करने के लिये निम्न कार्य करें-
- घर में तुलसी के पौधे लगायें।
- घर एवं आसपास के परिसर को स्वच्छ रखें।
- घर में यथा संभव नियमित गौ मूत्र का छिड़काव करें।
- घर के अंदर सप्ताह में दो दिन कच्चे नीम पत्ती की धूनी जलाएं।
- पोंछा लगते समय पानी में नमक और फिटकड़ी मिलकर पोंछा लगाएं।
- घर में सुबह शाम कंडे को प्रज्ज्वलित कर गूगल और कपूर का धुना एवं लोबान से धूप करें।
- घर के चारों दीवार पर वास्तु शुद्धि की सात्त्विक नाम जप की पट्टियाँ लगाएँ।
- संतों के भजन, स्त्रोत्र पठन या मंत्रो की मशीन अथवा C.D. या सात्त्विक नाम जप की ध्वनि चक्रिका (C.D) चलायें।
- घर में अपने मृत पित्रों के चित्र अपनी दृष्टि के सामने न रखें।
- घर में कलह-क्लेश टालें, वास्तु देवता "तथास्तु" कहते रहते हैं अतः क्लेश से कष्ट और बढ़ता है एवं धन का नाश होता है।
- प्रसन्न एवं संतुष्ट रहें, घर के सदस्यों के मात्र प्रसन्नचित्त रहने से घर की ऊर्जा तक शुद्धि हो जाती है।
- घर में अधिक से अधिक समय, सभी कार्य करते हुए नामजप , स्तोत्र आदि का पाठ करें।
- सुबह और संध्या समय घर के सभी सदस्य मिलकर पूजा स्थलपर आरती करें।
- घर के पर्दे, दीवार, चादर इत्यादि के रंग हल्के रखें।
- घर की चादर, पर्दे या दीवारों का रंग काले, बैंगनी या गहरे रंग के न हों यह ध्यान अवश्य रखें।
- घर में सत्संग प्रवचन का आयोजन करें। रामायण पाठ, सत्यनाराण कथा, सुन्दरकाण्ड आदिक आयोजन करते रहें।













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